फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Pending mutations exceed 14,000, people are being pushed around in Patwarkhanas

Karnal News: लंबित इंतकाल 14 हजार के पार, लोग पटवारखानों में खा रहे धक्के

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 06 Sep 2026 02:25 AM IST
विज्ञापन
Pending mutations exceed 14,000, people are being pushed around in Patwarkhanas
अंबाला छावनी के पटवारखाने में इंतकाल करवाने के लिए परेशान होते लोग। संवाद
अंबाला। जिले में जमीन के इंतकाल दर्ज न होने से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। लोग समाधान शिविरों से लेकर पटवारखानों तक में धक्के खा रहे हैं। वहीं लंबित मामलों का आंकड़ा घटने के बजाय बढ़ता जा रहा है। पोर्टल के सॉफ्टवेयर में आई तकनीकी खामी के कारण करीब चार महीने से यह समस्या आ रही है। अधिकारियों का तर्क है कि सॉफ्टवेयर में अपडेशन का काम चल रहा है, जल्द समस्या खत्म हो जाएगी।
विज्ञापन

महज 15 दिन पहले जिले में जो आंकड़ा करीब 11 हजार के आसपास था, वह अब बढ़कर 14,400 के पार पहुंच चुका है। अंबाला सिटी तहसील में 3740, नारायणगढ़ 2525, शहजादपुर उप तहसील 1927, अंबाला छावनी तहसील 1835, साहा उप तहसील 1621, मुलाना 1556, बराड़ा तहसील 1250 में इंतकाल लंबित पड़े हैं।
विज्ञापन


दिक्कत का कारण
पोर्टल के सॉफ्टवेयर में आई तकनीकी खामी के कारण करीब चार महीने से यह समस्या आ रही है। इस कारण नए इंतकाल चढ़ नहीं पा रहे हैं, जिससे रजिस्ट्री कराने के बाद भी लोग मालिकाना हक के आधिकारिक दस्तावेज के लिए भटकने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अंबाला सिटी में सबसे ज्यादा 3,740 इंतकाल लंबित
सबसे गंभीर स्थिति अंबाला सिटी तहसील की है, जहां अकेले 3,740 मामले अटक गए हैं। सबसे कम लंबित मामले बराड़ा तहसील 1,250 में दर्ज किए गए हैं। पटवारखानों में सुबह से शाम तक चक्कर काटने के बावजूद आवेदकों को पोर्टल ठप होने का आश्वासन देकर वापस भेज दिया जाता है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि उच्च स्तर पर तकनीकी टीम खामियों को दुरुस्त करने में जुटी है, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस है। संवाद


जनवरी से नहीं हुआ इंतकाल
छावनी निवासी छज्जू सिंह ने बताया कि उन्होंने जनवरी में अपनी जमीन की रजिस्ट्री करवाई थी। सात महीने बीतने के बाद आज तक इंतकाल नहीं हुआ। इंतकाल दर्ज करवाने के लिए वह परेशान हो रहे हैं और पटवारखाने के कई चक्कर काट चुके हैं।

दो बार समाधान शिविर में लगाया चक्कर
बब्याल निवासी सोनिया ने बताया कि तीन महीने से वह लगातार तहसील के चक्कर काट रही हैं लेकिन आज तक इंतकाल दर्ज नहीं हुआ, दो बार समाधान शिविर में एसडीएम और नायब तहसीलदार के समक्ष इंतकाल के लिए गुहार लगा चुकी हूं।


इंतकाल के लिए तीन दिन बाद बुलाया
बोह निवासी अविनाश ने बताया कि उन्होंने इंतकाल ऑनलाइन दर्ज करवाना था लेकिन यहां पर पटवारी ने उन्हें तीन दिन बाद आने को कहा, वह पहले ही कई महीनों से चक्कर काटने को मजबूर हैं।


सॉफ्टवेयर में अपडेशन का कार्य चल रहा है जिसके कारण इंतकाल लंबित हैं जल्द लोगों के इंतकाल शुरू हो जाएंगे।
- आशीष, नायब तहसीलदार, छावनी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed