{"_id":"6880d4f2dd854a2f49064496","slug":"haryana-youth-murdered-in-america-2025-07-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा के युवक की विदेश में हत्या: ग्रीन कार्ड होल्डर था संजीव, USA में करता था ड्राइविंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा के युवक की विदेश में हत्या: ग्रीन कार्ड होल्डर था संजीव, USA में करता था ड्राइविंग
Wed, 23 Jul 2025 05:56 PM IST
शाहिल शर्मा
माई सिटी रिपोर्टर करनाल
माई सिटी रिपोर्टर करनाल
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Wed, 23 Jul 2025 05:56 PM IST
सार
संजीव अमेरिका में ग्रीन कार्ड होल्डर था और वहां पर ट्रक चलाने का काम करता था। इस वारदात के बाद परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
विज्ञापन
करनाल के युवक की अमेरिका में हत्या
- फोटो : istock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिका के कैलिफोर्निया में करनाल के हथलाना गांव निवासी 32 वर्षीय संजीव की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। संजीव दो दिन बाद भारत लौटने वाला था। घरवाले उसके स्वागत की तैयारियों में जुटे थे। इसी बीच उनकी हत्या की खबर आई और खुशियां मातम में बदल गईं। घटना के बाद से गांव में शोक का माहौल है।
संजीव अमेरिका में ग्रीन कार्ड होल्डर था और वहां पर ट्रक चलाता था। बीते रविवार की रात संजीव रोज की तरह रेस्तरां से खाना लेने के लिए घर से निकले थे। उनके छोटे भाई को कैलिफोर्निया पुलिस का फोन आया। बताया गया कि संजीव को गोली मार दी गई है और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
खबर मिलते ही करनाल के सेक्टर-32 में रह रहे परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां बेसुध हैं। पिता भी चुप हो गए हैं। किसी से बोल नहीं रहे। घर पर लोगों का तांता लगा हुआ है। हर कोई परिजनों को ढांढस बंधा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
संजीव अमेरिका में ग्रीन कार्ड होल्डर था और वहां पर ट्रक चलाता था। बीते रविवार की रात संजीव रोज की तरह रेस्तरां से खाना लेने के लिए घर से निकले थे। उनके छोटे भाई को कैलिफोर्निया पुलिस का फोन आया। बताया गया कि संजीव को गोली मार दी गई है और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
विज्ञापन
खबर मिलते ही करनाल के सेक्टर-32 में रह रहे परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां बेसुध हैं। पिता भी चुप हो गए हैं। किसी से बोल नहीं रहे। घर पर लोगों का तांता लगा हुआ है। हर कोई परिजनों को ढांढस बंधा रहा है।
विज्ञापन