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Karnal News: हादसे में गंवाया पैर पर नहीं मानी हार, आज पैरा बैडमिंटन में बादशाहत
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- कर्ण स्टेडियम के वरिष्ठ कोच नितेश कुमार पैरा ओलंपिक में दिखाएंगे दम
- चीन में आयोजित पैरा एशियाई खेलों में जीत चुके तीन पदक
सुखदेव चौहान
करनाल। कर्ण स्टेडियम के वरिष्ठ बैडमिंटन कोच नितेश कुमार ने वर्ष 2009 में एक दुर्घटना में अपना एक पैर गंवा दिया था इसके बावजूद उन्होंने बैडमिंटन में नाम कमाया है। दिव्यांगता को शिकस्त देकर वह वरिष्ठ कोच बने। आज वह वर्ल्ड नंबर वन रैंकिंग खिलाड़ी हैं। इस बार पैरा ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले वह करनाल से महज एक खिलाड़ी हैं।
नितेश ने इससे पहले में चीन में आयोजित पैरा एशियाई खेलों में स्वर्ण, रजत व कांस्य पदक जीते हैं। वह बैडमिंटन की एकल स्पर्धा में वर्ल्ड नंबर वन व मिक्स डबल में वर्ल्ड में तीसरे स्थान पर हैं। नितेश ने बताया कि उनकी बचपन से खेलों में रुचि नहीं थी, वह पढ़ाई में अव्वल रहे। दुर्घटना से कुछ समय पहले ही उन्होंने बैडमिंटन खेलना शुरू किया था।
एक बार तो दुर्घटना होने पर सब कुछ खत्म होता सा नजर आया मगर जब पैरा में बेहतर भविष्य देखा तो मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में पहली बार नेशनल में कांस्य पदक जीता फिर 2017 में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में जीता। लगातार अभ्यास से उन्होंने खुद को इस काबिल बनाया कि आज खेल विभाग में वरिष्ठ कोच हूं। उन्होंने 2014 में आईआईटी मंडी से पढ़ाई की।
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नितेश की उपलब्धियां
- 2024 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता है।
- 2022 में भी वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता।
- 2019 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में रजत पदक जीता।
- 2018 में एशियन गेम में कांस्य पदक जीता है।
29 को होगा पेरिस में मुकाबला
पेरिस ओलंपिक में नीतेश कुमार का पहला मुकाबला 29 अगस्त को होगा। अभी वह हैदराबाद कैंप में खेल की बारीकियां सीख रहे हैं। 25 अगस्त को वह दिल्ली से पेरिस के लिए रवाना होंगे। नीतेश ने बताया कि वह पेरिस ओलंपिक में अपना दम दिखाने के लिए तैयार हैं।
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- चीन में आयोजित पैरा एशियाई खेलों में जीत चुके तीन पदक
सुखदेव चौहान
करनाल। कर्ण स्टेडियम के वरिष्ठ बैडमिंटन कोच नितेश कुमार ने वर्ष 2009 में एक दुर्घटना में अपना एक पैर गंवा दिया था इसके बावजूद उन्होंने बैडमिंटन में नाम कमाया है। दिव्यांगता को शिकस्त देकर वह वरिष्ठ कोच बने। आज वह वर्ल्ड नंबर वन रैंकिंग खिलाड़ी हैं। इस बार पैरा ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले वह करनाल से महज एक खिलाड़ी हैं।
नितेश ने इससे पहले में चीन में आयोजित पैरा एशियाई खेलों में स्वर्ण, रजत व कांस्य पदक जीते हैं। वह बैडमिंटन की एकल स्पर्धा में वर्ल्ड नंबर वन व मिक्स डबल में वर्ल्ड में तीसरे स्थान पर हैं। नितेश ने बताया कि उनकी बचपन से खेलों में रुचि नहीं थी, वह पढ़ाई में अव्वल रहे। दुर्घटना से कुछ समय पहले ही उन्होंने बैडमिंटन खेलना शुरू किया था।
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एक बार तो दुर्घटना होने पर सब कुछ खत्म होता सा नजर आया मगर जब पैरा में बेहतर भविष्य देखा तो मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में पहली बार नेशनल में कांस्य पदक जीता फिर 2017 में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में जीता। लगातार अभ्यास से उन्होंने खुद को इस काबिल बनाया कि आज खेल विभाग में वरिष्ठ कोच हूं। उन्होंने 2014 में आईआईटी मंडी से पढ़ाई की।
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नितेश की उपलब्धियां
- 2024 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता है।
- 2022 में भी वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता।
- 2019 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में रजत पदक जीता।
- 2018 में एशियन गेम में कांस्य पदक जीता है।
29 को होगा पेरिस में मुकाबला
पेरिस ओलंपिक में नीतेश कुमार का पहला मुकाबला 29 अगस्त को होगा। अभी वह हैदराबाद कैंप में खेल की बारीकियां सीख रहे हैं। 25 अगस्त को वह दिल्ली से पेरिस के लिए रवाना होंगे। नीतेश ने बताया कि वह पेरिस ओलंपिक में अपना दम दिखाने के लिए तैयार हैं।