{"_id":"6a8f3bdacc0e82add80ce521","slug":"onions-are-selling-at-35-per-kg-in-the-wholesale-market-and-at-60-per-kg-at-retail-shops-karnal-news-c-246-1-ymn1001-161866-2026-08-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: मंडी में 35, दुकानों पर 60 रुपये किलो बिक रहा प्याज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: मंडी में 35, दुकानों पर 60 रुपये किलो बिक रहा प्याज
विज्ञापन
रेलवे रोड पर सब्जी की खरीदारी करता बुजुर्ग। संवाद
अशोक कुमार
यमुनानगर। पहले चीनी और चायपत्ती की बढ़ती कीमतों ने लोगों की परेशानी बढ़ाई, अब प्याज के दामों ने घरेलू बजट बिगाड़ दिया है। सब्जी मंडी में 25 से 35 रुपये किलो बिकने वाला प्याज खुदरा दुकानों पर पहुंचते-पहुंचते 50 से 60 रुपये किलो हो गया है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि दुकानदार मंडी भाव पर मोटा मुनाफा जोड़कर प्याज बेच रहे हैं, जिसका सीधा असर उनकी जेब पर पड़ रहा है।
जगाधरी और यमुनानगर की सब्जी मंडियों में प्याज की आवक में भी करीब 10 प्रतिशत तक कमी है। व्यापारियों के अनुसार, नासिक से प्रतिदिन बड़े ट्रकों में प्याज के कट्टे पहुंच रहे हैं। एक कट्टे में करीब 40 किलो प्याज होता है। आढ़ती और व्यापारी अपनी क्षमता के अनुसार प्याज की खरीदारी कर रहे हैं। मंडी में अच्छी गुणवत्ता का प्याज करीब 35 रुपये किलो तक बिक रहा है जबकि सामान्य गुणवत्ता के प्याज के दाम इससे कम हैं।
व्यापारियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से प्याज के दामों में तेजी आई है। मंडी से खुदरा दुकानों तक पहुंचने में परिवहन, छंटाई और अन्य खर्च जुड़ते हैं। इसके बावजूद मंडी और खुदरा बाजार के भाव में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है। गांवों में प्याज 50 से 55 रुपये किलो और शहर में कई दुकानों पर 60 रुपये किलो तक बिक रहा है। उपभोक्ताओं ने प्रशासन से बाजार की जांच कर मुनाफाखोरी और जमाखोरी पर रोक लगाने की मांग की है।
विज्ञापन
-- -- -
खरीदारी करनी पड़ रही सीमित
गांव भोगपुर की रीना देवी ने बताया कि गांव की दुकानों और रेहड़ियों पर प्याज 50 रुपये किलो से अधिक में मिल रहा है। रोजमर्रा की रसोई में प्याज जरूरी सामग्री है, लेकिन लगातार बढ़ते दामों के कारण खरीदारी सीमित करनी पड़ रही है।
-- --
प्याज का इस्तेमाल किया कम
गांव तेजली की सुमन रानी ने कहा कि प्याज के दाम बढ़ने से घर का सब्जी खर्च काफी बढ़ गया है। पहले जितनी मात्रा में प्याज खरीदा जाता था, अब उतना लेना मुश्किल हो रहा है। रोज की रसोई में भी प्याज का इस्तेमाल कम करना पड़ रहा है।
-- -
बढ़ते दाम की जांच होनी चाहिए
दड़वा माजरी की दलिंद्र ने कहा कि जब मंडी में प्याज 25 से 35 रुपये किलो तक मिल रहा है तो खुदरा बाजार में इसके दाम 50 से 60 रुपये क्यों वसूले जा रहे हैं, इसकी जांच होनी चाहिए। दुकानदारों को उचित मुनाफे के साथ प्याज बेचना चाहिए।
विज्ञापन
यमुनानगर। पहले चीनी और चायपत्ती की बढ़ती कीमतों ने लोगों की परेशानी बढ़ाई, अब प्याज के दामों ने घरेलू बजट बिगाड़ दिया है। सब्जी मंडी में 25 से 35 रुपये किलो बिकने वाला प्याज खुदरा दुकानों पर पहुंचते-पहुंचते 50 से 60 रुपये किलो हो गया है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि दुकानदार मंडी भाव पर मोटा मुनाफा जोड़कर प्याज बेच रहे हैं, जिसका सीधा असर उनकी जेब पर पड़ रहा है।
जगाधरी और यमुनानगर की सब्जी मंडियों में प्याज की आवक में भी करीब 10 प्रतिशत तक कमी है। व्यापारियों के अनुसार, नासिक से प्रतिदिन बड़े ट्रकों में प्याज के कट्टे पहुंच रहे हैं। एक कट्टे में करीब 40 किलो प्याज होता है। आढ़ती और व्यापारी अपनी क्षमता के अनुसार प्याज की खरीदारी कर रहे हैं। मंडी में अच्छी गुणवत्ता का प्याज करीब 35 रुपये किलो तक बिक रहा है जबकि सामान्य गुणवत्ता के प्याज के दाम इससे कम हैं।
विज्ञापन
व्यापारियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से प्याज के दामों में तेजी आई है। मंडी से खुदरा दुकानों तक पहुंचने में परिवहन, छंटाई और अन्य खर्च जुड़ते हैं। इसके बावजूद मंडी और खुदरा बाजार के भाव में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है। गांवों में प्याज 50 से 55 रुपये किलो और शहर में कई दुकानों पर 60 रुपये किलो तक बिक रहा है। उपभोक्ताओं ने प्रशासन से बाजार की जांच कर मुनाफाखोरी और जमाखोरी पर रोक लगाने की मांग की है।
विज्ञापन
खरीदारी करनी पड़ रही सीमित
गांव भोगपुर की रीना देवी ने बताया कि गांव की दुकानों और रेहड़ियों पर प्याज 50 रुपये किलो से अधिक में मिल रहा है। रोजमर्रा की रसोई में प्याज जरूरी सामग्री है, लेकिन लगातार बढ़ते दामों के कारण खरीदारी सीमित करनी पड़ रही है।
प्याज का इस्तेमाल किया कम
गांव तेजली की सुमन रानी ने कहा कि प्याज के दाम बढ़ने से घर का सब्जी खर्च काफी बढ़ गया है। पहले जितनी मात्रा में प्याज खरीदा जाता था, अब उतना लेना मुश्किल हो रहा है। रोज की रसोई में भी प्याज का इस्तेमाल कम करना पड़ रहा है।
बढ़ते दाम की जांच होनी चाहिए
दड़वा माजरी की दलिंद्र ने कहा कि जब मंडी में प्याज 25 से 35 रुपये किलो तक मिल रहा है तो खुदरा बाजार में इसके दाम 50 से 60 रुपये क्यों वसूले जा रहे हैं, इसकी जांच होनी चाहिए। दुकानदारों को उचित मुनाफे के साथ प्याज बेचना चाहिए।

रेलवे रोड पर सब्जी की खरीदारी करता बुजुर्ग। संवाद

रेलवे रोड पर सब्जी की खरीदारी करता बुजुर्ग। संवाद

रेलवे रोड पर सब्जी की खरीदारी करता बुजुर्ग। संवाद