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एनएचएआई की लापरवाही के कारण नौ माह से खतरे में सफर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 02 Nov 2022 02:18 AM IST
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ourney in danger for nine months due to negligence of NHAI
कट देने के लिए हाइवे पर खोदी गई सड़क।
गगन तलवार
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करनाल। नेशनल हाईवे-44 पर जहां इन दिनों खड़े खराब वाहन हादसों का कारण बन रहे हैं। वहीं हाईवे की खामियाें की वजह से भी दुर्घटनाएं हो रही हैं। इसके पीछे ज्यादातर मामलों में एनएचएआई की लापरवाही ही सामने आ रही है। हालात यह हैं कि पिछले नौ माह से हाईवे पर हजारों वाहन चालक रोजाना खतरे भरा सफर कर रहे हैं।
निर्मल कुटिया चौक के लिए एलिवेटिड हाईवे से एनएचएआई को कट देना है। इसके लिए 27 जनवरी को विभाग की ओर से कट देने के लिए सड़क खोदी गई थी। जिसके नीचे बरसाती पानी की निकासी के नाले का निर्माण करने के साथ ही दो माह में सड़क भी तैयार करनी थी। यह हालात तब हैं जब जिला प्रशासन की मांग पर एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर इसके लिए मंजूरी दे चुके हैं। लेकिन अधिकारियों की लापरवाही ऐसी कि सड़क खोदने के बाद अभी तक कोई देखने नहीं आया। ऐसे में यहां आए दिन हादसे हो रहे हैं। पिछले नौ माह में 15 से ज्यादा बड़े हादसे हुए हैं। जिनमें वाहन पलटने से लेकर दूसरे वाहन में टक्कर लगना तक शामिल है। उखड़ी सड़क के पास कई जगह कांच भी बिखरा हुआ है। वहीं एक-दो जगह खून के निशान भी हैं। जिनसे पता चलता है कि यहां कई लोग हादसों का शिकार हो चुके हैं। इस साल में अब तक हुए ओवरऑल हादसों की स्थिति पर बात करें तो 475 सड़क हादसों में 332 लोग घायल हुए, जबकि 249 की जान गई। इनमें ज्यादातर हादसे नेशनल हाईवे-44 के हैं।
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100 मीटर की सड़क बनाने में लगा दिया समय
सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य संदीप लाठर और तेजपाल ने बताया कि कट की जरूरत को महसूस करते हुए जिला सड़क सुरक्षा कमेटी की ओर से जनवरी 2021 में इसके लिए मांग उठाई थी। कई माह की चर्चा के बाद दिसंबर 2021 में एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर की ओर से इसे मंजूरी दी गई थी। लेकिन 100 मीटर की सड़क बनाने में अधिकारियों ने इतना समय क्यों लगा दिया, यह विचारणीय है। काम में लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
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सर्दी और धुंध में हादसों की ज्यादा संभावना
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ एडवोकेट तेजपाल और राजकुमार का कहना है कि सर्दी और धुंध के मौसम में आधे से एक फुट गहरी खुदी इस सड़क पर हादसे की संभावना ज्यादा होगी। क्योंकि धुंध में तेज गति से आ रहे वाहन चालकों को आगे की स्थिति दिखाई नहीं देगी और अचानक गहरी खुदी सड़क सामने आने पर हादसा होगा। शायद इसी कारण कई हादसे अभी हो भी रहे हैं।

इसलिए बना रहे कट
कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज, जिला न्यायालय और लघु सचिवालय में नेशनल हाईवे-44 से आने वाले लोगों को आईटीआई चौक तक का लंबा चक्कर न काटना पड़े और वहां के ट्रैफिक लोड में कमी आए। इसलिए यहां से कट दिया जाना है। वर्तमान में दिल्ली से आने वाले वाहनों को निर्मल कुटिया चौक के रास्ते यदि कहीं जाना है तो उन्हें ताऊ देवी लाल चौक से पहले ही सर्विस लेन पर आना पड़ता है। इसके बाद वे रास्ते में पड़ने वाले दोनों चौराहों पर ट्रैफिक लाइटों पर भी रुकते हैं और जाम में भी फंसते हैं।
सड़क बनाने में नाला निर्माण के कारण देरी हुई है। जल्द सड़क का निर्माण करके कट दे दिया जाएगा। हमारी टीम इस कार्य में लगी है।
- भानू प्रताप, सेक्शन इंजीनियर, एनएचएआई
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