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नालों में अधिक पानी हुआ तो स्वत: चालू हो जाएंगी पंप की मोटरें
Fri, 22 Aug 2025 01:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Fri, 22 Aug 2025 01:11 AM IST
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101...डिस्पोजल पर लगा पम्प । प्रवक्ता
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अब आटोमेटिक होगी कर्णनगरी की जलनिकासी व्यवस्था, स्काडा परियोजना पर खर्च होंगे 22.85 करोड़ रुपये
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर में जल निकासी की व्यवस्था अब ऑटोमेटिक होगी। जैसे ही कोई पंप खराब हुआ या नालों में पानी अधिक हुआ तो उसका मैसेज तत्काल नियंत्रण कक्ष में जाएगा, वहां से स्वत: जारी होने पर संकेत पानी की मात्रा के अनुसार पंपों की मोटरें शुरू हो जाएंगी। अधिक पानी होने पर स्डैंडबाय पर रखी गई मोटरें भी खुद ब खुद संचालित हो जाएंगी। किस नाले में कितना पानी बह रहा है, इसकी जानकारी भी सेंटर पर प्रदर्शित होती रहेगी। ये सब होगा, स्काडा परियोजना के तहत, जिसे अब नगर निगम ने लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है, इसे पहले 12 डिस्पोजल तथा चार इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन (आईपीएस) पर लागू करने की तैयारी है। इस पर करीब 22.85 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
नगर निगम आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने बताया कि स्काडा की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर.) तैयार कर अनुमोदन के लिए निदेशालय शहरी स्थानीय निकाय को भेजी गई थी लेकिन इस पर कुछ जानकारी और मांगी गई है, जिसे पूरा करके शुक्रवार तक डीपीआर. को दोबारा निदेशालय भेज दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि परियोजना पांच वर्ष का संचालन और रख-रखाव भी, कुल लागत में शामिल रहेगा। परियोजना के तहत डिस्पोजल व आईपीएस. पर विभिन्न प्रकार के स्काडा उपकरण जैसे रेन गेजिस, फ्लोमीटर, सोफ्ट स्टाटर, लेवल ट्रांसमीटर, लेवल सेंसर, राडार लेवल ट्रांसमीटर, इलेक्ट्रो-मेग्नेटिक फ्लोमीटर, प्रोसेस कंट्रोल पीएलसी, स्काडा ऑटोमेशन, वीएफडी. ड्राईव्स तथा मोटर, पंपिंग सेट, स्लूज वाल व स्लूज गेट लगाए जाएंगे।
इन पर लगेंगे संयंत्र
स्काडा परियोजना में डिस्पोजल में गुरु हरकिशन पब्लिक स्कूल सेक्टर-13 एक्सटेंशन, एचएसवीपी. ऑफिस क्वार्टर सेक्टर-13 एक्सटेंशन, कर्ण कॉमर्शियल सेंटर नजदीक बूथ संख्या- 199, नजदीक पुरानी सब्जी मंडी ब्रिज सेक्टर-14, नजदीक कृष्णा मंदिर सेक्टर-14, सेक्टर-14 जीटी रोड नजदीक इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप, अटल पार्क सेक्टर-8, बलड़ी चौक नजदीक नया बस अड्डï, गांव दहा, नजदीक रेलवे अंडर ब्रिज शिव कॉलोनी, सूरज नगर डिस्पोजल तथा 72 इंच डिस्पोजल एनएच.-44 शामिल हैं। इसके अतिरिक्त गांव सैदपुरा, नजदीक हैरीटेज लॉन, मीरा घाटी तथा हकीकत नगर स्थित इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन पर भी लगाया जाएगा।
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यह होगा फायदा-
निगमायुक्त ने बताया कि बारिश के सीजन में डिस्पोजल पर लगे पंप स्वचालित रूप से स्मार्ट वर्क करेंगे। ज्यादा व कम बारिश होने की सूरत में नालों से कितना पानी आ रहा है, रेन गेजिस, फ्लोमीटर व रडार लेवल ट्रांसमीटर इसका पता लगाएंगे और उतनी ही क्षमता की पंप मोटरें स्वचालित हो जाएंगी। पंप खराब होने की स्थिति में स्टैंडबाय पर रखे पंप को नियंत्रण कक्ष से ही चालू कर दिया जाएगा। डिस्पोजल व आईपीएस. का तमाम सिस्टम स्काडा के जरिए नियंत्रण कक्ष में लगी स्क्रीन पर नजर आएगा। तेज बारिश में भी सारा कार्य बिना किसी देरी के हो पाएगा। बरसाती पानी की निर्बाध रूप से निकासी होगी और शहर में जल भराव की समस्या का स्थाई समाधान होगा।
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर में जल निकासी की व्यवस्था अब ऑटोमेटिक होगी। जैसे ही कोई पंप खराब हुआ या नालों में पानी अधिक हुआ तो उसका मैसेज तत्काल नियंत्रण कक्ष में जाएगा, वहां से स्वत: जारी होने पर संकेत पानी की मात्रा के अनुसार पंपों की मोटरें शुरू हो जाएंगी। अधिक पानी होने पर स्डैंडबाय पर रखी गई मोटरें भी खुद ब खुद संचालित हो जाएंगी। किस नाले में कितना पानी बह रहा है, इसकी जानकारी भी सेंटर पर प्रदर्शित होती रहेगी। ये सब होगा, स्काडा परियोजना के तहत, जिसे अब नगर निगम ने लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है, इसे पहले 12 डिस्पोजल तथा चार इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन (आईपीएस) पर लागू करने की तैयारी है। इस पर करीब 22.85 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
नगर निगम आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने बताया कि स्काडा की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर.) तैयार कर अनुमोदन के लिए निदेशालय शहरी स्थानीय निकाय को भेजी गई थी लेकिन इस पर कुछ जानकारी और मांगी गई है, जिसे पूरा करके शुक्रवार तक डीपीआर. को दोबारा निदेशालय भेज दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि परियोजना पांच वर्ष का संचालन और रख-रखाव भी, कुल लागत में शामिल रहेगा। परियोजना के तहत डिस्पोजल व आईपीएस. पर विभिन्न प्रकार के स्काडा उपकरण जैसे रेन गेजिस, फ्लोमीटर, सोफ्ट स्टाटर, लेवल ट्रांसमीटर, लेवल सेंसर, राडार लेवल ट्रांसमीटर, इलेक्ट्रो-मेग्नेटिक फ्लोमीटर, प्रोसेस कंट्रोल पीएलसी, स्काडा ऑटोमेशन, वीएफडी. ड्राईव्स तथा मोटर, पंपिंग सेट, स्लूज वाल व स्लूज गेट लगाए जाएंगे।
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इन पर लगेंगे संयंत्र
स्काडा परियोजना में डिस्पोजल में गुरु हरकिशन पब्लिक स्कूल सेक्टर-13 एक्सटेंशन, एचएसवीपी. ऑफिस क्वार्टर सेक्टर-13 एक्सटेंशन, कर्ण कॉमर्शियल सेंटर नजदीक बूथ संख्या- 199, नजदीक पुरानी सब्जी मंडी ब्रिज सेक्टर-14, नजदीक कृष्णा मंदिर सेक्टर-14, सेक्टर-14 जीटी रोड नजदीक इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप, अटल पार्क सेक्टर-8, बलड़ी चौक नजदीक नया बस अड्डï, गांव दहा, नजदीक रेलवे अंडर ब्रिज शिव कॉलोनी, सूरज नगर डिस्पोजल तथा 72 इंच डिस्पोजल एनएच.-44 शामिल हैं। इसके अतिरिक्त गांव सैदपुरा, नजदीक हैरीटेज लॉन, मीरा घाटी तथा हकीकत नगर स्थित इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन पर भी लगाया जाएगा।
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यह होगा फायदा-
निगमायुक्त ने बताया कि बारिश के सीजन में डिस्पोजल पर लगे पंप स्वचालित रूप से स्मार्ट वर्क करेंगे। ज्यादा व कम बारिश होने की सूरत में नालों से कितना पानी आ रहा है, रेन गेजिस, फ्लोमीटर व रडार लेवल ट्रांसमीटर इसका पता लगाएंगे और उतनी ही क्षमता की पंप मोटरें स्वचालित हो जाएंगी। पंप खराब होने की स्थिति में स्टैंडबाय पर रखे पंप को नियंत्रण कक्ष से ही चालू कर दिया जाएगा। डिस्पोजल व आईपीएस. का तमाम सिस्टम स्काडा के जरिए नियंत्रण कक्ष में लगी स्क्रीन पर नजर आएगा। तेज बारिश में भी सारा कार्य बिना किसी देरी के हो पाएगा। बरसाती पानी की निर्बाध रूप से निकासी होगी और शहर में जल भराव की समस्या का स्थाई समाधान होगा।