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स्कूल बस पलटी, 12 बच्चे घायल
करनाल/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 09 Aug 2015 01:09 AM IST
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दी सेंचुरी स्कूल की लगभग 30 बच्चों से भरी बस तेजगति से थ्री व्हीलर को
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क्रास करते समय खेतों में पलट गई। बस में सवार 12 बच्चे घायल हो गए।
ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद बच्चों को बस से बाहर निकाला। हादसे की
सूचना मिलते ही अभिभावक घटनास्थल पर पहुंचे गए।
परिजनों ने बच्चों का गांव में ही उपचार करवा लिया है। स्कूल प्रबंधक आननफानन में बस को खेतों से बाहर निकालकर ले गए। मामले की सूचना पुलिस तक नहीं पहुंच पाई है। बस के पलटने से अभिभावकों में स्कूल प्रबंधकों के प्रति रोष है।शनिवार दोपहर बाद दी सेंचुरी स्कूल की बस घरौंडा से गांव बसताड़ा के बच्चों को छोड़ने के लिए जा रही थी।
बस में लगभग 30 बच्चे सवार थे। गांव बसताड़ा के निकट बस चालक तेजगति से थ्री व्हीलर को क्रास करने लगा तो उसका संतुलन बिगड़ गया और बस खेतों मेें जाकर पलट गई। बस के पलटते ही बच्चे घबरा गए और चिल्लाने लगे। बच्चों के चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण एकत्रित हो गए और काफी मेहनत के बाद बच्चों को बस से बाहर निकाला। बस पलटने से गांव बसताड़ा निवासी इशांत, कीर्ति, मानसी, चिराग, ईशिका, रूद्र व आदित्य व पलक सहित अन्य बच्चे घायल हो गए। गनीमत रही कि किसी भी बच्चे को ज्यादा चोट नहीं आई। परिजनों को जैसे की बस पलटने की सूचना मिली तो घटनास्थल पर पहुंचे। बच्चों को सुरक्षित देख परिजनों ने राहत की सांस ली। बस पलटने की सूचना मिलते ही स्कूल प्रबंधक मौके पर पहुंचे और बस को सीधा कराकर आननफानन से लेकर आ गए।
अभिभावकों ने लगाए आरोप
अभिभावक अनिल कुमार, महाबीर शर्मा सहित अन्य लोगों ने बताया कि बस का चालक बस को तेजगति से चला रहा था। बस चालक की लापरवाही से बस पलटी है। उन्होंने कहा कि दी सेंचुरी स्कूल के प्रबंधकों की अनदेखी के कारण चालक मनमर्जी से बसों को चला रहे हैं। इससे स्कूल की बसों के बार-बार हादसे हो रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि इस मामले में कई बार प्रबंधकों को शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल के पास प्रशिक्षित चालक भी नहीं हैं। हादसे के समय जब चालक से लाइसेंस व आरसी मांगी तो उसके पास कोई भी कागजात नहीं थे। स्कूल प्रबंधकों के पास बसें काफी पुरानी हैं और बसों पर पेंट करवाकर चला रहे हैं। परिजनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस प्रकार के स्कूल प्रबधंकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
15 दिन में दूसरा हादसा
दी सेंचुरी स्कूल के प्रबंधकों की लापरवाही के चलते लगभग 15 दिन पहले भी स्कूल की एक बस पनौड़ी के पास एक ट्रांसफार्मर से जा टकराई थी। बस के टकराने से ट्रांसफार्मर नीचे गिर गया था और बिजली का खंभा टूट गया था। हादसे के समय बस में बच्चे सवार थे। इससे एक बड़ा हादसा होते होते बच गया था, लेकिन इसके बावजूद स्कूल प्रबंधकों ने इस प्रकार की घटनाओं को रोकने लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
परिजनों ने बच्चों का गांव में ही उपचार करवा लिया है। स्कूल प्रबंधक आननफानन में बस को खेतों से बाहर निकालकर ले गए। मामले की सूचना पुलिस तक नहीं पहुंच पाई है। बस के पलटने से अभिभावकों में स्कूल प्रबंधकों के प्रति रोष है।शनिवार दोपहर बाद दी सेंचुरी स्कूल की बस घरौंडा से गांव बसताड़ा के बच्चों को छोड़ने के लिए जा रही थी।
बस में लगभग 30 बच्चे सवार थे। गांव बसताड़ा के निकट बस चालक तेजगति से थ्री व्हीलर को क्रास करने लगा तो उसका संतुलन बिगड़ गया और बस खेतों मेें जाकर पलट गई। बस के पलटते ही बच्चे घबरा गए और चिल्लाने लगे। बच्चों के चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण एकत्रित हो गए और काफी मेहनत के बाद बच्चों को बस से बाहर निकाला। बस पलटने से गांव बसताड़ा निवासी इशांत, कीर्ति, मानसी, चिराग, ईशिका, रूद्र व आदित्य व पलक सहित अन्य बच्चे घायल हो गए। गनीमत रही कि किसी भी बच्चे को ज्यादा चोट नहीं आई। परिजनों को जैसे की बस पलटने की सूचना मिली तो घटनास्थल पर पहुंचे। बच्चों को सुरक्षित देख परिजनों ने राहत की सांस ली। बस पलटने की सूचना मिलते ही स्कूल प्रबंधक मौके पर पहुंचे और बस को सीधा कराकर आननफानन से लेकर आ गए।
अभिभावकों ने लगाए आरोप
अभिभावक अनिल कुमार, महाबीर शर्मा सहित अन्य लोगों ने बताया कि बस का चालक बस को तेजगति से चला रहा था। बस चालक की लापरवाही से बस पलटी है। उन्होंने कहा कि दी सेंचुरी स्कूल के प्रबंधकों की अनदेखी के कारण चालक मनमर्जी से बसों को चला रहे हैं। इससे स्कूल की बसों के बार-बार हादसे हो रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि इस मामले में कई बार प्रबंधकों को शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल के पास प्रशिक्षित चालक भी नहीं हैं। हादसे के समय जब चालक से लाइसेंस व आरसी मांगी तो उसके पास कोई भी कागजात नहीं थे। स्कूल प्रबंधकों के पास बसें काफी पुरानी हैं और बसों पर पेंट करवाकर चला रहे हैं। परिजनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस प्रकार के स्कूल प्रबधंकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
15 दिन में दूसरा हादसा
दी सेंचुरी स्कूल के प्रबंधकों की लापरवाही के चलते लगभग 15 दिन पहले भी स्कूल की एक बस पनौड़ी के पास एक ट्रांसफार्मर से जा टकराई थी। बस के टकराने से ट्रांसफार्मर नीचे गिर गया था और बिजली का खंभा टूट गया था। हादसे के समय बस में बच्चे सवार थे। इससे एक बड़ा हादसा होते होते बच गया था, लेकिन इसके बावजूद स्कूल प्रबंधकों ने इस प्रकार की घटनाओं को रोकने लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।