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Kurukshetra News: आपदा से निपटने में 756 आशा वर्करों को मिलेगी नई जिम्मेदारी
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कुरुक्षेत्र। जिले में किसी भी प्रकार की प्राकृतिक या मानव जनित आपदा के दौरान सहायता और राहत कार्यों को मजबूत बनाने के लिए अब महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पहल के तहत सबसे पहले 756 आशा कार्यकर्ताओं को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण देकर पारंगत किया जाएगा, ताकि वे आपात स्थिति में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की सहायता कर सकें। जिला प्रशासन ने इस संबंध में तैयारियां शुरू कर दी हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य गांव स्तर तक आपदा प्रबंधन की क्षमता को मजबूत करना है। प्रशिक्षण के दौरान आशा कार्यकर्ताओं को आपदा के समय प्राथमिक सहायता, घायलों की देखभाल, लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, संचार व्यवस्था बनाए रखने और राहत कार्यों में सहयोग करने की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए 0.91 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
प्रदेश सरकार ने हाल ही में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं का शुभारंभ किया है। इन्हीं में आशा कार्यकर्ताओं के लिए आपदा प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शामिल है। इस योजना के तहत प्रदेशभर में आशा कार्यकर्ताओं को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षित किया जाएगा।
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जल्द शुरू होगा इस पर काम शुरू : डॉ अंजलि
जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. अंजलि ने कहा कि योजना जैसे ही बनकर आएगी स्वास्थ्य विभाग की मदद से इस पर काम किया जाएगा। आशा कार्यकर्ता गांव स्तर पर स्थानीय लोगों से सीधा संपर्क रहता है। ऐसे में किसी भी आपदा या आपातकालीन स्थिति में वे शुरुआती स्तर पर प्रभावी भूमिका निभा सकती हैं और राहत कार्यों को गति दे सकती हैं। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद आशा कार्यकर्ताओं को आपदा के समय आवश्यक सावधानियों, जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान, लोगों को जागरूक करने और प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य गांव स्तर तक आपदा प्रबंधन की क्षमता को मजबूत करना है। प्रशिक्षण के दौरान आशा कार्यकर्ताओं को आपदा के समय प्राथमिक सहायता, घायलों की देखभाल, लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, संचार व्यवस्था बनाए रखने और राहत कार्यों में सहयोग करने की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए 0.91 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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प्रदेश सरकार ने हाल ही में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं का शुभारंभ किया है। इन्हीं में आशा कार्यकर्ताओं के लिए आपदा प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शामिल है। इस योजना के तहत प्रदेशभर में आशा कार्यकर्ताओं को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षित किया जाएगा।
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जल्द शुरू होगा इस पर काम शुरू : डॉ अंजलि
जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. अंजलि ने कहा कि योजना जैसे ही बनकर आएगी स्वास्थ्य विभाग की मदद से इस पर काम किया जाएगा। आशा कार्यकर्ता गांव स्तर पर स्थानीय लोगों से सीधा संपर्क रहता है। ऐसे में किसी भी आपदा या आपातकालीन स्थिति में वे शुरुआती स्तर पर प्रभावी भूमिका निभा सकती हैं और राहत कार्यों को गति दे सकती हैं। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद आशा कार्यकर्ताओं को आपदा के समय आवश्यक सावधानियों, जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान, लोगों को जागरूक करने और प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।