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Karnal News: कालाबाजारी पर सख्ती... पंप संचालकों को अब उधार में पेट्रोल और डीजल देना किया बंद

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 27 Mar 2026 02:39 AM IST
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Strict action against black marketing... now stop giving petrol and diesel on credit to pump operators
गाड़ी में सीएनजी डलवाता वाहन चालक संवाद
गगन तलवार
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करनाल। पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण एलपीजी की किल्लत के बीच पेट्रोल और डीजल की कालाबाजारी न हो जाए इसके लिए तेल कंपनियों ने भी सख्ती शुरू कर दी है। अब किसी भी पेट्रोल पंप को कंपनियों की ओर से उनकी दैनिक खपत के हिसाब से तीन दिन से ज्यादा का पेट्रोल और डीजल का स्टॉक नहीं दिया जा रहा है। जितना ईधन रोजाना खपता है, उसी के अनुसार नई आपूर्ति दी जा रही है।
इसके अलावा ईधन कंपनियों ने पेट्रोल पंप संचालकों के लिए अब तक चली आ रही क्रेडिट लिमिट को भी खत्म कर दिया है यानी अब पंप संचालकों को उधार में पेट्रोल और डीजल नहीं दिया जा रहा है। वे जितना भुगतान एडवांस में करेंगे उतना ही फ्यूल लेकर गाड़ी उनके पंप पर पहुंचेगी। उधार बंद होने के कारण छोटे पेट्रोल पंप संचालकों को दिक्कत आनी शुरू हो गई है।
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जिले में 252 पेट्रोल पंप
नायरा पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष राजवीर चौहान का कहना है कि कंपनियों की ओर से पहले पंप संचालकों को एक करोड़ या दैनिक खपत के हिसाब से क्रेडिट लिमिट या उधार दिया जाता था। अब गैस किल्लत के बीच में यह व्यवस्था बंद हो गई है। ऐसे में छोटे पंप संचालकों के लिए परेशानी खड़ी हो गई है। प्रदेश में करीब तीन हजार पेट्रोल पंप हैं, जहां रोजाना 40 लाख लीटर से ज्यादा की रोजाना की पेट्रोल और डीजल की खपत है। करनाल जिले में 252 पेट्रोल पंप संचालित हैं, जिनसे करीब ढाई लाख लीटर तक पेट्रोल की लागत है।
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बीपीसीएल और एचपीसीएल के पंपों पर सख्ती ज्यादा
नेशनल हाईवे-44 पर शामगढ़ के फिलिंग स्टेशन के संचालक वरुण मराठा ने बताया कि इंडियन ऑयल के पंपों पर तेल की दिक्कत अभी नहीं है, इन्हें रिफाइनरी से ऑयल मिल रहा है। नायरा के पंपों को बहादुरगढ़ से आपूर्ति हो रही है। बीपीसीएल और एचपीसीएल के पंपों पर आपूर्ति को लेकर सख्ती ज्यादा हुई है। नायरा पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष राजवीर चौहान का कहना है कि अब तक पेट्रोल पंपों को उनकी क्षमता या बजट के आधार पर पेट्रोल और डीजल का स्टॉक मिल रहा था। अब कंपनियों ने सख्ती की है। यदि किसी पंप की 10 हजार लीटर की खपत है तो अब 30 हजार लीटर तक ही आपूर्ति दी जा रही है।


आगे फ्यूल मंगवाने पर दिक्कत
करनाल पेट्रोल पंप एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रामकुमार कल्याण का कहना है पेट्रोल और डीजल की अभी किल्लत नहीं है। पहले कंपनियां सेल बढ़ाने के लिए उधार देती थीं अब बंद कर दिया है। इससे उन पेट्रोल पंपों के संचालन पर दिक्कत आई है, जिनका बजट कम है। क्योंकि उनके बजट से पिछले उधार का भुगतान हुआ है, आगे पेट्रोल-डीजल मंगवाना मुश्किल हो रहा है।
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