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लिंगानुपात में 20वें से 18वें स्थान पर आया करनाल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 08 Feb 2021 02:31 AM IST
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sex ratio decreases
2019 की तुलना में करनाल का लिंगानुपात 8 अंक लुढ़क कर प्रदेशभर में 18वें पायदान पर आ गया है। 2019 में करनाल का लिंगानुपात 908 था जो कि 2020 में 900 हो गया। यानी एक हजार लड़कों के पीछे 900 लड़कियां हैं। 2019 में करनाल प्रदेश में 20वें स्थान पर था। 2020 में प्रदेश का लिंगानुपात 922 है। जिलों की बात करें तो सिरसा 949 लिंगानुपात के साथ पहले स्थान पर है। 2018 में करनाल 934 लिंगानुपात के साथ दूसरे स्थान पर था। 2020 की बात करें तो जिले में करीब 20675 बच्चे पैदा हुए हैं। इनमें लड़कों की संख्या 10729 और लड़कियों की संख्या 9946 है।
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पीएनडीटी और एमटीपी एक्ट के तहत अब तक 59 एफआईआर
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार करनाल जिले में अब तक पीएनडीटी व एमटीपी एक्ट के तहत 59 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें पीएनडीटी के 34 और एमटीपी के 25 मामले शमिल हैं। 2020 की बात करें तो दो पीएनडीटी और दो मामले एमटीपी एक्ट के तहत दर्ज किए गए हैं। जनवरी 2021 में भी एक पीएनडीटी व एमटीपी एक्ट के तहत एक-एक मामला दर्ज कर लिया गया है।
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दलाल सक्रिय, कार में करते हैं लिंग जांच
जिले में दलाल सक्रिय हैं, जो कार में लिंग जांच करते हैं। इस जांच के लिए 20 से 30 हजार रुपये लेते हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की टीम सूचना मिलते ही मौके पर जाकर आरोपी को पकड़ती है लेकिन आरोपियों में अभी तक डर नहीं बना है। यहां तक कि कई बार दलाल स्वास्थ्य विभाग की टीम पर ही हमला कर देते हैं।
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पिछले 11 साल का करनाल का लिंगानुपात
वर्ष - लिंगानुपात
2010 - 834
2011 - 849
2012 - 847
2013 - 880
2014 - 886
2015 - 897
2016 - 909
2017 - 922
2018 - 934
2019 - 908
2020 - 900
असंध और बल्ला में चिंताजनक
जिले में असंध व बल्ला क्षेत्र में ही लिंगानुपात चिंताजनक है। इन दोनों क्षेत्र में सबसे कम बेटियां पैदा हुई हैं। असंध सीएचसी में पोपड़ा पीएचसी, उपलाना पीएचसी व जलमाना पीएचसी शामिल हैं। इसी प्रकार बल्ला में बल्ला व सालवन पीएचसी शामिल हैं। इनसे अलग अन्य क्षेत्र में लिंगानुपात ठीक है।

लिंगानुपात बेहतर करने के लिए आशा व आंगनबाड़ी वर्करों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वह गर्भवती महिलाओं की मॉनिटरिंग करे। आमजन से भी अपील है कि यदि उन्हें लिंग जांच व गर्भपात करने के बारे में कहीं सूचना मिलती है तो तुरंत जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दें। आरोपी पकड़े जाने पर उस व्यक्ति को विभाग की ओर से एक लाख रुपये का पुरस्कार भी दिया जाएगा।
-डॉ. नरेश करडवाल, डिप्टी सीएमओ करनाल
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