फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   government rate only on paper

सरकारी रेट सिर्फ कागजों में, मोबाइल एप और रेहड़ी पर डेढ़ गुणा ज्यादा महंगे सब्जी और फल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 22 Apr 2020 01:39 AM IST
विज्ञापन
government rate only on paper
लॉकडाउन में लोगों को घर बैठे सब्जी और फल मिले, इसके लिए प्रशासन की ओर से ऑनलाइन ऑर्डर के अलावा कुछ सब्जी और फल विक्रेताओं को शहर में डोर टू डोर बिक्री के लिए भी अधिकृत किया है। रेट में कोई गड़बड़ न हो, इसके लिए मार्केट कमेटी की ओर से रोजाना रेट लिस्ट जारी की जाती है, लेकिन ये रेट सिर्फ कागजों में ही रह जाता है। लोगों को डेढ़ से दो गुणा महंगे दाम पर सब्जी और फल मिल रहे हैं। मंडी से निकलते ही, विक्रेताओं के सब्जी और फल के मनमाने रेट हो जाते हैं। इसका ना ही प्रशासन को पता चल पाता और ना ही ग्राहक को। कारण, प्रशासन द्वारा जारी रेट लिस्ट रेहड़ियों पर नहीं लगी होती। वहीं ऑनलाइन बिक्री के लिए बनाई गई मोबाइल एप नीड्स ऑन व्हील पर भी रेट फीड होता है। मंगलवार को जब अमर उजाला ने मार्केट कमेटी की रेट लिस्ट से एप पर दर्शाये रेट और सब्जी विक्रेताओं के दाम पूछे तो काफी अंतर पाया।
विज्ञापन

ऑनलाइन ऑर्डर पर 30 रुपये डिलिवरी चार्ज अलग
मोबाइल एप नीड्स ऑन व्हील पर हर सब्जी और फल के रेट फिक्स हैं। एक क्लिक पर ऑर्डर चार्ट तैयार होता है। यहां सामान का रेट कम ज्यादा नहीं कर सकते। कम से कम 150 रुपये का ऑर्डर करना जरूरी है। इस पर भी 30 रुपये का डिलीवरी चार्ज अलग से है। फिर भी प्रशासन द्वारा जारी रेट ऐप पर दर्शाये रेट से अलग क्यों हैं? यह भी सवाल उठाता है।
विज्ञापन

सीधा जवाब, लेना है तो लो.. नहीं तो रहने दो
सदर बाजार क्षेत्र में एक सब्जी विक्रेता से जब करेले का रेट पूछा तो उसने 50 रुपये प्रति किलो बताया, जबकि निर्धारित रेट 35 से 45 रुपये प्रति किलोग्राम है। जब सब्जी वाले से रेट लिस्ट दिखाने को कहा तो उसका कहना था कि उसके पास नहीं है। जब रेट बताया तो बोला ये थोक का भाव है। सात किलोमीटर दूर से माल लाते हैं। आपको भाव ठीक लगे तो ले लो, वरना रहने दो।
विज्ञापन
विज्ञापन

रोजाना हो रहे 300 से ज्यादा ऑर्डर
नई सब्जी मंडी के फल व सब्जी विक्रेता दिलबाग का कहना है कि प्रशासन द्वारा तैयार की गई मोबाइल एप पर उनके पास रोजाना 300 से ज्यादा ऑर्डर आते हैं। लोगों के घरों तक सब्जी व फल पहुंचाए जाते हैं। तय रेट ही लिया जाता है।
जो रेट ऐप पर शो होता है, उसी में बेच रहे
नई सब्जी मंडी के फल व सब्जी विक्रेता सुमित का कहना है कि फलों और सब्जियों के दाम मोबाइल एप पर ही दर्शाये जाते हैं। इन्हीं रेट के आधार पर लोग ऑर्डर करते हैं और हम डिलीवरी देते हैं। रेट कम ज्यादा करना हमारे हाथ में नहीं है।

21 अप्रैल के तय रेट से ऐप और रेहड़ी के दाम में कितना अंतर-
फल तय दाम ऐप पर रेहड़ी पर
संतरा 60 से 75 80 75
मौसमी 30 से 40 46 50
अंगूर 65 से 100 90 100
सेब 90 से 110 130 120
केला 45 से 50 50 55
अनानास 45 से 55 75 -
पपीता 40 - 60
सब्जी तय दाम ऐप पर रेहड़ी पर
टमाटर 15 से 20 26 से 30 25 से 30
आलू 20 20 25
प्याज 15 से 20 20 25
पालक 15 20 20
गोभी 10 से 15 20 20
हरी मिर्च 20 से 30 50 45
कददू 10 20 20
खीरा 10 से 15 20 15
घीया 10 20 15
बंद गोभी 10 20 20
नींबू 60 से 80 80 90
बैंगन 20 30 30
गाजर 35 40 40
करेला 35 से 45 60 50
अरबी 70 80 90
ऐसा नहीं हो सकता, जो रेट तय किए जाते हैं। उन्हीं में ही सब्जी व फल बेचे जा सकते हैं। रेहड़ी वाले ऐसा ना करें, शिकायत मिलते ही उनके पास रद कर दिए जाएंगे। ऐप पर भी रेट अलग कैसे है, इसकी जांच होगी। -निशांत कुमार यादव, डीसी करनाल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed