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Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Sentenced to seven and a half-and-half years in cow smuggling

गो तस्करी में सात को डेढ़-डेढ़ साल की सजा

Sat, 30 Jan 2016 11:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,करनाल
ब्यूरो/अमर उजाला,करनाल Updated Sat, 30 Jan 2016 11:54 PM IST
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एडिशनल सेशन जज अजय कुमार वर्मा की अदालत ने गो तस्करी के मामले में पुलिस नाका तोड़ने और पुलिस पर ट्रक चढ़ाने की कोशिश करने के मामले में सात आरोपियों को डेढ़ डेढ़ साल कैद की सजा सुनाई है, साथ ही सात को बरी किया है। अदालत ने मामले में सबसे अहम शिकायतकर्ता के अपने बयानों से मुकरने पर उसे भी दोषी करार देते हुए तीन माह की सजा और 500 रुपये जुर्माना किया है।

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मामले के अनुसार, सितंबर 2014 में मंगलौरा पुलिस को सूचना मिली की एक ट्रक में गायों को लादकर यूपी की तरफ ले जाया जा रहा है। इस पर पुलिस ने नाका लगा लिया। जैसे ही ट्रक आया तो उसने पुलिस पर ट्रक चढ़ाने की कोशिश की और नाका तोड़कर भागने की कोशिश की। बाद में पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने इस मामले में 14 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
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शनिवार को एडीजे अजय कुमार वर्मा की अदालत ने तनवीर, नदीम, मुकरम, सारिक, जावेद निवासी झिंझारा यूपी, सुरेश मोहीदिनपुर यूपी व बसीद कालापुर को दोषी करार देते हुए डेढ़-डेढ़ साल कैद की सजा और 11500-11500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही सात अन्य आरोपियों को बरी कर दिया। वहीं, इस मामले में शिकायतकर्ता पानीपत निवासी विनोद कुमार अपने बयानों से मुकर गया। इस पर अदालत ने कड़ा संज्ञान लेते हुए उसे भी दोषी करार करते हुए उसे तीन माह कैद की सजा सुनाई, साथ ही उस पर 500 रुपये जुर्माना भी किया है।
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दो जगह जमीन बेचने के आरोपी को तीन साल की कैद
दो जगह पर जमीन बेचकर धोखाधड़ी करने के मामले में दोषी करार देते हुए कोर्ट ने गांव शामगढ़ निवासी राजबीर को तीन साल की कैद व दस हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।  न्यायाधीश डॉ. अमित गर्ग की अदालत ने इस मामले में नामजद दो आरोपियों को बरी कर दिया है।

कुरुक्षेत्र के रहने वाले रवींद्र ने अदालत में शिकायत दी थी कि उसने शामगढ़ निवासी राजबीर, बलवान और बलबीर से 34 कनाल जमीन का सौदा किया था। इस एवज में उसने 30 लाख रुपये ब्याना दिया था। जब वह रजिस्टरी करवाने के लिए आया तो दूसरा पक्ष रजिस्टरी के लिए नहीं पहुंचा। छानबीन करने पर पता चला कि इनमें से राजबीर ने अपने हिस्से की छह कनाल जमीन को दूसरी जगह भी बेचा हुआ है।


शिकायत के आधार पर बाद में तरावड़ी पुलिस थाने में वर्ष 2008 में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। केस की पैरवी के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। न्यायाधीश डॉ. अमित गर्ग की अदालत में पीड़ित पक्ष की ओर से कई लोगों ने अपने बयान दर्ज करवाए। अदालत ने दोनों पक्षों के वकीलों की बहस सुनने के बाद राजबीर को दोषी करार देते हुए तीन साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जबकि बलवान व बलबीर को बरी कर दिया गया है।

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