{"_id":"64444aa3c6372afbd10888f4","slug":"will-guide-students-to-build-future-karnal-news-c-18-knl1008-99448-2023-04-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: भविष्य निर्माण के लिए विद्यार्थियों का करेंगे मार्गदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: भविष्य निर्माण के लिए विद्यार्थियों का करेंगे मार्गदर्शन
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। स्कूल में 10वीं या 12वीं की पढ़ाई के बाद विद्यार्थी आगे क्या करें। इसके लिए अब उन्हें स्कूल में गाइड किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से विशेष रूप से प्रोजेक्ट प्रतिभा मंथन शुरू किया गया है। जिसमें शिक्षक या विशेषज्ञों की मदद से प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की प्रतिभा को और निखारकर उनके भविष्य के लिए राह दिखाई जाएगी।
प्रोजेक्ट के तहत राजकीय और निजी स्कूलों में कॅरियर काउंसिलिंग के लिए क्लब बनेंगे। इन क्लबों के माध्यम से छात्रों को कॅरियर चुनाव के लिए सक्षम बनाने व नए व्यवसाय की जानकारी देंगे। जिले में प्रोजेक्ट सुचारू रूप से चलाने के लिए स्कूलों से शिक्षकों का चयन किया जाएगा। क्लब में एक वरिष्ठ शिक्षक, चार शिक्षक सदस्य, एक महिला शिक्षक व स्कूल के विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। जो स्वेच्छा से क्लब के कार्यों में अपना योगदान देंगे। यह कार्यक्रम विशेष रूप से जिले में उपलब्ध संसाधन, व्यवसाय, भौगोलिक स्थिति तथा युवाओं के रुझान को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
प्रत्येक क्लब का होगा अपना लक्ष्य
क्लब के माध्यम से छात्रों को नौकरी के अवसरों के लिए भी तैयार किया जाएगा। प्रत्येक क्लब का अपना लक्ष्य होगा। इस पर वह विकसित होगा और कार्य योजना लागू करेगा। इसके तहत छात्रों को कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों को गतिविधियों द्वारा उनकी रुचि के व्यवसाय के बारे में जानकारी दी जाएगी।
विज्ञापन
स्कूल मुखिया भी ले सकेंगे भाग
प्रोजेक्ट में सभी राजकीय व निजी स्कूलों के लगभग 35 हजार बच्चों से विभिन्न उभरते व्यवसाय, स्वरोजगार, विभिन्न माध्यम जिनके जरिए बच्चे कॅरियर चुनाव कर सकें, इसकी जानकारी साझी की जाएगी। इसी कड़ी में विद्यालय प्राचार्यों व मुख्याध्यापकों के लिए खंड स्तर पर ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा। क्लब में स्कूल प्रिंसिपल और मुख्याध्यापक भी भाग ले सकेंगे।
वर्जन
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है युवा के कौशल की पहचान कर उसे अवसर की जानकारी देना जिससे वह सही कॅरियर का चुनाव कर सकें। शिक्षा विभाग की अच्छी पहल है विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई में भी मदद मिलेगी। - राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी।
विज्ञापन
करनाल। स्कूल में 10वीं या 12वीं की पढ़ाई के बाद विद्यार्थी आगे क्या करें। इसके लिए अब उन्हें स्कूल में गाइड किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से विशेष रूप से प्रोजेक्ट प्रतिभा मंथन शुरू किया गया है। जिसमें शिक्षक या विशेषज्ञों की मदद से प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की प्रतिभा को और निखारकर उनके भविष्य के लिए राह दिखाई जाएगी।
प्रोजेक्ट के तहत राजकीय और निजी स्कूलों में कॅरियर काउंसिलिंग के लिए क्लब बनेंगे। इन क्लबों के माध्यम से छात्रों को कॅरियर चुनाव के लिए सक्षम बनाने व नए व्यवसाय की जानकारी देंगे। जिले में प्रोजेक्ट सुचारू रूप से चलाने के लिए स्कूलों से शिक्षकों का चयन किया जाएगा। क्लब में एक वरिष्ठ शिक्षक, चार शिक्षक सदस्य, एक महिला शिक्षक व स्कूल के विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। जो स्वेच्छा से क्लब के कार्यों में अपना योगदान देंगे। यह कार्यक्रम विशेष रूप से जिले में उपलब्ध संसाधन, व्यवसाय, भौगोलिक स्थिति तथा युवाओं के रुझान को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
विज्ञापन
प्रत्येक क्लब का होगा अपना लक्ष्य
क्लब के माध्यम से छात्रों को नौकरी के अवसरों के लिए भी तैयार किया जाएगा। प्रत्येक क्लब का अपना लक्ष्य होगा। इस पर वह विकसित होगा और कार्य योजना लागू करेगा। इसके तहत छात्रों को कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों को गतिविधियों द्वारा उनकी रुचि के व्यवसाय के बारे में जानकारी दी जाएगी।
विज्ञापन
स्कूल मुखिया भी ले सकेंगे भाग
प्रोजेक्ट में सभी राजकीय व निजी स्कूलों के लगभग 35 हजार बच्चों से विभिन्न उभरते व्यवसाय, स्वरोजगार, विभिन्न माध्यम जिनके जरिए बच्चे कॅरियर चुनाव कर सकें, इसकी जानकारी साझी की जाएगी। इसी कड़ी में विद्यालय प्राचार्यों व मुख्याध्यापकों के लिए खंड स्तर पर ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा। क्लब में स्कूल प्रिंसिपल और मुख्याध्यापक भी भाग ले सकेंगे।
वर्जन
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है युवा के कौशल की पहचान कर उसे अवसर की जानकारी देना जिससे वह सही कॅरियर का चुनाव कर सकें। शिक्षा विभाग की अच्छी पहल है विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई में भी मदद मिलेगी। - राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी।