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Karnal News: सरल केंद्र से बेहतर सेवाएं देने में करनाल प्रदेश में अव्वल
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सरल केंद्र के माध्यम से जनता को विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ पहुंचाने के मामले में करनाल प्रदेश में टॉप पर रहा है। जबकि अब तक जिला प्रदेश में छठे पायदान पर था। करनाल जिले को 9.6 आरटीएस स्कोर मिला है। यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और रेवाड़ी की प्रगति भी करनाल के समकक्ष है, जबकि अन्य जिले इनसे पीछे हैं।
इलेक्ट्रोनिकी और सूचना प्रोद्योगिकी मंत्रालय के राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र में आईटी के निदेशक महीपाल सीकरी ने बताया कि सरल केंद्र का उद्घाटन नौ मई 2015 को मुख्यमंत्री ने किया था। पहले इसे ई-दिशा के नाम से जाना जाता था। अब तक केंद्र के माध्यम से 1.57 लाख आवेदक विभिन्न सेवाओं का लाभ ले चुके हैं। इनमें से 1.52 लाख आवेदनों पर सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत कार्यवाही हुई।
प्रत्येक कार्य दिवस में औसतन 600 नागरिक केंद्र में आते हैं। जिन्हें अपने दस्तावेज सत्यापित करवाने के बाद टोकन लेना होता है। नागरिकों को लाइन में न लगना पड़े, इसके लिए पहले आएं-पहले पाएं के आधार पर टोकन दिया जाता है। टोकन प्राप्त करने के बाद नागरिक वातानुकूलित कक्ष में अपनी बारी की प्रतीक्षा करते हैं, जहां एलसीडी स्क्रीन पर टोकन प्रदर्शित होते हैं। इसके बाद सेवा काउंटर पर दस्तावेज जमा करने से लेकर भुगतान तक का काम सिंगल विंडो पर होता है। आरसी और लाइसेंस जैसे दस्तावेज आवेदक द्वारा दिए गए पते पर पहुंच जाते हैं। इसके अलावा पंचायत भवन परिसर के केंद्र में करीब 450 स्कीमों का लाभ दिया जाता है।
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करनाल। सरल केंद्र के माध्यम से जनता को विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ पहुंचाने के मामले में करनाल प्रदेश में टॉप पर रहा है। जबकि अब तक जिला प्रदेश में छठे पायदान पर था। करनाल जिले को 9.6 आरटीएस स्कोर मिला है। यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और रेवाड़ी की प्रगति भी करनाल के समकक्ष है, जबकि अन्य जिले इनसे पीछे हैं।
इलेक्ट्रोनिकी और सूचना प्रोद्योगिकी मंत्रालय के राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र में आईटी के निदेशक महीपाल सीकरी ने बताया कि सरल केंद्र का उद्घाटन नौ मई 2015 को मुख्यमंत्री ने किया था। पहले इसे ई-दिशा के नाम से जाना जाता था। अब तक केंद्र के माध्यम से 1.57 लाख आवेदक विभिन्न सेवाओं का लाभ ले चुके हैं। इनमें से 1.52 लाख आवेदनों पर सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत कार्यवाही हुई।
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प्रत्येक कार्य दिवस में औसतन 600 नागरिक केंद्र में आते हैं। जिन्हें अपने दस्तावेज सत्यापित करवाने के बाद टोकन लेना होता है। नागरिकों को लाइन में न लगना पड़े, इसके लिए पहले आएं-पहले पाएं के आधार पर टोकन दिया जाता है। टोकन प्राप्त करने के बाद नागरिक वातानुकूलित कक्ष में अपनी बारी की प्रतीक्षा करते हैं, जहां एलसीडी स्क्रीन पर टोकन प्रदर्शित होते हैं। इसके बाद सेवा काउंटर पर दस्तावेज जमा करने से लेकर भुगतान तक का काम सिंगल विंडो पर होता है। आरसी और लाइसेंस जैसे दस्तावेज आवेदक द्वारा दिए गए पते पर पहुंच जाते हैं। इसके अलावा पंचायत भवन परिसर के केंद्र में करीब 450 स्कीमों का लाभ दिया जाता है।
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