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एनएचएम कर्मियों की हड़ताल: अब 72 घंटे के लिए अनशन पर बैठी तीन स्टाफ नर्स

Sat, 23 Feb 2019 01:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 23 Feb 2019 01:03 AM IST
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एनएचएम कर्मियों की हड़ताल: अब 72 घंटे के लिए अनशन पर बैठी तीन स्टाफ नर्स

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कुरुक्षेत्र। सरकार द्वारा हड़ताली एनएचएम कर्मियों पर कड़ा रुख अपनाए जाने से रोषित संघ के सदस्यों ने 72 घंटे के लिए भूख हड़ताल शुरू कर दी है। शुक्रवार को जिलेभर के 245 एनएचएम कर्मी हड़ताल पर रहे। इस दौरान भूख हड़ताल करने वालों में स्टाफ नर्स एवं संघ की राज्य सहसचिव कुलविंदर कौर, स्टाफ नर्स मलकीत तथा सुनीता शामिल रहीं।
जिलेभर के एनएचएम कर्मियों ने सुबह ही एलएनजेपी अस्पताल परिसर में पहुंच सरकार तथा स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया। संघ की सहसचिव कुलविंदर कौर ने कहा कि कर्मचारी पक्की नौकरी सहित अन्य विभिन्न मांगों को लेकर पांच फरवरी से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों को विचार करने की बजाय अड़ियल रवैया अपनाए हुए है। बोले कि यदि सरकार जल्द उनकी मांगों को लागू नहीं करती तो मजबूरन सीएम कार्यालय का घेराव करेंगे। भूख हड़ताल पर बैठी कर्मियों ने कहा कि जब स्वास्थ्य विभाग तीन कर्मियों को टर्मिनेट कर सकता है तो सभी कर्मचारियों को क्यों नहीं कर सकता। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार से उनकी मांग है कि सभी कर्मियों को हटा दिया जाए। हड़ताली कर्मी मांगें पूरी न होने तक काम पर लौटने को तैयार नहीं है। बता दें कि पिछले 18 दिनों से हड़ताल पर चले रहे एनएचएम कर्मियों की वजह से जिलेभर में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई हुईं।
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वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का दावा है कि हड़ताली कर्मियों की वजह से स्वास्थ्य सेवाओं पर खास असर नहीं पड़ रहा। इसके अलावा विभाग ने एंबुलेंस की किल्लत को देखते हुए शुक्रवार से रोडवेज कर्मियों की मदद लेने का मांग की थी, लेकिन शुक्रवार को समाचार लिखे जाने रोडवेज की ओर से कोई भी कर्मचारी एंबुुलेंस चलाने के लिए नहीं पहुंचा था। हालांकि हड़ताल के चलते जिलेभर में स्वास्थ्य सेवाएं बेहाल हो चुकी हैं, जिसकी वजह से अस्पताल एवं स्वास्थ्य केंद्रों में उपचार के लिए पहुंच रहे मरीज और तीमारदार भारी परेशानी झेलने को मजबूर हैं। एनएचएम के नोडल अधिकारी उपसिविल सर्जन डॉ. एनपी सिंह ने कहा कि सरकार ने कर्मियों को सुरक्षा सर्विस प्रदान करने के लिए एक जनवरी-2018 से सर्विस बाय लॉज बना दिए हैं। कर्मचारियों की वेतन विसंगितयों को भी दूर कर दिया गया है। बावजूद इसके कर्मचारी हड़ताल पर अड़िग हैं। कर्मचारी जल्द काम पर नहीं लौटे तो विभाग के उच्चाधिकारियों के आदेशानुसार कार्रवाई होगी।
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