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2015 से 35.23 प्रतिशत बढ़ा 12वीं का परीक्षा परिणाम, फिर भी टॉप-3 में नहीं करनाल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jul 2020 01:45 AM IST
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result of class 12 increased by 35.23 percent from 2015,  yet  karnal is not in the top
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से जारी कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम में पहले से सुधार है। इस बार पिछले साल के मुकाबले 8.93 प्रतिशत बढ़कर परिणाम आया है। इस बार 83.79 प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए हैं, जबकि गत वर्ष 74.86 प्रतिशत परीक्षा परिणाम रहा था, लेकिन इस वृद्धि के बाद भी जिले का प्रदेश के टॉप-3 स्थानों की सूची में कहीं नाम नहीं है। इस बार का परिणाम पिछले पांच सालों की तुलना में सर्वाधिक है।
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वर्ष 2015 में जिले का परीक्षा परिणाम महज 48.56 प्रतिशत ही रहा था, जबकि इससे इस बार 35.23 फीसद की बढ़ोतरी हुई है। बेहतर परीक्षा परिणाम देखकर विद्यार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे, हालांकि परिणाम जारी होने के कुछ देर बाद वेबसाइट धीमी हो गई थी। फिर बोर्ड की तरफ से जानकारी दी गई कि 9 बजे बाद ही परिणाम देखें। शाम को रिजल्ट जारी होने के कारण विद्यार्थी अपने स्कूलों में जाकर गुरुजनों के साथ जश्न नहीं मना पाए। जिले के कुल 10375 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 8693 विद्यार्थी पास हुए।
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14 वें से उठकर 7वें स्थान पर आया करनाल
पिछले पांच सालों में कक्षा 12वीं के विद्यार्थी बेहतर प्रदर्शन करते आ रहे हैं। इस बार भी जिले के ओवरआल विद्यार्थियों का प्रदर्शन शानदार रहा। प्रदेश में 83.79 पासिंग ग्राफ के साथ जिला करनाल इस बार प्रदेश में 7वें पायदान पर आया है। जबकि पिछले साल यह 14वें स्थान पर है, यानी दोगुनी रफ्तार से तरक्की हुई है।
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होनहारों की लगन और शिक्षकों की मेहनत से आया सुधार-
जिले के कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम होनहार विद्यार्थियों की लगन और शिक्षकों की मेहनत से बढ़ा है। 2019 में करनाल का परीक्षा परिणाम 74.86 प्रतिशत रहा। जबकि वर्ष 2018 में परिणाम 63.95 प्रतिशत रहा। इससे पहले 2017 में परिणाम 62.51 प्रतिशत था। जबकि इससे पहले वर्ष 2016 में करीब 50 प्रतिशत और सन 2015 में इससे भी कम था। लगातार खराब जारी हो रहे परीक्षा परिणाम से करनाल जिले को निराशा ही हाथ लग रही थी।
1682 बच्चों को हाथ लगी निराशा-
मंगलवार को जारी हुए 12वीं क्लास के रिजल्ट में जिले के 1682 विद्यार्थियों को निराशा हाथ लगी है। इनमें 327 बच्चे फेल और 1355 बच्चों की कंपार्टमेंट हैं। हालांकि फेल होने वालों का ग्राफ भी पिछले सालों के मुकाबले गिरा है। गत वर्ष 2180 विद्यार्थी फेल हुए थे।
दिनभर विभाग की साइट पर टिकी रही निगाहें
12वीं कक्षा का रिजल्ट 21 जुलाई को आने की सूचना पहले से ही थी। ऐसे में बच्चे रिजल्ट देखने को काफी उत्साहित थे। सुबह से ही बच्चे व अभिभावक विभाग की साइट पर टकटकी लगाए बैठे थे। लेकिन शाम के समय परिणाम जारी हुआ।
एक दूसरे से फोन कर पूछते रहे कौन टॉपर?
इधर स्कूलों में भी दिनभर प्रबंधन कमेटी व स्टाफ सदस्य रिजल्ट तलाशने में जुटे रहे। यह जानने में उत्सुकता रही कि उनके बच्चों ने कितना स्कोर किया है और जिले में किस पोजिशन पर हैं। इसके लिए उन्होंने दूसरे स्कूलों से भी रिजल्ट जानने की कोशिश की। एक दूसरे को फोन भी किए गए, तो वहीं शाम जिला टॉपर की स्थिति स्पष्ट हो पाई।

जानिए किस वर्ष कितना रहा परीक्षा परिणाम-
वर्ष - परिणाम (प्रतिशत में)
2020 - 83.79
2019 - 74.86
2018 - 63.95
2017 - 62.51
2016 - 50.02
2015 - 48.56
परीक्षा परिणाम शानदार रहा है। विद्यार्थियों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। पहले से हमारे जिले का रिजल्ट भी काफी बढ़ा है, हालांकि इस बार 85 प्रतिशत तक परिणाम लाने का विभाग का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया। -रविंद्र चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी करनाल।
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