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सतगुरु नानक प्रकट्या मिटी धुंध जग चानन होया...
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गुरुद्वारा डेरा कार सेवा में गुरु नानक जी के प्रकाश पर्व पर आयोजित कीर्तन दरबार में उपस्थित श्रद?
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सतगुरु नानक प्रकट्या मिटी धुंध जग चानन होया। अर्थात जब श्री गुरु नानक देव जी का जन्म हुआ तो समाज से अज्ञानता का अंधेरा छंटना शुरू हुआ। सामाजिक कुरीतियों की धुंध मिटी और जग में ज्ञान का प्रकाश हुआ। ये शब्द गुरुद्वारा मंजी साहिब के हेड ग्रंथी भाई अमृतपाल सिंह ने गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर गुरुद्वारा डेरा कार सेवा में आयोजित कीर्तन दरबार में गुरु की महिमा का गुणगान करते हुए कहे।
उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी का जन्म राय भोई की तलवंडी (वर्तमान में पाकिस्तान के पंजाब में) में हुआ। उनके पिता का नाम मेहता कालू और माता का नाम त्रिप्ता था। गुरु नानक देव जी एक मध्यम वर्गीय हिंदू परिवार में पैदा हुए थे। मंगलवार सुबह गुरुद्वारा डेेरा कार सेवा में दीवान सजा गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश कर अरदास की गई। कीर्तन दरबार में माथा टेकने के लिए श्रद्धालुओं का हजूम उमड़ पड़ा। कीर्तन दरबार का आयोजन बाबा सुक्खा सिंह की सरपरस्ती में किया गया। कीर्तन दरबार में गुरु हरिकृष्ण पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने गुरु की महिमा का गुणगान किया। हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल ने गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेका। उसके बाद उन्हें सिरोपा भेंट कर बाबा सुखा सिंह, गुरुपर्व प्रबंधक कमेटी के महासचिव इंद्रपाल सिंह ने सम्मानित किया। इस अवसर पर दरबार साहिब के हजूरी रागी भाई निरभेर सिंह, हजूरी रागी भाई गुरुदत्त सिंह, इंटरनेशनल ढाड़ी जत्था बीबी सुरिंदर कौर पटियाला वाले, भाई प्रदीप सिंह करनाल ने गुरु की महिमा का गुणगान किया। स्टेज संचालन भाई दर्शन सिंह कनाडा वालों ने किया। इस अवसर पर गुरु का लंगर अटूट बरताया गया। इस अवसर पर प्रधान वरिंदर सिंह, हरजीत सिंह, एसएस भल्ला, गुरुसेवक सिंह, रतन सिंह, गुरपाल सिंह, बलविंद्र सिंह, एपीएस चौपड़ा, देवेंद्र सिंह नली, ज्ञानी साहब सिंह, गगन मेहता,जसविंद्र सिंह बिल्ला के साथ अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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करनाल। सतगुरु नानक प्रकट्या मिटी धुंध जग चानन होया। अर्थात जब श्री गुरु नानक देव जी का जन्म हुआ तो समाज से अज्ञानता का अंधेरा छंटना शुरू हुआ। सामाजिक कुरीतियों की धुंध मिटी और जग में ज्ञान का प्रकाश हुआ। ये शब्द गुरुद्वारा मंजी साहिब के हेड ग्रंथी भाई अमृतपाल सिंह ने गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर गुरुद्वारा डेरा कार सेवा में आयोजित कीर्तन दरबार में गुरु की महिमा का गुणगान करते हुए कहे।
उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी का जन्म राय भोई की तलवंडी (वर्तमान में पाकिस्तान के पंजाब में) में हुआ। उनके पिता का नाम मेहता कालू और माता का नाम त्रिप्ता था। गुरु नानक देव जी एक मध्यम वर्गीय हिंदू परिवार में पैदा हुए थे। मंगलवार सुबह गुरुद्वारा डेेरा कार सेवा में दीवान सजा गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश कर अरदास की गई। कीर्तन दरबार में माथा टेकने के लिए श्रद्धालुओं का हजूम उमड़ पड़ा। कीर्तन दरबार का आयोजन बाबा सुक्खा सिंह की सरपरस्ती में किया गया। कीर्तन दरबार में गुरु हरिकृष्ण पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने गुरु की महिमा का गुणगान किया। हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल ने गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेका। उसके बाद उन्हें सिरोपा भेंट कर बाबा सुखा सिंह, गुरुपर्व प्रबंधक कमेटी के महासचिव इंद्रपाल सिंह ने सम्मानित किया। इस अवसर पर दरबार साहिब के हजूरी रागी भाई निरभेर सिंह, हजूरी रागी भाई गुरुदत्त सिंह, इंटरनेशनल ढाड़ी जत्था बीबी सुरिंदर कौर पटियाला वाले, भाई प्रदीप सिंह करनाल ने गुरु की महिमा का गुणगान किया। स्टेज संचालन भाई दर्शन सिंह कनाडा वालों ने किया। इस अवसर पर गुरु का लंगर अटूट बरताया गया। इस अवसर पर प्रधान वरिंदर सिंह, हरजीत सिंह, एसएस भल्ला, गुरुसेवक सिंह, रतन सिंह, गुरपाल सिंह, बलविंद्र सिंह, एपीएस चौपड़ा, देवेंद्र सिंह नली, ज्ञानी साहब सिंह, गगन मेहता,जसविंद्र सिंह बिल्ला के साथ अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।

गुरुद्वारा डेरा कार सेवा में गुरु नानक जी के प्रकाश पर्व पर आयोजित कीर्तन दरबार में गुरु की महिमा
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