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प्रदेश में किसी भी प्रकार के सांप्रदायिक दंगे से निपटने की कमान आरएएफ को
Updated Sun, 22 Jul 2018 06:05 PM IST
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प्रदेश में दंगों से निपटने की कमान आरएएफ को
- 51 जवानों की बटालियन प्रदेश की भौगोलिक स्थिति का अवलोकन करने फील्ड में उतरी
- पहले चरण में कुरुक्षेत्र, हिसार, सिरसा व नूंह का किया गया चयन
सेवा सिंह
कुरुक्षेत्र। प्रदेश में दंगों से निपटने की कमान प्रदेश सरकार ने आरएएफ को सौंपी है। जाट आरक्षण आंदोलन, डेरा सच्चा सौदा प्रकरण जैसी हिंसा प्रदेश में दोबारा न हो, इसके लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। आरएएफ 194 बटालियन ने अपनी एक्सरसाइज भी शुरू कर दी है। बटालियन सबसे पहले प्रदेश की भौगोलिक स्थिति का अवलोकन करने के लिए फील्ड में उतरी है।
पहले चरण में इस बटालियन ने कुरुक्षेत्र, हिसार, सिरसा व नूंह का चयन किया है। यहां पिछले कुछ वर्षों से लेकर वर्तमान में पूरे हालात की जानकारी जुटाई जा रही। पिछले कुछ वर्षों में हुए मामलों को लेकर भी तथ्य जुटाए जा रहे हैं। इसी सिलसिले में 51 जवानों की यह बटालियन 16 जुलाई को कुरुक्षेत्र पहुंची। एक सप्ताह से टीम जिले के हर ब्लॉक व ग्रामीण क्षेत्र में जाकर भौगोलिक स्थिति का आंकलन कर रही है। स्थानीय पुलिस के साथ यह बटालियन सबसे अधिक संवेदनशील क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रही है।
दंगे की सूचना मिलेगी तो बेहद कम समय तक पहुंच जाएगी बटालियन : संजय कुमार
बटालियन के असिस्टेंट कमांडर संजय कुमार ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में बताया कि भौगोलिक स्थिति का पूरी बारीकी से अवलोकन किया गया है। विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है, ताकि भविष्य में दंगे जैसे हालात बनें तो तत्काल पहुंचा जा सके। नक्शे से लेकर पूरे क्षेत्रीय डायग्राम सहित रिकॉर्ड भी तैयार किया गया है। बटालियन जरूरत पड़ने पर दिल्ली हेडक्वार्टर से बेहद कम समय में मौके पर पहुंच सकेगी। यह पहला मौका है, जब हरियाणा सरकार ने इस तरह के हालात से निपटने के लिए केंद्र सरकार के माध्यम से आरएएफ को पूरा जिम्मा सौंपा है।
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पहले किस प्रकार के हो चुके हैं दंगे, जुटाई जा रही जानकारी : एसआई
बटालियन की स्थानीय स्तर पर अगुवाई कर रहे हरियाणा पुलिस के एसआई समर सिंह का कहना है कि संबंधित क्षेत्रों में पहले किस-किस प्रकार के दंगे हो चुके हैं और क्षेत्र में किस प्रकार का अपराध अधिक है, किस समुदाय की कितनी संख्या है और दंगों के पीछे क्या कारण रहे हैं, यह सारी जानकारी आएएएफ बटालियन जुटा रही है। इसका पूरा रिकॉर्ड व्यवस्थित रखा जाएगा, ताकि उसी अनुसार हालात पर नियंत्रण पाया जा सके।
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प्रदेश में दंगों से निपटने की कमान आरएएफ को
- 51 जवानों की बटालियन प्रदेश की भौगोलिक स्थिति का अवलोकन करने फील्ड में उतरी
- पहले चरण में कुरुक्षेत्र, हिसार, सिरसा व नूंह का किया गया चयन
सेवा सिंह
कुरुक्षेत्र। प्रदेश में दंगों से निपटने की कमान प्रदेश सरकार ने आरएएफ को सौंपी है। जाट आरक्षण आंदोलन, डेरा सच्चा सौदा प्रकरण जैसी हिंसा प्रदेश में दोबारा न हो, इसके लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। आरएएफ 194 बटालियन ने अपनी एक्सरसाइज भी शुरू कर दी है। बटालियन सबसे पहले प्रदेश की भौगोलिक स्थिति का अवलोकन करने के लिए फील्ड में उतरी है।
पहले चरण में इस बटालियन ने कुरुक्षेत्र, हिसार, सिरसा व नूंह का चयन किया है। यहां पिछले कुछ वर्षों से लेकर वर्तमान में पूरे हालात की जानकारी जुटाई जा रही। पिछले कुछ वर्षों में हुए मामलों को लेकर भी तथ्य जुटाए जा रहे हैं। इसी सिलसिले में 51 जवानों की यह बटालियन 16 जुलाई को कुरुक्षेत्र पहुंची। एक सप्ताह से टीम जिले के हर ब्लॉक व ग्रामीण क्षेत्र में जाकर भौगोलिक स्थिति का आंकलन कर रही है। स्थानीय पुलिस के साथ यह बटालियन सबसे अधिक संवेदनशील क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रही है।
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दंगे की सूचना मिलेगी तो बेहद कम समय तक पहुंच जाएगी बटालियन : संजय कुमार
बटालियन के असिस्टेंट कमांडर संजय कुमार ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में बताया कि भौगोलिक स्थिति का पूरी बारीकी से अवलोकन किया गया है। विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है, ताकि भविष्य में दंगे जैसे हालात बनें तो तत्काल पहुंचा जा सके। नक्शे से लेकर पूरे क्षेत्रीय डायग्राम सहित रिकॉर्ड भी तैयार किया गया है। बटालियन जरूरत पड़ने पर दिल्ली हेडक्वार्टर से बेहद कम समय में मौके पर पहुंच सकेगी। यह पहला मौका है, जब हरियाणा सरकार ने इस तरह के हालात से निपटने के लिए केंद्र सरकार के माध्यम से आरएएफ को पूरा जिम्मा सौंपा है।
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पहले किस प्रकार के हो चुके हैं दंगे, जुटाई जा रही जानकारी : एसआई
बटालियन की स्थानीय स्तर पर अगुवाई कर रहे हरियाणा पुलिस के एसआई समर सिंह का कहना है कि संबंधित क्षेत्रों में पहले किस-किस प्रकार के दंगे हो चुके हैं और क्षेत्र में किस प्रकार का अपराध अधिक है, किस समुदाय की कितनी संख्या है और दंगों के पीछे क्या कारण रहे हैं, यह सारी जानकारी आएएएफ बटालियन जुटा रही है। इसका पूरा रिकॉर्ड व्यवस्थित रखा जाएगा, ताकि उसी अनुसार हालात पर नियंत्रण पाया जा सके।