{"_id":"64fa404c8172b9143707a146","slug":"property-holders-can-avoid-disturbances-by-verifying-themselves-karnal-news-c-18-knl1008-213984-2023-09-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: स्वयं सत्यापित कर गड़बड़ी से बच सकते हैं संपत्ति धारक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: स्वयं सत्यापित कर गड़बड़ी से बच सकते हैं संपत्ति धारक
विज्ञापन
- नगर निगम ने दी सलाह, कंपनी के कर्मचारी घर-घर बांट रहे नोटिस
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। संपत्ति धारक अपनी प्रॉपर्टी आईडी को भलीभांति देख लें, त्रुटि है तो मौके पर सही कराएं या ऑनलाइन आपत्ति कराएं। यदि सब कुछ सही है तो स्वसत्यापित अवश्य करें ताकि गड़बड़ी से बचा जा सके। इसके लिए नगर निगम अफसरों ने संपत्ति धारकों को सलाह दी है। प्रॉपर्टी आईडी में त्रुटियों से संबंधित वर्षों से चली आ रही समस्याओं के अंतिम निदान के लिए इन दिनों नगर निगम के अधिकृत गुरुग्राम की कंपनी के कर्मचारी शहर के घरों पर दस्तक दे रहे हैं।
वह संपत्तिधारकों को मूल्यांकन नोटिसों का वितरण कर रहे हैं। यदि इस नोटिस को देखने के बाद वेबसाइट पर जाकर संपत्ति आईडी को स्वसत्यापित (सेल्फ सर्टिफाई) कर दिया जाए तो भी कोई भी दूसरा व्यक्ति प्रॉपर्टी आईडी पर आपत्ति दर्ज नहीं कर पाएगा।
पिछले चार सालों से शहर के लोग प्रॉपर्टी आईडी में त्रुटियों को लेकर परेशान हैं। पहले यॉशी कंपनी ने दो बार शहर की संपत्तियों का सर्वे किया। इसमें एक बार ड्रोन सर्वे किया और दूसरी बार घर-घर जाकर सर्वे किया, लेकिन कंपनी के कर्मचारियों की लापरवाही से शहर के लोगों की मुसीबतें बढ़ गई। कंपनी असरदार लोगों से संबंध रखती थी, इसलिए अपना पूरा भुगतान लेकर शहर के लोगों को त्रुटियों को दूर कराने के लिए चक्कर लगाते छोड़कर चली गई। इसके बाद कई बार हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने भी बैठकें, शिविर लगवाकर समस्याओं का समाधान कराने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली।
विज्ञापन
अब एक बार फिर निगम ने घर-घर जाकर दोबारा संपत्तियों का सर्वे करने, मौके पर त्रुटियों को दुरुस्त करने के लिए गुरुग्राम की सिम्प्लेक्स ई-सोल्यूशन कंपनी को निविदा दी है। नगर निगम के कर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मूल्यांकन नोटिस का वितरण करने का कार्य लगातार किया जा रहा है। इसके बाद शहरभर में किसी को प्रॉपर्टी आईडी से संबंधित कोई शिकायत नहीं रहेगी।
सत्तर हजार घरों में बांटे नोटिस
सिम्प्लेक्स ई-सोल्यूशन कंपनी ने अपने 65 कर्मचारियों की टीम को करनाल शहर में उतारा है। इसमें एक लाख 66 हजार कुल संपत्तियां हैं। इनमें से 1.10 लाख भवन (घर-दुकाने-कार्यालय) आदि बने हुए हैं, जबकि 56 हजार प्लॉट खाली हैं। कंपनी ने सबसे पहले उन संपत्तियों को लिया है, जहां संपत्तिधारक रहते हैं। इन 1.10 लाख में से अब तक कर्मचारियों ने 70 हजार असिस्मेंट नोटिस बांट दिए हैं लेकिन अभी 40 हजार नोटिस का वितरण करना शेष है।
यह करें संपत्तिधारक
असिस्मेंट नोटिस के मिलते ही संपत्तिधारकों को ध्यान से नोटिस को पढ़ना है। नाम, प्लॉट संख्या, जगह, मोबाइल नंबर आदि में यदि कोई त्रुटि है तो मौके पर पहुंचे कर्मचारियों से त्रुटि को दूर कराएं या ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कराएं। यदि सब कुछ ठीक है तो निगम की प्रॉपर्टी आईडी वाली वेबसाइट पर जाकर अपनी आईडी को खोले और उसे स्वसत्यापित कर दें। इसका बड़ा फायदा ये होगा कि स्वसत्यापित किए जाने के बाद ये प्रॉपर्टी आईडी कोई दूसरा नहीं खोल पाएगा और न ही कोई दूसरा अपनी मनमर्जी से आपत्ति दर्ज करा सकेगा।
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। संपत्ति धारक अपनी प्रॉपर्टी आईडी को भलीभांति देख लें, त्रुटि है तो मौके पर सही कराएं या ऑनलाइन आपत्ति कराएं। यदि सब कुछ सही है तो स्वसत्यापित अवश्य करें ताकि गड़बड़ी से बचा जा सके। इसके लिए नगर निगम अफसरों ने संपत्ति धारकों को सलाह दी है। प्रॉपर्टी आईडी में त्रुटियों से संबंधित वर्षों से चली आ रही समस्याओं के अंतिम निदान के लिए इन दिनों नगर निगम के अधिकृत गुरुग्राम की कंपनी के कर्मचारी शहर के घरों पर दस्तक दे रहे हैं।
वह संपत्तिधारकों को मूल्यांकन नोटिसों का वितरण कर रहे हैं। यदि इस नोटिस को देखने के बाद वेबसाइट पर जाकर संपत्ति आईडी को स्वसत्यापित (सेल्फ सर्टिफाई) कर दिया जाए तो भी कोई भी दूसरा व्यक्ति प्रॉपर्टी आईडी पर आपत्ति दर्ज नहीं कर पाएगा।
विज्ञापन
पिछले चार सालों से शहर के लोग प्रॉपर्टी आईडी में त्रुटियों को लेकर परेशान हैं। पहले यॉशी कंपनी ने दो बार शहर की संपत्तियों का सर्वे किया। इसमें एक बार ड्रोन सर्वे किया और दूसरी बार घर-घर जाकर सर्वे किया, लेकिन कंपनी के कर्मचारियों की लापरवाही से शहर के लोगों की मुसीबतें बढ़ गई। कंपनी असरदार लोगों से संबंध रखती थी, इसलिए अपना पूरा भुगतान लेकर शहर के लोगों को त्रुटियों को दूर कराने के लिए चक्कर लगाते छोड़कर चली गई। इसके बाद कई बार हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने भी बैठकें, शिविर लगवाकर समस्याओं का समाधान कराने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली।
विज्ञापन
अब एक बार फिर निगम ने घर-घर जाकर दोबारा संपत्तियों का सर्वे करने, मौके पर त्रुटियों को दुरुस्त करने के लिए गुरुग्राम की सिम्प्लेक्स ई-सोल्यूशन कंपनी को निविदा दी है। नगर निगम के कर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मूल्यांकन नोटिस का वितरण करने का कार्य लगातार किया जा रहा है। इसके बाद शहरभर में किसी को प्रॉपर्टी आईडी से संबंधित कोई शिकायत नहीं रहेगी।
सत्तर हजार घरों में बांटे नोटिस
सिम्प्लेक्स ई-सोल्यूशन कंपनी ने अपने 65 कर्मचारियों की टीम को करनाल शहर में उतारा है। इसमें एक लाख 66 हजार कुल संपत्तियां हैं। इनमें से 1.10 लाख भवन (घर-दुकाने-कार्यालय) आदि बने हुए हैं, जबकि 56 हजार प्लॉट खाली हैं। कंपनी ने सबसे पहले उन संपत्तियों को लिया है, जहां संपत्तिधारक रहते हैं। इन 1.10 लाख में से अब तक कर्मचारियों ने 70 हजार असिस्मेंट नोटिस बांट दिए हैं लेकिन अभी 40 हजार नोटिस का वितरण करना शेष है।
यह करें संपत्तिधारक
असिस्मेंट नोटिस के मिलते ही संपत्तिधारकों को ध्यान से नोटिस को पढ़ना है। नाम, प्लॉट संख्या, जगह, मोबाइल नंबर आदि में यदि कोई त्रुटि है तो मौके पर पहुंचे कर्मचारियों से त्रुटि को दूर कराएं या ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कराएं। यदि सब कुछ ठीक है तो निगम की प्रॉपर्टी आईडी वाली वेबसाइट पर जाकर अपनी आईडी को खोले और उसे स्वसत्यापित कर दें। इसका बड़ा फायदा ये होगा कि स्वसत्यापित किए जाने के बाद ये प्रॉपर्टी आईडी कोई दूसरा नहीं खोल पाएगा और न ही कोई दूसरा अपनी मनमर्जी से आपत्ति दर्ज करा सकेगा।