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मुख्यमंत्री के सेवाभाव ने चित्रित किया सुदामा-कृष्ण प्रसंग
Updated Fri, 10 Nov 2017 11:51 PM IST
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मोची का हाल-चाल पूछ दिए 50 हजार
शाहाबाद।
अमूमन जैसे दृश्य चुनाव के समय देखने को मिलते हैं,उससे काफी पहले ऐसा दृश्य शाहाबाद की मार्केट में तब देखने को मिला,जब मुख्यमंत्री ने अपना काफिला रूकवाकर सड़क किनारे बैठे एक मोची को गले लगा लिया। उन्होने मोची का हालचाल पूछा और उसके परिवार के बारे में भी जानकारी ली,लेकिन जो दर्द मोची ने व्यक्त किया,उसे सुनकर मुख्यमंत्री ने अपने निजी कोष से 50 हजार रुपये देने की घोषणा की।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर व राज्यमंत्री कृष्ण बेदी ने भाजपा नेता अरूण कंसल के निवास पर जाना था। जब मुख्यमंत्री की गाड़ी आर्य कालेज रोड पर पहुंची तो प्रताप मंडी चौंक पर मुख्ख्यत्री ने अपनी गाड़ी अचानक रूकवाई और वहां बैठकर जूते गांठ रहे मोची अजमेर कुमार के पास पहुंच गए। मुख्यमंत्री ने न सिर्फ मोची को गले से लगाया, बल्कि परिजनों का हॉल-चाल भी पूछा। जिस पर मोची अजमेर ने मुख्यमंत्री को बताया कि उसके बेटे का निधन हो चुका है और वह यह काम करके अपने पोतों का पालन-पोषण कर रहा है। इस पर मुख्यमंत्री ने अपने ऐच्छिक निधि कोष से मोची को 50 हजार रूपए देने की घोषणा की और साथ ही बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था करने के लिए भी कहा। सेवाभाव से भरे इस दृश्य की सभी ने सराहना की और लोगों ने मुख्यमंत्री हो तो ऐसा के शब्द कह कर मुख्यमंत्री की तारीफ की। इस अवसर पर राज्यमंत्री कृष्ण बेदी भी मौजूद रहे।
बाक्स
सेवा मेरा मर्म, सेवा मेरा कर्म : सीएम
मोची से हाल-चाल जानने के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने दो शब्दों में कहा कि सेवा ही उनका मर्म है और सेवा ही मेरा कर्म है। उन्होंने कहा कि वह जनसेवक हैं और जनसेवा करना ही उनका परम कर्तव्य है।
बाक्स
सीएम बोले बेदी है मेरी जिरोक्स कॉपी
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इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने लाव लश्कर को दूर रखा और अन्य लोगों से भी रूबरू होकर हाल-चाल जाना। उन्होंने कहा कि राज्यमंत्री कृष्ण बेदी उनकी ही जिरोक्स कॉपी है, इसलिए क्षेत्र के विकास में धन की कमी नहीं आने दी जाएगी। मुख्यमंत्री के इन शब्दों को सुनकर राज्यमंत्री कृष्ण बेदी भी मंद-मंद मुस्करा रहे थे।
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शाहाबाद।
अमूमन जैसे दृश्य चुनाव के समय देखने को मिलते हैं,उससे काफी पहले ऐसा दृश्य शाहाबाद की मार्केट में तब देखने को मिला,जब मुख्यमंत्री ने अपना काफिला रूकवाकर सड़क किनारे बैठे एक मोची को गले लगा लिया। उन्होने मोची का हालचाल पूछा और उसके परिवार के बारे में भी जानकारी ली,लेकिन जो दर्द मोची ने व्यक्त किया,उसे सुनकर मुख्यमंत्री ने अपने निजी कोष से 50 हजार रुपये देने की घोषणा की।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर व राज्यमंत्री कृष्ण बेदी ने भाजपा नेता अरूण कंसल के निवास पर जाना था। जब मुख्यमंत्री की गाड़ी आर्य कालेज रोड पर पहुंची तो प्रताप मंडी चौंक पर मुख्ख्यत्री ने अपनी गाड़ी अचानक रूकवाई और वहां बैठकर जूते गांठ रहे मोची अजमेर कुमार के पास पहुंच गए। मुख्यमंत्री ने न सिर्फ मोची को गले से लगाया, बल्कि परिजनों का हॉल-चाल भी पूछा। जिस पर मोची अजमेर ने मुख्यमंत्री को बताया कि उसके बेटे का निधन हो चुका है और वह यह काम करके अपने पोतों का पालन-पोषण कर रहा है। इस पर मुख्यमंत्री ने अपने ऐच्छिक निधि कोष से मोची को 50 हजार रूपए देने की घोषणा की और साथ ही बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था करने के लिए भी कहा। सेवाभाव से भरे इस दृश्य की सभी ने सराहना की और लोगों ने मुख्यमंत्री हो तो ऐसा के शब्द कह कर मुख्यमंत्री की तारीफ की। इस अवसर पर राज्यमंत्री कृष्ण बेदी भी मौजूद रहे।
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सेवा मेरा मर्म, सेवा मेरा कर्म : सीएम
मोची से हाल-चाल जानने के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने दो शब्दों में कहा कि सेवा ही उनका मर्म है और सेवा ही मेरा कर्म है। उन्होंने कहा कि वह जनसेवक हैं और जनसेवा करना ही उनका परम कर्तव्य है।
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सीएम बोले बेदी है मेरी जिरोक्स कॉपी
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इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने लाव लश्कर को दूर रखा और अन्य लोगों से भी रूबरू होकर हाल-चाल जाना। उन्होंने कहा कि राज्यमंत्री कृष्ण बेदी उनकी ही जिरोक्स कॉपी है, इसलिए क्षेत्र के विकास में धन की कमी नहीं आने दी जाएगी। मुख्यमंत्री के इन शब्दों को सुनकर राज्यमंत्री कृष्ण बेदी भी मंद-मंद मुस्करा रहे थे।
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