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Karnal News: ट्रांसफार्मर की जगह सीएसएस के जरिये होगी बिजली आपूर्ति

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 24 Dec 2024 02:07 AM IST
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Electricity will be supplied through CSS instead of transformer.
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। बिजली निगम की ओर से अब शहर में बिजली की आपूर्ति ट्रांसफार्मर के बजाय एक हजार केवीए के कॉम्पैक्ट सेकेंडरी सब स्टेशन (सीएसएस) के जरिये की जाएगी। सीएसएस रखने के लिए आंबेडकर चौक से घंटाघर चौक, पुरानी सब्जी मंडी से अस्पताल चौक तथा मुख्य बाजार से मीरा घाटी चौक तक जगह (प्लींथ) तैयार की जा चुकी है। सीएसएस ट्रांसफार्मर से ज्यादा लोड उठाने की क्षमता रखते हैं। वहीं बार-बार खराब होने वाले ट्रांसफार्मरों से निजात मिलेगी। यह उपकरण बिजली के अधिक और कम वोल्टेज को नियंत्रित करने में सक्षम है।
निगम अधिकारियों का कहना है कि जल्द शहर के बिजली तारों को भूमिगत करके नए साल की शुरुआत में ही सीएसएस के जरिये बिजली आपूर्ति की जाएगी। इसके अलावा बिजली निगम की ओर से 36 करोड़ रुपए की लागत से शहर की बिजली लाइनों को भूमिगत किया जाएगा।
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इस परियोजना में आंबेडकर चौक से घंटाघर चौक, घंटाघर चौक से पुरानी सब्जी मंडी व कुंजपुरा रोड से जिला नागरिक अस्पताल तक, पुरानी सब्जी मंडी से मीरा घाटी चौक और वहां से मेरठ चौक तक की सभी खुली लाइनों को भूमिगत किया जाएगा। पहले यह कार्य 32 करोड़ रुपये की लागत से होना था मगर फुट सर्वे के बाद इसमें संशोधन करके इस परियोजना को 36 करोड़ रुपये किया गया है। इस कार्य के लिए दिल्ली की गो पावर इलेक्ट्रिक कंपनी को टेंडर दिया गया है।
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बिजली निगम की ओर से इस कार्य को मार्च 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बिजली लाइनों को भूमिगत करने के लिए 13 किलोमीटर की एचटी लाइन तथा करीब 16 किलोमीटर की एलटी लाइन बिछाई जाएगी। शहर में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए एक हजार केवी के 19 कॉम्पैक्ट सेकेंडरी सब स्टेशन (सीएसएस) लगाए जाएंगे तथा 25 रिंग मेन यूनिट (आरएमयू) लगेंगे।
132 फीडर पिलर तथा 13 किलोमीटर की उच्च घनत्व पॉलीथीन (एचडीपीई) पाइप लगाई जाएगी, जिससे बिजली की एचटी तारें सुरक्षित रहें। सीएसएस की बिजली लोड क्षमता ट्रांसफार्मर से ज्यादा ः कॉम्पैक्ट सेकेंडरी सब स्टेशन (सीएसएस) एक प्रकार का परीक्षण किया गया प्री-फैब्रिकेटेड सब स्टेशन है जिसमें एक संलग्नक शामिल होता है जिसमें मध्यम वोल्टेज (एमवी) स्विचगियर, वितरण ट्रांसफार्मर, कम वोल्टेज (एलवी) स्विचबोर्ड शामिल हैं। इसकी अपेक्षा ट्रांसफार्मर सबसे सरल उपकरण है जिसका उपयोग विद्युत चुम्बकीय प्रेरण की प्रक्रिया के माध्यम से विद्युत ऊर्जा को एक प्रत्यावर्ती धारा परिपथ से दूसरे परिपथ या कई परिपथों में स्थानांतरित करने के लिए किया जाता है। बिजली लोड को चलाने में सीएसएस की क्षमता ट्रांसफार्मर की अपेक्षा काफी ज्यादा है। बाजार की मुख्य सड़कों पर खुली बिजली लाइनें हटने से जहां दुकानदारों व राहगीरों को तारों के झंझट से निजात मिलेगी।

वहीं बिजली निगम के कर्मचारियों को लाइन फॉल्ट ढूंढ़ने में भी आसानी रहेगी। तारों के भूमिगत होने से आंधी व बरसात के मौसम में लाइन में खराबी आने की समस्या भी नहीं रहेगी। इस सुविधा से उपभोक्ताओं को बिजली के अघोषित कटों से राहत भी मिलेगी, क्योंकि खुली लाइन में ज्यादा फाल्ट आते हैं।
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