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Karnal News: नशा मुक्ति के लिए ईजाद होगा सॉफ्टवेयर ः डीसी
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। समाज को नशा मुक्त करने के लिए प्रयास पिछले कई वर्षों से किए जा रहे हैं। अब जिला प्रशासन की आरे से इस दिशा में सकारात्मक पहल की गई है। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत दवाइयों की पर्चियों से संबंधित जल्द ही एक सॉफ्टवेयर बनाया जाएगा, जिसमें व्यक्ति का मोबाइल नंबर और अस्पताल की पर्ची से लिंक होगा।
मरीज जब भी दवाई खरीदने के लिए दवा खाने पर जाएगा तो दवाई विक्रेता की ओर से उसके मोबाइल पर ओटीपी भेजा जाएगा, वह ओटीपी मरीज को फार्मासिस्ट को देना होगा तभी वह डॉ. द्वारा लिखे गए दिनों अनुसार उन्हें दवाई देगा और उसका रिकॉर्ड भी रखेगा। अगर मरीज दवाई को ज्यादा मात्रा में खरीदना चाहेगा तो ओटीपी के माध्यम से पता चलेगा कि उसने कितनी दवाई ली है।
मरीज को उतनी ही दवाई दुकानदार को देनी होगी जितने की डॉक्टर ने पर्ची पर लिखी है। इसके अलावा मरीज की पर्ची की कॉपी भी दुकानदार को रखनी होगी। उपायुक्त उत्तम सिंह के मुताबिक जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए प्रशासन की ओर से जल्द सॉफ्टवेयर ईजाद किया जाएगा। इससे फार्मासिस्ट नशे में लिप्त व्यक्ति को जरूरत से ज्यादा दवाई नहीं दे पाएगा। यदि वह ऐसा करता है तो एनडीपीसी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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करनाल। समाज को नशा मुक्त करने के लिए प्रयास पिछले कई वर्षों से किए जा रहे हैं। अब जिला प्रशासन की आरे से इस दिशा में सकारात्मक पहल की गई है। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत दवाइयों की पर्चियों से संबंधित जल्द ही एक सॉफ्टवेयर बनाया जाएगा, जिसमें व्यक्ति का मोबाइल नंबर और अस्पताल की पर्ची से लिंक होगा।
मरीज जब भी दवाई खरीदने के लिए दवा खाने पर जाएगा तो दवाई विक्रेता की ओर से उसके मोबाइल पर ओटीपी भेजा जाएगा, वह ओटीपी मरीज को फार्मासिस्ट को देना होगा तभी वह डॉ. द्वारा लिखे गए दिनों अनुसार उन्हें दवाई देगा और उसका रिकॉर्ड भी रखेगा। अगर मरीज दवाई को ज्यादा मात्रा में खरीदना चाहेगा तो ओटीपी के माध्यम से पता चलेगा कि उसने कितनी दवाई ली है।
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मरीज को उतनी ही दवाई दुकानदार को देनी होगी जितने की डॉक्टर ने पर्ची पर लिखी है। इसके अलावा मरीज की पर्ची की कॉपी भी दुकानदार को रखनी होगी। उपायुक्त उत्तम सिंह के मुताबिक जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए प्रशासन की ओर से जल्द सॉफ्टवेयर ईजाद किया जाएगा। इससे फार्मासिस्ट नशे में लिप्त व्यक्ति को जरूरत से ज्यादा दवाई नहीं दे पाएगा। यदि वह ऐसा करता है तो एनडीपीसी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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