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डीसी कॉलोनी में एक घर से मिला तहसील का रिकॉर्ड
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dc colony in karnal police caught land record
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डीसी कॉलोनी स्थित एक मकान से पुलिस को भारी संख्या में जमीन का रिकॉर्ड मिला है। सिटी थाना प्रभारी हरजिंद्र ने पुलिस बल के साथ पटवारी और कानूनगो के साथ मिलकर डीसी कॉलोनी मकान नंबर 58 में रेड मारी। इस दौरान वीडियोग्राफी भी कराई गई। देर शाम तक पटवारी और कानूनगो ने पूरा रिकार्ड चेक किया और फिर एक वाहन में लादकर अपने कब्जे में ले लिया है। पांच गांवों के चकबंदी पीड़ित किसानों ने आरोप लगाया कि यह रिकार्ड चकबंदी का है और एसीओ दलबीर ने किराए के मकान में छिपाया हुआ था। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच की जा रही है कि रिकार्ड वहां कैसे पहुंचा और उसे कौन वहां पर लेकर गया था। हालांकि, जब एसीओ दलबीर से बात करने की कोशिश की तो उनका मोबाइल बंद मिला।
500 रकबे का रिकार्ड था गुम
चकबंदी पीड़ित किसानों ने आरोप लगाया कि उनका मामला कई सालों से चला हुआ है। इस मामले में विजिलेंस की जांच भी चल रही है। इस दौरान भरतपुर गांव का 500 रकबे का रिकार्ड गुम हो रहा है। उन्हें पूरा यकीन था कि यह रिकार्ड एसीओ दलबीर ने ही छिपाया हुआ है। इसलिए वे इस मामले में जानकारी जुटा रहे थे। जब उन्हें यकीन हो गया कि उन्होंने रिकार्ड डीसी कॉलोनी में मकान नंबर 58 में छिपाया हुआ है तो उन्होंने एसपी को इसकी शिकायत दी और वहां जांच कराने के लिए पुलिस को भेजने की मांग की थी। पुलिस रेड में रिकार्ड भी उस मकान से बरामद हो गया है।
एसपी से मिले तब मारी थाना प्रभारी ने रेड
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र आर्य ने बताया कि उनके साथ पांच गांव के चकबंदी पीड़ित किसान एक सप्ताह पहले डीसी से मिले थे। उस दौरान डीसी ने डीआरओ को भी बुलाया था। हमने उन्हें बताया था कि एसीओ दलबीर ने चकबंदी का रिकार्ड अपने घर पर रखा हुआ है, लेकिन उस दौरान कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वे सोमवार को एसपी से मिले तो उन्होंने सारी बात बताई तब जाकर सिटी थाना प्रभारी हरजिंद्र सिंह ने डीसी कॉलोनी में मकान नंबर 58 में रेड मारी और चेक किया तो वहां भारी संख्या में रिकार्ड मिला।
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ये है मामला
चकबंदी पीड़ित किसान प्रदीप कालरम, राजबल राणा, श्री राम, सुरेंद्र सैनी, कृष्ण, ईश्वर, राजबीर, नकली, अकल सिंह, माई चंद, तारा चंद, तेग सिंह, कर्मबीर आदि ने बताया कि वह कालरम, भरतपुर, अराईपुरा, लालुपुरा व अमृतपुर कलां पांच गांव के चंकबंदी पीड़ित किसान है। उन्होंने 1938-39 में कैरवाली अमृतपुर कलां व खुर्द के क्षेेत्र में 16 हजार 660 बिगह जमीन खरीदी थी। इसके बाद 1990 से 95 के दौरान मौजूदा एसीओ सहायक चकबंदी अधिकारी दलबीर पटवारी था। उसके साथ अन्य अधिकारियों ने भू माफिया के साथ मिलकर उनकी जमीन वापस उनके नाम कर दी जिनसे उन्होंने खरीदी थी। तभी से पांच गांव के किसान अपनी हक की जमीन के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं।
विजिलेंस में चल रही है जांच
चकबंदी के मामले में विजिलेंस थाना में भी एसीओ दलबीर सहित पांच चकबंदी अधिकारियों व 14 भू माफियों के खिलाफ मामला दर्ज है और वहां जांच की जा रही है। जांच में सभी पहलुओं को जोड़ा गया है। पहले ही ग्रामीणों ने रिकार्ड गायब करने को लेकर भी शिकायत की हुई है।
किसानों ने दी चेतावनी 14 अगस्त को करेंगे जंतर मंतर के लिए कूच
किसान राजबल राणा, सुरेंद्र सिंह, ईश्वर सिंह आदि ने बताया कि यही उनके चकबंदी के मामले में जल्द ही प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की गई तो वह 14 अगस्त को जंतर मंतर के लिए कूच करेंगे। इसमें पांच गांव के चकबंदी पीड़ित किसान शामिल होंगे और काले दिवस के रूप में वह 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस व रक्षा बंधन त्योहार मनाएंगे।
घरों से बाहर निकलकर देखने लेग लोग
डीसी कॉलोनी में दोपहर को जब पुलिस ने रेड मारी तो कॉलोनी में हड़कंप जैसी स्थिति बन गई। लोग घरों से बाहर निकलकर देखने लेग की पुलिस उनकी गली में क्यू आई और उस मकान में क्या है। जब शाम को कर्मचारियों ने जमीन का रिकॉर्ड वाहन में लोड किया तो उसे दौरान भी लोगों की भीड़ लग गई।
डीसी कॉलोनी के एक मकान में सरकारी रिकॉर्ड पड़ा होने की सूचना मिली थी। इस लिए पटवारी व कानूनगो के साथ मिलकर मकान की तलाशी ली गई तो वहां रिकार्ड पाया गया है। उसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई है और मामले की जांच की जा रही है। मकान अधिकारी का कहना है कि उसने यह मकान किराए पर दिया हुआ था।
-हरजिंद्र सिंह, थाना प्रभारी सिटी थाना।
डीसी कॉलोनी के एक घर से जमीन का रिकार्ड मिला है। उसे कब्जे में ले लिया है जांच की जा रही है कि यह रिकार्ड कौन सी जमीन का है और यह रिकॉर्ड वहां पहुंचा कैसे। जांच करने के बाद ही वह कुछ बता पाएंगे।
-श्याम लाल, डीआरओ करनाल।
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500 रकबे का रिकार्ड था गुम
चकबंदी पीड़ित किसानों ने आरोप लगाया कि उनका मामला कई सालों से चला हुआ है। इस मामले में विजिलेंस की जांच भी चल रही है। इस दौरान भरतपुर गांव का 500 रकबे का रिकार्ड गुम हो रहा है। उन्हें पूरा यकीन था कि यह रिकार्ड एसीओ दलबीर ने ही छिपाया हुआ है। इसलिए वे इस मामले में जानकारी जुटा रहे थे। जब उन्हें यकीन हो गया कि उन्होंने रिकार्ड डीसी कॉलोनी में मकान नंबर 58 में छिपाया हुआ है तो उन्होंने एसपी को इसकी शिकायत दी और वहां जांच कराने के लिए पुलिस को भेजने की मांग की थी। पुलिस रेड में रिकार्ड भी उस मकान से बरामद हो गया है।
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एसपी से मिले तब मारी थाना प्रभारी ने रेड
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र आर्य ने बताया कि उनके साथ पांच गांव के चकबंदी पीड़ित किसान एक सप्ताह पहले डीसी से मिले थे। उस दौरान डीसी ने डीआरओ को भी बुलाया था। हमने उन्हें बताया था कि एसीओ दलबीर ने चकबंदी का रिकार्ड अपने घर पर रखा हुआ है, लेकिन उस दौरान कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वे सोमवार को एसपी से मिले तो उन्होंने सारी बात बताई तब जाकर सिटी थाना प्रभारी हरजिंद्र सिंह ने डीसी कॉलोनी में मकान नंबर 58 में रेड मारी और चेक किया तो वहां भारी संख्या में रिकार्ड मिला।
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ये है मामला
चकबंदी पीड़ित किसान प्रदीप कालरम, राजबल राणा, श्री राम, सुरेंद्र सैनी, कृष्ण, ईश्वर, राजबीर, नकली, अकल सिंह, माई चंद, तारा चंद, तेग सिंह, कर्मबीर आदि ने बताया कि वह कालरम, भरतपुर, अराईपुरा, लालुपुरा व अमृतपुर कलां पांच गांव के चंकबंदी पीड़ित किसान है। उन्होंने 1938-39 में कैरवाली अमृतपुर कलां व खुर्द के क्षेेत्र में 16 हजार 660 बिगह जमीन खरीदी थी। इसके बाद 1990 से 95 के दौरान मौजूदा एसीओ सहायक चकबंदी अधिकारी दलबीर पटवारी था। उसके साथ अन्य अधिकारियों ने भू माफिया के साथ मिलकर उनकी जमीन वापस उनके नाम कर दी जिनसे उन्होंने खरीदी थी। तभी से पांच गांव के किसान अपनी हक की जमीन के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं।
विजिलेंस में चल रही है जांच
चकबंदी के मामले में विजिलेंस थाना में भी एसीओ दलबीर सहित पांच चकबंदी अधिकारियों व 14 भू माफियों के खिलाफ मामला दर्ज है और वहां जांच की जा रही है। जांच में सभी पहलुओं को जोड़ा गया है। पहले ही ग्रामीणों ने रिकार्ड गायब करने को लेकर भी शिकायत की हुई है।
किसानों ने दी चेतावनी 14 अगस्त को करेंगे जंतर मंतर के लिए कूच
किसान राजबल राणा, सुरेंद्र सिंह, ईश्वर सिंह आदि ने बताया कि यही उनके चकबंदी के मामले में जल्द ही प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की गई तो वह 14 अगस्त को जंतर मंतर के लिए कूच करेंगे। इसमें पांच गांव के चकबंदी पीड़ित किसान शामिल होंगे और काले दिवस के रूप में वह 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस व रक्षा बंधन त्योहार मनाएंगे।
घरों से बाहर निकलकर देखने लेग लोग
डीसी कॉलोनी में दोपहर को जब पुलिस ने रेड मारी तो कॉलोनी में हड़कंप जैसी स्थिति बन गई। लोग घरों से बाहर निकलकर देखने लेग की पुलिस उनकी गली में क्यू आई और उस मकान में क्या है। जब शाम को कर्मचारियों ने जमीन का रिकॉर्ड वाहन में लोड किया तो उसे दौरान भी लोगों की भीड़ लग गई।
डीसी कॉलोनी के एक मकान में सरकारी रिकॉर्ड पड़ा होने की सूचना मिली थी। इस लिए पटवारी व कानूनगो के साथ मिलकर मकान की तलाशी ली गई तो वहां रिकार्ड पाया गया है। उसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई है और मामले की जांच की जा रही है। मकान अधिकारी का कहना है कि उसने यह मकान किराए पर दिया हुआ था।
-हरजिंद्र सिंह, थाना प्रभारी सिटी थाना।
डीसी कॉलोनी के एक घर से जमीन का रिकार्ड मिला है। उसे कब्जे में ले लिया है जांच की जा रही है कि यह रिकार्ड कौन सी जमीन का है और यह रिकॉर्ड वहां पहुंचा कैसे। जांच करने के बाद ही वह कुछ बता पाएंगे।
-श्याम लाल, डीआरओ करनाल।