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Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   The villagers were frozen all the way to Delhi

ग्रामीणों ने जाम किए दिल्ली के सारे रास्ते

Fri, 30 May 2014 11:45 PM IST
करनाल
करनाल Updated Fri, 30 May 2014 11:45 PM IST
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कस्बे के एक गांव में छात्रा के साथ हुए दुराचार के मामले
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को चार दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट गया और उन्होंने शुक्रवार को शहर में प्रदर्शन कर पुलिस स्टेशन का घेराव कर पुलिस प्रशासन व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

पुलिस की ओर से कोई ठोस आश्वासन न मिलने पर ग्रामीणों, राजनीतिक, धार्मिक व सामाजिक संगठनों ने हाईवे के सभी मार्गों पर जाम लगाकर दिल्ली व चंडीगढ़ जाने वाले रास्ते बंद कर दिए। जाम लगभग दो घंटे तक लगा रहा। जाम लगने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में मामले की सूचना जिला पुलिस कप्तान को दी गई।

एसपी अभिषेक गर्ग मौके पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों को चौबीस घंटे में आरोपी को गिरफ्तार करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। ग्रामीणों ने चेताया कि अगर पुलिस प्रशासन ने समयावधि के दौरान आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।

पुलिस की ढीली कार्रवाई व अस्पताल में छात्रा का ठीक प्रकार से इलाज न होने से छात्रा के परिजनों के चेहरे पर गुस्सा साफ नजर आ रहा था। चार दिन बीतने के बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर ग्रामीण ट्रैक्टर ट्रॉलियों में घरौंडा पहुंचे। ग्रामीणों ने फुरलक फाटक से अपना प्रदर्शन शुरू  करके शहर के मुख्य मार्ग रेलवे रोड, भीष्म मार्ग, मुख्य बाजार से होते हुए पुलिस स्टेशन पर पहुंचे और पुलिस स्टेशन को घेराव कर सर्विस लेन पर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी।

डीएसपी राजकुमार शर्मा व थाना प्रभारी गुरविंद्र सिंह ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने उनकी एक न सुनी। ग्रामीण पॉली हाउस के सामने पहुंच गए और उन्होंने दोनो सर्विस लेन व ओवरब्रिज के दोनों नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। जाम लगने से दिल्ली और चंडीगढ़ के सभी वाहनों की ब्रेक लग गई। लगभग दो घंटे तक जाम लगने से वाहनों की लंबी कतार लग गईं।

इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में पुलिस अधिकारियों ने इसकी सूचना एसपी को दी। एसपी अभिषेक गर्ग घरौंडा पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। काफी जद्दोजहद के बाद एसपी अभिषेक गर्ग ने आरोपी को 24 घंटे में गिरफ्तार करने का ग्रामीणों को आश्वासन दिया। एसपी के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया।

मंगलवार को दोपहर बाद लगभग दो बजे आठ वर्षीय छात्रा छुट्टी होने के बाद अपने घर अपनी सहेलियों के साथ पैदल आ रही थी। कोई अज्ञात वाहन चालक स्कूल से कुछ दूरी से ही छात्रा का अपहरण कर उसे लेकर फरार हो गया। गांव मूनक के पास अपहरणकर्ता ने उसके साथ दुराचार करके झाड़ियों में फेंक कर चला गया। पुलिस ने दो घंटे के बाद छात्रा को बरामद कर लिया, लेकिन आरोपी फरार हो गया। छात्रा का रक्तरसाव शुरू हो गया जिससे छात्रा की हालत नाजुक होने के कारण उसे स्थानीय सामुदायिक केंद्र में भर्ती कराया गया, लेकिन उसकी स्थिति और बिगड़ गई, जिससे उसे करनाल ट्रामा सेंटर भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए रात को ही चार टीमें गठित कर दी थी। टीमों ने पूरी रात पूरे क्षेत्र को खंगाला, लेकिन कुछ भी हासिल नहीं हो सका। पीड़िता के परिजनों व ग्रामीणों का कहना है कि उनकी मासूम बच्ची के साथ दुराचार की घटना को चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अभी तक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। पुलिस केवल आश्वासन पर आश्वासन दे रही है। उनका कहना है कि जब तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वे जाम नहीं खालेंगे। जाम की सूचना मिलते ही एसपी अभिषेक गर्ग, तहसीलदार निर्मला दहिया, नायब तहसीलदार, बीडीपीओ कुलजीत सिंह दहिया, डीएसपी राजकुमार शर्मा सहित आसपास के पुलिस स्टेशनों के थाना प्रभारी सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। दो घंटे तक ग्रामीणों ने किसी भी प्रशासनिक अधिकारी की बात नहीं सुनी। प्रदर्शनकारी महिला गर्मी की परवाह न करते हुए सड़क पर बैठी रहीं। एसपी अभिषेक गर्ग ने ग्रामीणों को आश्वासन देकर लोगों को शांत किया।

मासूम के दर्द पर राजनीति
जाम में हलका विधायक नरेंद्र सांगवान, कांग्रेस युवा नेता विरेंद्र सिंह राठौर, पूर्व विधायक रेखा राणा, भाजपा मंडल प्रधान सुदर्शन जुनेजा, समाज कल्याण दल के प्रदेश अध्यक्ष श्याम सुंदर धीमान सहित शहर के सामाजिक व धार्मिक संस्थाएं मौके पर पहुंच गए और उन्होंने इस कांड की भर्त्सना की और आरोपी की शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की। सभी राजनेताओं ने कहा कि इस मामले में ग्रामीणों को न्याय दिलवाने के लिए संघर्ष करेंगे, वहीं कांग्रेस युवा नेता विरेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि अगर छात्रा के परिजनों का न्याय नहीं मिला तो वे युवा कांग्रेस के साथ आंदोलन करेंगे।

पानी के लिए तरसे यात्री
जाम के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। तपती गर्मी के कारण सभी यात्रियों के गले सूख रहे थे और पानी के लिए इधर-उधर भटकते रहे, लेकिन पानी कहीं दिखाई नहीं दिया। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पानी की किल्लत होने के कारण सर्विस लेन मार्केट ने ठंडे मीठे पानी की छबील लगाई, जिससे यात्रियों को राहत की सांस महसूस की।

छोटे मार्गों पर भी लगा जाम
लंबा जाम लगने के कारण वाहन चालकों ने छोटे मार्गों से अपने वाहन निकालने शुरू कर दिए, लेकिन सभी मार्गों पर वाहनों की कतार लगने से छोटे मार्गों पर जाम लग गए। इससे दूरदराज के वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई घंटों के बाद वाहन हाईवे पर पहुंच पाए, वहीं जाम खुलने के बाद भी यातायात को सुचारु रूप से करने के लिए पुलिस को भारी मशक्कत का सामना करना पड़ा।


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