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Karnal: बेटे को परिवार पहचान पत्र में जिंदा दिखाने के लिए पिता खा रहा धक्के
Sat, 03 Feb 2024 10:40 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sat, 03 Feb 2024 10:40 PM IST
सार
जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सीएम विंडो में शिकायत दी गई। एसडीएम कार्यालय के एक कर्मचारी पर टरकाने का आरोप है।
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परिवार पहचान पत्र
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हरियाणा के करनाल के असंध निवासी एक पिता अपने 20 वर्षीय बेटे को सरकारी कागजों में जिंदा दिखाने के लिए सरकारी दफ्तरों के धक्के खा रहा है। जब उसकी कहीं सुनवाई नहीं हुई तो पिता ने सीएम विंडो में शिकायत दर्ज करवाई है।
पिता धर्मपाल ने सीएम विंडो में दी शिकायत में बताया कि वह वार्ड नंबर-5 असंध तहसील क्षेत्र का स्थाई निवासी है। उसके परिवार पहचान पत्र (फैमिली आईडी) में चार सदस्य दर्ज हैं। उसका पहचान पत्र नंबर 3एनपीके3693 है। परिवार पहचान पत्र में उसके बेटे रवि कुमार को मृत दिखाया गया है। वह लगभग छह माह से उसे परिवार पहचान पत्र में ठीक कराने व बेटे को कागजों में जिंदा दिखाने के लिए भटक रहा है।
पिता ने आरोप लगाया कि एसडीएम कार्यालय असंध में बैठा एक कर्मचारी उसे बार-बार टरका कर वापस भेज देता है। जिससे परेशान होकर वह सीएम विंडो में शिकायत देने आया है। आरोप है कि एक कर्मचारी कहता है कि यह तो ऊपर से ठीक होगा।
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इसमें वह कुछ नहीं कर सकता जबकि उसने परिवार पहचानपत्र को ठीक करवाने के लिए टोल फ्री नंबर पर बात की तो उन्होंने कहा कि वे स्वयं अपने क्षेत्र के एसडीएम कार्यालय में जाकर उसे ठीक करवा सकते हैं, लेकिन जब भी वह कार्यालय में जाता है तो वह उसे टाल मटोल कर वापस भेज देता है।
बेटा कपड़ा फैक्टरी में करता है नौकरी
पिता धर्मपाल ने बताया कि जिस बेटे को वह कागजों में जिंदा दिखाने के लिए धक्के खा रहा है। वह गन्नौर स्थित एक कपड़ा फैक्टरी में तीन साल से नौकरी कर रहा है। वह वहां अपनी बहन के घर रहता है। छुट्टी होने पर घर असंध आता है। पीड़ित ने बताया कि छह माह पहले सरकारी राशन मिलना बंद हो गया था। जब वह एसडीएम कार्यालय गया तो वहां उसे पता चला कि उसके बेटे को पीपीपी में मृत दिखाया गया है। जिस कारण उसका राशन नहीं मिल रहा है। इसके बाद ही उसने कागज ठीक करवाने के लिए प्रक्रिया शुरू की। धर्मपाल का आरोप है कि उसने अपने बेटे के दस्तावेज भी कर्मचारियों को दिखाए, बावजूद इसके पहचान पत्र ठीक नहीं हुई। अगर इसके बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह कोर्ट जाएंगे।
यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। मंगलवार को कार्यालय में जाकर इसकी जांच करेंगे। अगर किसी कर्मचारी ने गुमराह किया है तो कार्रवाई की जाएगी। -वीरेंद्र सिंह, एसडीएम, असंध
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पिता धर्मपाल ने सीएम विंडो में दी शिकायत में बताया कि वह वार्ड नंबर-5 असंध तहसील क्षेत्र का स्थाई निवासी है। उसके परिवार पहचान पत्र (फैमिली आईडी) में चार सदस्य दर्ज हैं। उसका पहचान पत्र नंबर 3एनपीके3693 है। परिवार पहचान पत्र में उसके बेटे रवि कुमार को मृत दिखाया गया है। वह लगभग छह माह से उसे परिवार पहचान पत्र में ठीक कराने व बेटे को कागजों में जिंदा दिखाने के लिए भटक रहा है।
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पिता ने आरोप लगाया कि एसडीएम कार्यालय असंध में बैठा एक कर्मचारी उसे बार-बार टरका कर वापस भेज देता है। जिससे परेशान होकर वह सीएम विंडो में शिकायत देने आया है। आरोप है कि एक कर्मचारी कहता है कि यह तो ऊपर से ठीक होगा।
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इसमें वह कुछ नहीं कर सकता जबकि उसने परिवार पहचानपत्र को ठीक करवाने के लिए टोल फ्री नंबर पर बात की तो उन्होंने कहा कि वे स्वयं अपने क्षेत्र के एसडीएम कार्यालय में जाकर उसे ठीक करवा सकते हैं, लेकिन जब भी वह कार्यालय में जाता है तो वह उसे टाल मटोल कर वापस भेज देता है।
बेटा कपड़ा फैक्टरी में करता है नौकरी
पिता धर्मपाल ने बताया कि जिस बेटे को वह कागजों में जिंदा दिखाने के लिए धक्के खा रहा है। वह गन्नौर स्थित एक कपड़ा फैक्टरी में तीन साल से नौकरी कर रहा है। वह वहां अपनी बहन के घर रहता है। छुट्टी होने पर घर असंध आता है। पीड़ित ने बताया कि छह माह पहले सरकारी राशन मिलना बंद हो गया था। जब वह एसडीएम कार्यालय गया तो वहां उसे पता चला कि उसके बेटे को पीपीपी में मृत दिखाया गया है। जिस कारण उसका राशन नहीं मिल रहा है। इसके बाद ही उसने कागज ठीक करवाने के लिए प्रक्रिया शुरू की। धर्मपाल का आरोप है कि उसने अपने बेटे के दस्तावेज भी कर्मचारियों को दिखाए, बावजूद इसके पहचान पत्र ठीक नहीं हुई। अगर इसके बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह कोर्ट जाएंगे।
यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। मंगलवार को कार्यालय में जाकर इसकी जांच करेंगे। अगर किसी कर्मचारी ने गुमराह किया है तो कार्रवाई की जाएगी। -वीरेंद्र सिंह, एसडीएम, असंध