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Karnal News: मुफ्त यात्रा के पहले ही दिन कम पड़ गईं बसें, अफसरों की असली परीक्षा आज
Sat, 09 Aug 2025 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sat, 09 Aug 2025 01:01 AM IST
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बस में सवार होती महिलाएं। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। रक्षाबंधन पर बहनों को मुफ्त बस सेवा देने की घोषणा के पहले ही दिन शुक्रवार को रोडवेज की बसें कम पड़ गई। बस स्टैंड पर बसों में चढ़ने के लिए महिलाओं को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बसें नहीं मिलने से महिलाएं परेशान रहीं। काफी इंतजार करने के बाद भी अड्डों पर बसें नहीं आई, जो बसें आई वह सवारियों से खचाखच भरी दिखीं। महिलाएं अपने 15 वर्ष तक के बच्चों के साथ रोडवेज व निजी बसों में नौ अगस्त की रात 12 बजे बजे तक मुफ्त सफर कर सकती हैं।
रोडवेज अधिकारियों व स्टाफ असली परीक्षा शनिवार को है। एक दिन पहले तो ज्यादातर उन महिलाओं ने बसों में सफर किया, जिन्हें भाइयों के घर पर रात को ठहरना था। आज ज्यादातर वह महिलाएं बसों में सफर करेंगी जो बसों में जाकर भाई की कलाई पर राखी बांध कर शाम को लौटेंगी। मुफ्त सफर की शुरुआत शुक्रवार दोपहर 12 बजे शुरू हो गई थी।
हालांकि दोपहर एक बजे तक बस अड्डों पर भीड़ बहुत कम थी। दोपहर एक बजे के बाद बस स्टैंड पर महिलाओं की संख्या धीरे-धीरे बढ़ने लगी। बस स्टैंड के अंदर के अलावा बाहर परिसर में भी भीड़ दिखाई दे रही थी। धक्का-मुक्की के बीच महिलाओं को अपने बच्चों के साथ बसों में चढ़ने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं शुक्रवार को दोपहर तीन बजे तक बहुत ज्यादा गर्मी व उमस थी। उमस ऐसी की लोगों के शरीर पसीने से तरबतर हो गए। बस स्टैंड पर भीड़ बढ़ने से उमस भी बढ़ गई।
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रोडवेज अधिकारियों की ओर से दावा किया जा रहा था कि रक्षाबंधन पर महिलाओं को सफर करने में किसी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। यह दावे पहले ही दिन खोखले साबित हुए। स्टैंड पर काफी देर तक बसें नहीं आई। सबसे ज्यादा दिक्कत तो शाम के समय आई। शाम को बसों की आवाजाही कम होने से महिलाएं बस स्टैंड पर खड़ी रहीं। इतना ही नहीं जिन महिलाओं को बसों में चढ़ने का मौका मिला उन्हें सीट नहीं मिली। उन्हें कई किलोमीटर लंबा सफर खड़े होकर ही करना पड़ा।
रोडवेज के पास 160 बसें
यमुनानगर रोडवेज डिपो में कुल 160 बसें हैं। इनमें से 150 ही ऑनरूट रहती हैं। इनके अलावा 34 सहकारी समितियों की बसें भी चली। निजी बसों में चढ़ने से पहले महिलाएं कई बार सोचती रही। उन्हें डर सता रहा था कि कहीं निजी बस में परिचालक उनका टिकट न काट दे और टिकट न लेने पर उन्हें बीच रास्ते में ही न उतार दे। रोडवेज की तरफ से बहनों को बेहतर परिवहन यात्रा उपलब्ध कराने के लिए तीन दिनों के लिए चालक व परिचालकों के अवकाश रद कर दिए गए।
रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में महिला और उनके 15 वर्ष तक के बच्चे को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जा रही है। यह सुविधा शनिवार रात 12 बजे तक जारी रहेगी। बसों का संचालन करने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। सभी बसों को चलाया जा रहा है। महिलाओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जा रही। - संजय रावल, रोडवेज महाप्रबंधक, यमुनानगर।
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यमुनानगर। रक्षाबंधन पर बहनों को मुफ्त बस सेवा देने की घोषणा के पहले ही दिन शुक्रवार को रोडवेज की बसें कम पड़ गई। बस स्टैंड पर बसों में चढ़ने के लिए महिलाओं को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बसें नहीं मिलने से महिलाएं परेशान रहीं। काफी इंतजार करने के बाद भी अड्डों पर बसें नहीं आई, जो बसें आई वह सवारियों से खचाखच भरी दिखीं। महिलाएं अपने 15 वर्ष तक के बच्चों के साथ रोडवेज व निजी बसों में नौ अगस्त की रात 12 बजे बजे तक मुफ्त सफर कर सकती हैं।
रोडवेज अधिकारियों व स्टाफ असली परीक्षा शनिवार को है। एक दिन पहले तो ज्यादातर उन महिलाओं ने बसों में सफर किया, जिन्हें भाइयों के घर पर रात को ठहरना था। आज ज्यादातर वह महिलाएं बसों में सफर करेंगी जो बसों में जाकर भाई की कलाई पर राखी बांध कर शाम को लौटेंगी। मुफ्त सफर की शुरुआत शुक्रवार दोपहर 12 बजे शुरू हो गई थी।
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हालांकि दोपहर एक बजे तक बस अड्डों पर भीड़ बहुत कम थी। दोपहर एक बजे के बाद बस स्टैंड पर महिलाओं की संख्या धीरे-धीरे बढ़ने लगी। बस स्टैंड के अंदर के अलावा बाहर परिसर में भी भीड़ दिखाई दे रही थी। धक्का-मुक्की के बीच महिलाओं को अपने बच्चों के साथ बसों में चढ़ने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं शुक्रवार को दोपहर तीन बजे तक बहुत ज्यादा गर्मी व उमस थी। उमस ऐसी की लोगों के शरीर पसीने से तरबतर हो गए। बस स्टैंड पर भीड़ बढ़ने से उमस भी बढ़ गई।
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रोडवेज अधिकारियों की ओर से दावा किया जा रहा था कि रक्षाबंधन पर महिलाओं को सफर करने में किसी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। यह दावे पहले ही दिन खोखले साबित हुए। स्टैंड पर काफी देर तक बसें नहीं आई। सबसे ज्यादा दिक्कत तो शाम के समय आई। शाम को बसों की आवाजाही कम होने से महिलाएं बस स्टैंड पर खड़ी रहीं। इतना ही नहीं जिन महिलाओं को बसों में चढ़ने का मौका मिला उन्हें सीट नहीं मिली। उन्हें कई किलोमीटर लंबा सफर खड़े होकर ही करना पड़ा।
रोडवेज के पास 160 बसें
यमुनानगर रोडवेज डिपो में कुल 160 बसें हैं। इनमें से 150 ही ऑनरूट रहती हैं। इनके अलावा 34 सहकारी समितियों की बसें भी चली। निजी बसों में चढ़ने से पहले महिलाएं कई बार सोचती रही। उन्हें डर सता रहा था कि कहीं निजी बस में परिचालक उनका टिकट न काट दे और टिकट न लेने पर उन्हें बीच रास्ते में ही न उतार दे। रोडवेज की तरफ से बहनों को बेहतर परिवहन यात्रा उपलब्ध कराने के लिए तीन दिनों के लिए चालक व परिचालकों के अवकाश रद कर दिए गए।
रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में महिला और उनके 15 वर्ष तक के बच्चे को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जा रही है। यह सुविधा शनिवार रात 12 बजे तक जारी रहेगी। बसों का संचालन करने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। सभी बसों को चलाया जा रहा है। महिलाओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जा रही। - संजय रावल, रोडवेज महाप्रबंधक, यमुनानगर।

बस में सवार होती महिलाएं। संवाद

बस में सवार होती महिलाएं। संवाद

बस में सवार होती महिलाएं। संवाद

बस में सवार होती महिलाएं। संवाद

बस में सवार होती महिलाएं। संवाद

बस में सवार होती महिलाएं। संवाद

बस में सवार होती महिलाएं। संवाद