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बच्चों को मोबाइल से बचाएं : आशीष सागर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 18 Nov 2024 03:32 AM IST
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Protect children from mobile: Ashish Sagar
सिग्नेचर ग्लोबल सेक्टर-28 में राधे रानी सखी संग कीर्तन मंडल की ओर से श्रीमद्भागवत कथा आयोजित
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संवाद न्यूज एजेंसी

करनाल। सिग्नेचर ग्लोबल सेक्टर-28 में राधे रानी सखी संग कीर्तन मंडल की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में चौथे दिन प्रवचन करते हुए आशीष सागर महाराज ने ध्रुव की कथा सुनाते हुए महिलाओं से अनुरोध किया कि अपने बच्चों को मोबाइल दोगे तो कैसे वह ध्रुव बनेगा। मोबाइल फोन से निकलने वाली रेंज बहुत खतरनाक है, इससे बच्चों को बचा कर रखें। आज की मां अपनी सुविधा के लिए बच्चों के हाथ में मोबाइल थमा देती है जिससे हमारी संस्कृति खराब हो रही है।
हम अपनी संस्कृति को खोते जा रहे हैं, जो हमारे लिए और समाज के लिए खतरा है। आज का युवा विदेश की ओर मुंह कर रहा हैं, ये भी हमारी संस्कृति के लिए खतरा हैं। यहां से विदेश जाने के बाद वापस आने का नाम ही नहीं लेते कई मां बाप तो अंतिम समय में अपने बच्चों को भी नहीं देख पाते। कइयों को तो मरे हुए कई कई दिन हो जाते हैं जब मकान से बदबू आती है तभी पता चलता है, ऐसे रुपए किस काम के।
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आशीष सागर ने कहा कि एक राजा थे उत्तानपाद, उनकी दो रानियां थीं सुनीति और सुरुचि। सुनीति शांत स्वभाव की थी और सुरुचि बहुत घमंडी थी। रानी सुनीति के बेटे का नाम था ध्रुव और रानी सुरुचि के बेटे का नाम था उत्तम। एक दिन ध्रुव अपने पिता उत्तानपाद की गोद में खेल रहा था। तभी रानी सुरुचि ने आकर ध्रुव को राजा की गोद से नीचे उतार दिया और कहा, तुम राजा की गोद में नहीं बैठ सकते। राजा की गोद पर सिर्फ मेरे बेटे का अधिकार है।
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सुनीति की बात से ध्रुव बहुत दुखी हुआ। उसने जाकर सारी बात मां को बताई। मां ने ध्रुव से कहा भगवान की भक्ति में बहुत शक्ति है। अगर तुम सच्चे मन से भगवान की भक्ति करोगे तो तुम्हें पिता की गोद तो क्या भगवान की गोद में जगह मिल सकती है। पांच साल का निडर ध्रुव भगवान को पाने के लिए जंगल में चला गया। नारद ने ध्रुव को जंगल की ओर जाते देखा तो उसे समझाकर महल वापस भेजने की कोशिश की। पर ध्रुव का इस बात से कोई फर्क नही पड़ा।
ध्रुव के पक्के इरादे से खुश होकर नारद जी ने उसे ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करने के लिए कहा। जंगल में कई महीनों तक भगवान से प्रार्थना करता रहा। ध्रुव की भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान उसके सामने प्रकट हुए और मनचाहा वरदान मांगने को कहा। ध्रुव बोला प्रभु मुझे आपकी गोद में बैठना है। भगवान ने ध्रुव को गोद में बिठाकर आशीर्वाद दिया कि उसका नाम हमेशा अमर रहेगा। हम ध्रुव को आसमान में सबसे ज्यादा चमकने वाले ध्रुव तारे के नाम से जानते हैं।

इस अवसर पर किरण गोयल, रुचि सिंगला, मीनाक्षी शर्मा, प्रियंका श्रीवास्तव, सुनीता जैन, अंजु जैन, ललिता रानी, अनीता रानी, अंजु उप्पल, रंजनी कांबोज, रूबी रानी, तकक्षीला शिखावत, मनीषा अग्रवाल, अन्नु रानी, माया रानी, सीमा, जूली, अंजु , विजय चटवासल, पूजा गोयल और मधु के साथ साथ अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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