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Karnal News: 11 सफाईकर्मियों ने मुंडन कराकर सरकार के खिलाफ जताया विरोध
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धरना स्थल पर मुंडन करवाते नगरपालिका और फायर ब्रिगेड कर्मचारि। संवाद
करनाल। नगर पालिका कर्मचारी संघ और अग्निशमन कर्मचारी संघ के बैनर तले सफाई कर्मचारी और फायरकर्मी हड़ताल कर रहे हैं। सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में शुक्रवार को 11 कर्मचारियों ने मुंडन करवा कर विरोध जताया। इन कर्मचारियों में संदीप त्यागी, राजकुमार, सतीश, महावीर, कालीचरण, सुशील, विक्रम, राजकुमार, जसबीर, तिलकराज व हरीश शामिल रहे।
नगरपालिका कर्मचारी संघ के जिला इकाई प्रधान राजकुमार ने कहा कि सरकार 13 मई को हुए समझौते को लागू नहीं कर रही। इसके तहत 30 जून तक कच्चे सफाई कर्मचारियों को पक्का किए जाने का प्रपत्र जारी किया जाना था। सरकार कर्मचारियों की आवाज को दबाने के लिए हथकंडे अपना रही है। कर्मचारी किसी के दबाव में झुकने वाले नहीं हैं। अग्निशमन कर्मचारी संघ के जिला प्रधान संदीप त्यागी ने कहा कि कच्चे फायर कर्मचारियों को पक्का करने करने के वादे से भी सरकार मुकुर गई। जब तक मांगों को लागू नहीं किया जाता हड़ताल जारी रखी जाएगी।
शुक्रवार को कर्मचारियों के धरने की अध्यक्षता राजकुमार और संचालन संगठन सचिव बिंदर चौहान ने किया। इस अवसर पर सेवाराम बड़सर, विनोद कुमार, सुरेंद्र प्रोचा, सतपाल सिंह, रोशनलाल गुप्ता, वीरभान, ओमप्रकाश सिहमार, डॉ. अशोक अरोड़ा, मनोज कुमार, सियानंद प्रोचा, जयभगवान, मीना देवी, सरोज, सुषमा व महेंद्र ने कर्मचारियों को संबोधित किया।
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5 सितंबर तक ड्यूटी पर लौटने के निर्देश
दूसरी ओर, नगर निगम आयुक्त की ओर से सफाई कर्मचारियों को 5 सितंबर तक ड्यूटी पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों में निर्धारित समय तक ड्यूटी पर नहीं लौटने की स्थिति में कानूनी और विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। कर्मचारियों का कहना है कि इन निर्देशों से उनका रोष और बढ़ा है। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर शहर की सफाई व्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है। कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। जिला प्रशासन की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए सफाई कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इंद्री में चार कर्मचारियों का मुंडन
इंद्री। नगरपालिका और फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की हड़ताल शुक्रवार को 30वें दिन में प्रवेश कर गई। सरकार की ओर से ड्यूटी पर लौटने के नोटिस जारी होने के बावजूद कर्मचारी हड़ताल पर डटे रहे। कर्मचारी संगठनों ने कहा कि वे बर्खास्तगी और दमनकारी कार्रवाई के दबाव में आंदोलन वापस नहीं लेंगे। विभाग की ओर से हड़ताली दमकल और नगरपालिका कर्मचारियों को ड्यूटी ज्वाइन करने के नोटिस जारी किए गए हैं, जिसके बाद कर्मचारियों में रोष और बढ़ गया है। रोषस्वरूप कर्मचारियों ने नोटिसों की प्रतियां जलाई और फायर ब्रिगेड और नगरपालिका संघ से दो-दो कर्मचारियों ने सिर मुंडवाकर विरोध दर्ज कराया। यूनियन नेताओं ने आंदोलन को और तेज करने का एलान किया है। घोषित कार्यक्रम के अनुसार 3 सितंबर को एक दिवसीय हड़ताल, 5 और 6 सितंबर को मंत्रियों के कैंप कार्यालयों पर प्रदर्शन तथा 10 से 12 सितंबर तक जिला स्तर पर न्याय पंचायतों का आयोजन किया जाएगा। कुछ जिलों में हड़ताल को 6 सितंबर तक बढ़ाने और शहरी स्थानीय निकाय मंत्री के कार्यालय के घेराव की भी घोषणा की गई है।
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नगरपालिका कर्मचारी संघ के जिला इकाई प्रधान राजकुमार ने कहा कि सरकार 13 मई को हुए समझौते को लागू नहीं कर रही। इसके तहत 30 जून तक कच्चे सफाई कर्मचारियों को पक्का किए जाने का प्रपत्र जारी किया जाना था। सरकार कर्मचारियों की आवाज को दबाने के लिए हथकंडे अपना रही है। कर्मचारी किसी के दबाव में झुकने वाले नहीं हैं। अग्निशमन कर्मचारी संघ के जिला प्रधान संदीप त्यागी ने कहा कि कच्चे फायर कर्मचारियों को पक्का करने करने के वादे से भी सरकार मुकुर गई। जब तक मांगों को लागू नहीं किया जाता हड़ताल जारी रखी जाएगी।
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शुक्रवार को कर्मचारियों के धरने की अध्यक्षता राजकुमार और संचालन संगठन सचिव बिंदर चौहान ने किया। इस अवसर पर सेवाराम बड़सर, विनोद कुमार, सुरेंद्र प्रोचा, सतपाल सिंह, रोशनलाल गुप्ता, वीरभान, ओमप्रकाश सिहमार, डॉ. अशोक अरोड़ा, मनोज कुमार, सियानंद प्रोचा, जयभगवान, मीना देवी, सरोज, सुषमा व महेंद्र ने कर्मचारियों को संबोधित किया।
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5 सितंबर तक ड्यूटी पर लौटने के निर्देश
दूसरी ओर, नगर निगम आयुक्त की ओर से सफाई कर्मचारियों को 5 सितंबर तक ड्यूटी पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों में निर्धारित समय तक ड्यूटी पर नहीं लौटने की स्थिति में कानूनी और विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। कर्मचारियों का कहना है कि इन निर्देशों से उनका रोष और बढ़ा है। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर शहर की सफाई व्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है। कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। जिला प्रशासन की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए सफाई कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इंद्री में चार कर्मचारियों का मुंडन
इंद्री। नगरपालिका और फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की हड़ताल शुक्रवार को 30वें दिन में प्रवेश कर गई। सरकार की ओर से ड्यूटी पर लौटने के नोटिस जारी होने के बावजूद कर्मचारी हड़ताल पर डटे रहे। कर्मचारी संगठनों ने कहा कि वे बर्खास्तगी और दमनकारी कार्रवाई के दबाव में आंदोलन वापस नहीं लेंगे। विभाग की ओर से हड़ताली दमकल और नगरपालिका कर्मचारियों को ड्यूटी ज्वाइन करने के नोटिस जारी किए गए हैं, जिसके बाद कर्मचारियों में रोष और बढ़ गया है। रोषस्वरूप कर्मचारियों ने नोटिसों की प्रतियां जलाई और फायर ब्रिगेड और नगरपालिका संघ से दो-दो कर्मचारियों ने सिर मुंडवाकर विरोध दर्ज कराया। यूनियन नेताओं ने आंदोलन को और तेज करने का एलान किया है। घोषित कार्यक्रम के अनुसार 3 सितंबर को एक दिवसीय हड़ताल, 5 और 6 सितंबर को मंत्रियों के कैंप कार्यालयों पर प्रदर्शन तथा 10 से 12 सितंबर तक जिला स्तर पर न्याय पंचायतों का आयोजन किया जाएगा। कुछ जिलों में हड़ताल को 6 सितंबर तक बढ़ाने और शहरी स्थानीय निकाय मंत्री के कार्यालय के घेराव की भी घोषणा की गई है।

धरना स्थल पर मुंडन करवाते नगरपालिका और फायर ब्रिगेड कर्मचारि। संवाद