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Karnal News: लड़कियां पीजी, लड़के स्नातक के बाद कर रहे नौकरी या विदेश का रुख

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 22 Aug 2024 07:02 AM IST
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Girls are doing PG, boys are doing jobs or moving abroad after graduation.
- पोस्ट ग्रेजुएट होना बेटों से ज्यादा बेटियों की चाह, प्रदेश में हुए पीजी के 19813 दाखिलों में 75.6 फीसदी लड़कियां
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- 209 कॉलेजों में मात्र 3886 लड़कों ने लिया दाखिला, सीटें रिक्त रहने से चिंता में प्रबंधन, 24 अगस्त को संपन्न होगी प्रक्रिया

गगन तलवार
करनाल। स्नातक की पढ़ाई पूरी करते ही हरियाणा के लड़के या तो रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं या विदेश का रुख करने लगे हैं। पीजी की पढ़ाई के प्रति ज्यादातर लड़कों का रुझान कम होता दिखाई दे रहा है, यह आंकड़े बता रहे हैं। क्योंकि प्रदेश के पीजी कॉलेजों में अब तक हुए दाखिलों में लड़कों की संख्या महज 24.4 प्रतिशत ही है। जबकि लड़कियों में लड़कों से ज्यादा पोस्ट ग्रेजुएट होने की चाह है।

आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश के 209 पीजी कॉलेजों में 64 कोर्स पर दाखिला प्रक्रिया चल रही है। इनमें अब तक 19813 सीटों पर दाखिले हो चुके हैं। कुल दाखिलों में 15927 यानी 75.6 प्रतिशत लड़कियां और महज 3886 यानी 24.4 प्रतिशत संख्या ही लड़कों की है। कॉलेज प्रबंधकों को लड़कों के दाखिलों का यह आंकड़ा पांच हजार पार करना भी मुश्किल लग रहा है। जबकि दाखिला प्रक्रिया संपन्न होने में महज तीन दिन का समय शेष है।
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जारी अधिसूचना के अनुसार, 24 अगस्त की शाम को विलंभ शुल्क के साथ दाखिला देने की प्रक्रिया भी संपन्न हो जाएगी। जबकि प्रदेश के कॉलेजों में अभी तक सीटें करीब 40 प्रतिशत तक रिक्त पड़ी हैं। करनाल जिले की स्थिति देखें तो यहां 11 पीजी कॉलेज हैं, जहां 2380 सीटों पर विद्यार्थियों का दाखिला प्रक्रिया चल रही है। इनमें से भी एक हजार के करीब सीटें अभी रिक्त हैं। स्नातक की तुलना में देखें तो प्रदेश में पीजी की सीटें भी इससे करीब 30 प्रतिशत तक ही हैं।
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एक्सपर्ट व्यू
पढ़ाई में ठीक हैं तो छोटी नौकरी का लेते हैं सहारा

शिक्षाविद पूर्व प्रिंसिपल रामजी लाल और प्रवीण भारद्वाज का कहना है कि इन दिनों युवाओं का विदेश जाने की ओर ध्यान ज्यादा है। जिन लोगों की आर्थिक स्थिति अच्छी है, वे स्नातक की पढ़ाई के बाद विदेश में आगामी पढ़ाई के नाम पर जाते हैं। कॉलेजों में हर साल स्नातक के अंतिम वर्ष की पढ़ाई के दौरान ही विदेश जाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर देते हैं। यह स्थिति ठीक नहीं है। वहीं ज्यादातर लड़के ऐसे भी होते हैं, जिनकी पारिवारिक आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होती, वे स्नातक की पढ़ाई पूरी होने के बाद नौकरी की तलाश करते हैं। हां, पढ़ाई में वे ठीक प्रदर्शन कर रहे हों तो अपना या घर का खर्च चलाने के लिए छोटी नौकरी के साथ वे दूरस्थ शिक्षा का विकल्प भी चुनते हैं।



चिंताजनक : पंजीकृत 46.4 प्रतिशत विद्यार्थियों को नहीं मिला दाखिला

चिंताजनक स्थिति यह भी है कि जितने विद्यार्थियों ने दाखिले के लिए पोर्टल पर पंजीकरण कराया था, उनमें से भी करीब 46.4 प्रतिशत विद्यार्थी ऐसे हैं, जिन्हें अभी तक दाखिला नहीं मिला है, जबकि दाखिले की प्रक्रिया संपन्न होने में तीन दिन का समय शेष है। आंकड़े एक नजर में-

- कुल पंजीकरण : 36604

- कुल आवेदन : 32584

- कुल सत्यापन फार्म : 24497

- कुल दाखिले : 19813

- लड़कों के दाखिले : 3886

- लड़कियों के दाखिले : 15927


टॉप-10 कोर्स में एमकॉम बना पहली पसंद

कोर्स

दाखिले

एमकॉम

3682

एमए अंग्रेजी

2473

एमए पॉलिटिकल साइंस
1827

एमए इतिहास

1787

एमए हिंदी

1784

एमएससी गणित
1123

एमएससी भूगोल
802

एमए भूगोल

737

एमएससी कैमिस्ट्री
701

एमए अर्थशास्त्र

650
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