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Karnal News: बायोफ्यूल का वेस्ट मिलने से बंजर होने लगी जमीन

Fri, 13 Feb 2026 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Fri, 13 Feb 2026 01:46 AM IST
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The land started becoming barren due to the discovery of biofuel waste.
इंद्री। बायोफ्यूल का वेस्ट मिलने से कादराबाद सहित अन्य गांवों में जमीन बंजर होने लगी है। साथ ही ग्रामीण भी सांस, दमा और आंखों से संबंधित दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। क्योंकि कादराबाद गांव के पास इंद्री-कुरुक्षेत्र रोड पर स्थित नक्षत्रा बायोफ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड फैक्टरी से निकलने वाले धुएं में कालिख हवा में मिलने लगी है। सड़क किनारे भी कालिख के ढेर लगे हैं जो हवा में उड़ते हैं। इसके अलावा फैक्टरी का कैमिकल युक्त पानी भी सीधे खेतों व जमीन में जा रहा है, जिससे पानी भी प्रभावित होने लगा है।
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ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री से निकलने वाले गंदे पानी को सड़क पर निकाला जा रहा है। इतना ही नहीं वेस्ट के रूप में निकलने वाली राख को भी सड़क के किनारे डाला जा रहा है, जिस कारण सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों व आस पास के किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वाहनों के आवागमन से उड़ने वाली राख के कण आंंखों में जाने के कारण दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। इस समस्या को लेकर करीब आठ गांवों के लोगों ने दो बार फैक्टरी के समक्ष धरना प्रदर्शन भी किया है। बुधवार को भी दो घंटे तक हंगामा काटा गया था।
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10 एकड़ में खड़ी फसल खराब
फैक्ट्री के पीछे ठेके पर 12 एकड़ जमीन पर खेती कर रहे किसान अंग्रेज सिंह ने बताया कि पिछले दिनों फैक्ट्री का रसायनयुक्त गंदा पानी उनके खेतों में छोड़ दिया गया, जिस कारण उनकी 10 एकड़ में खड़ी धान की सारी फसल तबाह हो गई। उन्होंने 80 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से जुताई के लिए यह जमीन ठेके पर ली थी। शिकायत के बाद फैक्ट्री मालिकों ने मुआवजे के नाम पर उन्हें केवल पच्चीस हजार रुपये पकड़ाकर चलता कर दिया। आरोप है कि फैक्टरी का गंदा पानी जमीन के अंदर डाला जा रहा है। जहरीले पानी के कारण जमीन अब कृषि लायक नहीं बची है। 11 एकड़ भूमि पर बनी नक्षत्रा बायोफ्यूल्स फैक्ट्री 120 किलोलीटर प्रतिदिन क्षमता वाली ग्रेन-बेस्ड डिस्टिलरी है, जो इथेनॉल उत्पादन करती है। यह एथेनॉल पेट्रोल व डीजल में मिलाया जाता है। मई 2025 में हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने इसका उद्घाटन किया था। कंपनी का पंजीकरण 10 अगस्त 2021 को दिल्ली में के अंतर्गत हुआ।
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ग्रामीणों का दर्द-

- तैयार फसल पर राख
खेतों में गेहूं की फसल पकने को तैयार है। दानों पर दिन रात फैक्ट्री से निकलने वाली काली राख गिर रही है। यही अनाज जब हम खाएंगे तो हमारा क्या हाल होगा।
- विजय चोपड़ा



- नजदीकी लोग हुए बीमार
खेतों में लगाई गई सब्जियां खराब हो रही हैं। जमीन के ऊपर काली राख और जमीन के नीचे जहरीला पानी आने वाले समय में फैक्टरी के आसपास के हर गांव के लोग बीमार मिलेंगे।

- कुलदीप सिंह

समस्या की जांच के लिए बायलर लगाने वाले वाली कंपनी के इंजीनियर बुलाए गए हैं। दो दिन में समस्या हल कर दी जाएगी। अगर फिर भी किसानों व ग्रामीणों को कोई समस्या आई तो दोबारा बैठक कर समस्या का हल करने का प्रयास किया जाएगा।
- अंकिता अग्रवाल, निदेशक, नक्षत्रा बायोफ्यूल्स
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