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विकास कार्यों का मुआयना करने सड़कों पर उतरीं मेयर

Tue, 29 Oct 2013 10:27 PM IST
करनाल
करनाल Updated Tue, 29 Oct 2013 10:27 PM IST
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Mayor landed to inspect the development work on the streets
मेयर रेनू बाला गुप्ता ने मंगलवार को दलबल सहित विभिन्न वार्डों का दौरा कर विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने विकास से जुड़े अधिकारियों से कहा कि अगर कहीं भी काम में कोताही मिली तो कड़ी कार्रवाई होगी। क्षेत्र का दौरा करने बाद मेयर ने पार्षदों के साथ निगम आयुक्त और डीसी विकास यादव से मुलाकात की और उन्हें बताया कि सड़कों के निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री से क्षेत्र के लोग संतुष्ट नहीं है।
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इसकी जांच कराई जाए। पार्षदों ने कहा कि इंटरलॉकिग टाइलों की क्वालिटी उत्तम स्तर की नहीं है। यही नहीं, सड़क निर्माण के दौरान रेत की जगह मिट्टी का ज्यादा प्रयोग किया जा रहा है। इसके बाद डीसी ने कहा कि पूरे काम की जांच कराई जाएगी और अगर निर्माण में कोई गड़बड़ी पाई गई तो दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दौरे के दौरान मेयर ने पार्षदों के साथ संबंधित क्षेत्र के लोगों से बातचीत की और उनसे आह्वान किया कि वह अपने स्तर पर भी उनके क्षेत्र में चल रहे कार्यों की गुणवत्ता पर निगाह रखें।
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अगर वे कार्य से संतुष्ट नहीं हैं तो क्षेत्र के पार्षद के माध्यम से निगम में जानकारी दें। हर वार्ड में चल रहे कार्यों के बोर्ड भी लगे होंगे, जो दर्शाएगा कि क्या-क्या कार्य कराए जा रहे हैं। नौ जुलाई से उन्होंने मेयर के तौर पर पदभार संभाला है तबसे लेकर अब तक करीब 10 करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए जा रहे हैं। 800 स्ट्रीट लाइटें लगाई जा चुकी हैं। इससे पहले उन्होंने पार्षदों और अधिकारियों के साथ बैठक करके शहर में चल रहे विकास कार्यों की बातचीत की।
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इसके बाद मेयर व पार्षदों ने अधिकारियों के साथ मीराघाटी से नमस्ते चौक, सैनी कॉलोनी, मॉडल टाउन, राम नगर, प्रेम नगर, रेलवे रोड, रमेश नगर, हांसी रोड व राजीव कॉलोनी में चल रहे सड़कों के निर्माण कार्यों का मुआयना किया। उन्होंने कहा कि नगर निगम की सड़कों को मजबूत बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में निगम क्षेत्र की सड़कों का निर्माण हो रहा है।

करनाल शहर की किसी सड़क को कच्ची नहीं रहने दिया जाएगा लेकिन इस कार्य में किसी प्रकार की गड़बड़ी को भी निगम पार्षद बर्दाश्त नहीं करेंगे। मौके पर वरिष्ठ उप महापौर कृष्ण गर्ग, उप महापौर मनोज वधवा, पार्षद बलविंदर सिंह, भाग सिंह, सुजाता अरोड़ा, कमलेश लाठर, शीला रानी, जोगेंद्र चौहान, रामचंद्र काला, रोहताश लाठर, मुकेश अरोड़ा, एमई सुनील भल्ला, ईश्वर सिंह वर्मा, जेई राजेश चंदेल व वरुण शर्मा मौजूद थे।

बीस बीटें करेंगी शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त
शहर को गंदगी रहित व साफ-सुथरा बनाने के लिए 20 बीटें बनाई गई हैं। प्रत्येक बीट में सफाई की निगरानी के लिए एक एसडीओ स्तर के अधिकारी की नियुक्ति की गई है, जो सप्ताह में दो-तीन बार सफाई की चेकिंग करके उसकी रिपोर्ट प्रशासन को देंगे।

उपायुक्त और नगर निगम के आयुक्त विकास यादव ने पत्रकारों को बताया कि बीट अधिकारियों में सचिव रेडक्रॉस सोसाइटी सुनील कुमार, डिविजनल भूमि सुधार अधिकारी कुलदीप गौतम, हुडा के एसडीओ धर्मवीर सिंह, हुडा के एसडीओ जसपाल सिंह, पंचायती राज के एसडीएम नाथीराम, पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर शक्ति सिंह, एसडीओ केएस पठानिया, जिला बाल कल्याण अधिकारी एएन नरवाल, हाउसिंग बोर्ड के एसडीओ ओमप्रकाश, कृषि विभाग के एसडीओ सुनील कुमार, जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीई ईश्वर चंद शामिल हैं।

नगर निगम करनाल की ओर से शहर में सफाई व्यवस्था के लिए प्रत्येक बीट में सूचना पट लगवाए गए हैं। इन सूचना पट्टों पर बीट से संबंधित क्षेत्र के दरोगा, सफाई निरीक्षक का नाम व उनके मोबाइल नंबर लिखवाए गए हैं। क्षेत्र अनुसार ठेकेदार व निगम के कितने आदमी सफाई के लिए लगाए गए हैं, इनका पूरा विवरण भी सूचना पट्ट पर प्रदर्शित कराया गया है। शहर का कोई भी व्यक्ति सूचना पट्टों पर दर्शाए गए सफाई कर्मियों की संख्या को स्वयं चेक कर सकता है और चेक करने के बाद यदि कोई सफाई कर्मी अनुपस्थित पाया जाता है तो ऐसी अवस्था में ठेके पर नियुक्त कर्मी का दो दिन का वेतन काट लिया जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि मेरठ रोड पर निर्मित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को निगम की ओर से, एग्रीमेंट अनुसार अढ़ाई करोड रुपये की राशि अदा कर दी गई है। प्लांट को चलाने वाली कंपनी, निगम को रेहड़ियां, डंपर, रिफ्यूज कलेक्टर तथा डस्टबिन मुहैया करवाएगी। इससे भी कूड़ा उठाने की व्यवस्था में निश्चित रूप से सुधार आएगा। जिस तरह से शहर में डेंगू या अन्य तरह के बुखार से लोग प्रभावित हो रहे हैं, उस पर भी रोकथाम लगेगी।

करनाल धान का प्रमुख क्षेत्र है। दूसरी ओर शहर के बीचोंबीच मुगल कैनाल भी गुजरती है। इन परिस्थितियों में मच्छरों की तादात बढ़ाना स्वाभाविक है लेकिन सभी बुखार डेंगू नहीं होते। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बुखार से पीड़ित व्यक्ति के खून के 600 सैंपल लिए गए थे। इनमें से डेंगू के केवल 150 ही पॉजिटिव पाए गए हैं। हालांकि डेंगू का टेस्ट महंगा है लेकिन स्वास्थ्य विभाग के पास इसकी पूरी व्यवस्था है। इसके तहत देश के पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी से किट मंगवाई गई हैं।

एक किट से 96 रोगियों के टेस्ट हो जाते हैं और इसे एलीजा टेस्ट के नाम से जाना जाता है। बुखार से पीडित बहुत से लोग निजी क्लीनिकों पर जाकर डेंगू का टेस्ट करवाते हैं और बुखार को डेंगू मान लेते हैं लेकिन ऐसे बहुत से टेस्ट संदेहास्पद होते हैं, डेंगू नहीं होते।

दिवाली पर नपा ने चमकाया शहर
तरावड़ी नगरपालिका ने दीपावली के त्योहार के मद्देनजर शहर के मुख्य बाजारों में मंगलवार से सफाई अभियान शुरू कर दिया। दिनभर चले सफाई अभियान के बाद शहर साफ सुथरा नजर आया। नगरपालिका सचिव सुशील कुमार ने कहा कि जिस तरह आम आदमी अपने घरों की सफाई करता है, ठीक इसी तरह पूरा शहर हमारा घर है और दीपावली के पूर्व पर पूरे शहर में गंदगी नजर नहीं आएगी।


नगरपालिका के कर्मचारी पूरी मेहनत से काम कर रहे हैं लेकिन शहर के आम आदमी का सहयोग भी इसमें जरूरी है। दुकानदार गंदगी को कूड़ेदान में डालें। दीपावली के अवसर पर लोग पटाखे के बजाय कम प्रदूषण करने वाली आतिशबाजी का प्रयोग करें। मौके पर एमई विनोद गोयल, जेई निजेश कुमार व सफाई दरोगा गीता रानी उपस्थित थे।
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