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Karnal News: वेतन न मिलने से सफाई कर्मियों ने लगाया जाम, आश्वासन पर खोला
Wed, 11 Feb 2026 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Wed, 11 Feb 2026 12:49 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुंजपुरा। वेतन न मिलने से आक्रोशित सफाई कर्मचारियों ने मंगलवार सुबह गांव कुंजपुरा के मुख्य चौराहे पर कूड़े के ढेर लगा दिए। साथ ही कर्मचारियों ने धरने पर बैठकर जाम लगाते हुए नारेबाजी की, जिस कारण वाहनों की कतार लग गई। जाम लगने की सूचना पर खंड विकास अधिकारी मोनिका व पंचायत सचिव सुभाष पहुंचे और जल्द ही वेतन देने का आश्वासन दिया, जिसके बाद कर्मचारियों ने जाम खोल दिया।
सफाई कर्मचारी रामलाल ने कहा कि बीते कई माह से उन्हें वेतन नहीं मिल रहा, जिस कारण परिवार का गुजारा मुश्किल हो रहा है। इस कारण मजबूरी में जाम लगाना पड़ा। जाम के कारण में वाहनों को अन्य वैकल्पिक रास्तों से अपने गंतव्य की तरफ जाना पड़ा। दरअसल, विवाद के पनपने का मुख्य कारण गांव की सरपंच सुमन को डीसी उत्तम सिंह की ओर से बर्खास्त किए जाने के बाद बीते कई माह से गांव में कार्यवाहक सरपंच नहीं बन सका। इसी विवाद के कारण एक मामला करनाल जिला न्यायालय में तो दूसरा मामला हाई कोर्ट में चल रहा है।
हालांकि, एक महिला पंच के पक्ष में सहमति बनी थी लेकिन बीडीपीओ के छुट्टी पर होने के कारण कार्यवाहक सरपंच की नियुक्ति को टाल दिया गया। इस कारण गांव में सफाई कर्मियों को बीते 6-7 माह से वेतन नहीं मिल पाया है। बीडीपीओ मोनिका का कहना है कि सफाई कर्मचारियों की मांगे मान ली गई हैं। जल्द ही उनका वेतन दे दिया जाएगा।
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कुंजपुरा। वेतन न मिलने से आक्रोशित सफाई कर्मचारियों ने मंगलवार सुबह गांव कुंजपुरा के मुख्य चौराहे पर कूड़े के ढेर लगा दिए। साथ ही कर्मचारियों ने धरने पर बैठकर जाम लगाते हुए नारेबाजी की, जिस कारण वाहनों की कतार लग गई। जाम लगने की सूचना पर खंड विकास अधिकारी मोनिका व पंचायत सचिव सुभाष पहुंचे और जल्द ही वेतन देने का आश्वासन दिया, जिसके बाद कर्मचारियों ने जाम खोल दिया।
सफाई कर्मचारी रामलाल ने कहा कि बीते कई माह से उन्हें वेतन नहीं मिल रहा, जिस कारण परिवार का गुजारा मुश्किल हो रहा है। इस कारण मजबूरी में जाम लगाना पड़ा। जाम के कारण में वाहनों को अन्य वैकल्पिक रास्तों से अपने गंतव्य की तरफ जाना पड़ा। दरअसल, विवाद के पनपने का मुख्य कारण गांव की सरपंच सुमन को डीसी उत्तम सिंह की ओर से बर्खास्त किए जाने के बाद बीते कई माह से गांव में कार्यवाहक सरपंच नहीं बन सका। इसी विवाद के कारण एक मामला करनाल जिला न्यायालय में तो दूसरा मामला हाई कोर्ट में चल रहा है।
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हालांकि, एक महिला पंच के पक्ष में सहमति बनी थी लेकिन बीडीपीओ के छुट्टी पर होने के कारण कार्यवाहक सरपंच की नियुक्ति को टाल दिया गया। इस कारण गांव में सफाई कर्मियों को बीते 6-7 माह से वेतन नहीं मिल पाया है। बीडीपीओ मोनिका का कहना है कि सफाई कर्मचारियों की मांगे मान ली गई हैं। जल्द ही उनका वेतन दे दिया जाएगा।
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