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पिस्तौल के बल पर 40 लाख की डकैती
ब्यूरो/अमरउजाला, करनाल
Updated Fri, 18 Sep 2015 01:01 AM IST
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ट्रांसफार्मर बनाने वाली कंपनी ए टू जेड की वर्कशॉप में घुसकर हथियारबंद
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बदमाशों ने कर्मचारियों को बंधक बना लिया और पिस्तौल के बल पर 40 लाख रुपये
के तांबे के तारों को उड़ा ले गए और ट्रक में लेकर फरार हो गए। देर रात
हुई इस वारदात की सूचना के बाद थाना प्रभारी समेत सीआईए प्रभारी दीपक कुमार
समेत एसपी पंकज नैन ने भी घटनास्थल का मुआयना किया। फिलहाल पुलिस ने
अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस नाकेबंदी कर आरोपियों की तलाश कर रही है। फिल्मी अंदाज में हुई इस वारदात के बाद क्षेत्र के व्यापारियों में भी दहशत का माहौल है। मामले के अनुसार रेलवे स्टेशन के समीप एक ट्रांसफार्मर बनाने वाली कंपनी की वर्कशॉप में बुधवार देर रात 1 बजे के आसपास हथियारों से लैस करीब 12 लुटेरे घुस गए। उस समय कंपनी में तीन सिक्योरिटी गार्ड दलविंद्र, हरजीत व सुनील ड्यूटी पर तैनात थे। इनमें से दलविंद्र कमरे में था, तो सुनील व हरजीत राउंड पर थे। कंपनी की वर्कशॉप में घुसते ही हथियारबंद लुटेरों ने दलविंद्र की कनपटी पर पिस्तौल तान दी।
उन्होंने वर्कशॉप में काम करने वाले सभी कर्मचारियों व सिक्योरिटी गार्ड्स की जानकारी दलविंद्र से ली। इसी बीच सुनील व हरजीत कमरे में आ गए। लुटेरों ने मारपीट करते हुए इन पर भी पिस्तौल तान दी और तीनों को बंधक बना लिया।
यहां से लुटेरे तीनों सिक्योरिटी गार्ड्स को बंधक बनाकर कंपनी में मौके पर मौजूद इंजीनियर फैज खान के कमरे में ले गए। यहां उन्होंने फैज खान को भी पिस्तौल के बल पर ही बंधक बनाया। इसके बाद चारों के हाथों को रस्सी से बांध दिया गया। बंधक बनाने के बाद लुटेरों ने इंजीनियर फैज खान से गोदाम की चाबी मांगी।
फैज खान ने कहा कि चाबी तो मैनेजर के पास है। यह सुनकर दो युवक चारों के ऊपर रिवाल्वर तानकर बैठ गए और बाकी युवक बाहर निकल गए। चालाक लुटेरों ने चारों का मुंह भी दीवार की तरफ करा दिया, ताकि कोई कुछ देख भी न सके। बाद में लुटेरे गोदाम का शटर तोड़कर उसमें घुस गए। गोदाम से लुटेरों ने तांबे की करीब दस टन तार लूट ली और उन्हें ट्रक में लादकर फरार हो गए। इन तारों की कीमत करीब 40 लाख रुपये आंकी जा रही है। भागने से पहले लुटेरे युवक अपने साथ एक सिक्योरिटी गार्ड की मोटरसाइकिल भी ले गए। बाद में मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
नहीं लगे हैं कंपनी वर्कशॉप व आसपास सीसीटीवी
घटना के समय इस ट्रांसफार्मर की कंपनी में एक भी सीसीटीवी नहीं लगा हुआ है। घटना स्थल के नजदीक ही नीलोखेड़ी का रेलवे स्टेशन भी है, लेकिन यहां भी कोई भी सीसीटीवी नहीं है। बहरहाल इन लुटेरों को पकड़ना पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा। हालांकि पुलिस वर्कशाप कर्मचारियों से पूछताछ करके बदमाशों का सुराग लगाने की कोशिश में है। लुटेरे करीब दस टन तांबे की तार चुरा कर ले गए। इन तारों की कीमत करीब चालीस लाख रुपये है। सूचना मिलने पर सीआईए-1, सीआईए-2, एफएसएल की टीम, थाना प्रभारी हरविंद्र सिंह, चौकी इंचार्ज कंवर पाल सिंह मौके पर पहुंचे थे। पुलिस अधीक्षक पंकज नैन ने भी वर्कशॉप में पहुंच कर इंजीनियर फैज खान से पूछताछ की। पुलिस अधीक्षक पंकज नैन ने बताया कि लुटेरों को गोदाम की पूरी जानकारी थी, जांच की जा रही है।
रूपेश कुमार, वर्कशॉप प्रबंधक।
कोट
पुलिस मामले की जांच में जुटी है। इस मामले में अज्ञात लुटेरों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। घटनाक्रम को देखते हुए प्राथमिक दृष्टि में यही लग रहा है कि लुटेरों को कंपनी की वर्कशॉप के चप्पे-चप्पे की खबर थी। पुलिस जल्द ही मामले का खुलासा करेगी।
पंकज नैन, जिला पुलिस उपायुक्त, करनाल।
पुलिस नाकेबंदी कर आरोपियों की तलाश कर रही है। फिल्मी अंदाज में हुई इस वारदात के बाद क्षेत्र के व्यापारियों में भी दहशत का माहौल है। मामले के अनुसार रेलवे स्टेशन के समीप एक ट्रांसफार्मर बनाने वाली कंपनी की वर्कशॉप में बुधवार देर रात 1 बजे के आसपास हथियारों से लैस करीब 12 लुटेरे घुस गए। उस समय कंपनी में तीन सिक्योरिटी गार्ड दलविंद्र, हरजीत व सुनील ड्यूटी पर तैनात थे। इनमें से दलविंद्र कमरे में था, तो सुनील व हरजीत राउंड पर थे। कंपनी की वर्कशॉप में घुसते ही हथियारबंद लुटेरों ने दलविंद्र की कनपटी पर पिस्तौल तान दी।
उन्होंने वर्कशॉप में काम करने वाले सभी कर्मचारियों व सिक्योरिटी गार्ड्स की जानकारी दलविंद्र से ली। इसी बीच सुनील व हरजीत कमरे में आ गए। लुटेरों ने मारपीट करते हुए इन पर भी पिस्तौल तान दी और तीनों को बंधक बना लिया।
यहां से लुटेरे तीनों सिक्योरिटी गार्ड्स को बंधक बनाकर कंपनी में मौके पर मौजूद इंजीनियर फैज खान के कमरे में ले गए। यहां उन्होंने फैज खान को भी पिस्तौल के बल पर ही बंधक बनाया। इसके बाद चारों के हाथों को रस्सी से बांध दिया गया। बंधक बनाने के बाद लुटेरों ने इंजीनियर फैज खान से गोदाम की चाबी मांगी।
फैज खान ने कहा कि चाबी तो मैनेजर के पास है। यह सुनकर दो युवक चारों के ऊपर रिवाल्वर तानकर बैठ गए और बाकी युवक बाहर निकल गए। चालाक लुटेरों ने चारों का मुंह भी दीवार की तरफ करा दिया, ताकि कोई कुछ देख भी न सके। बाद में लुटेरे गोदाम का शटर तोड़कर उसमें घुस गए। गोदाम से लुटेरों ने तांबे की करीब दस टन तार लूट ली और उन्हें ट्रक में लादकर फरार हो गए। इन तारों की कीमत करीब 40 लाख रुपये आंकी जा रही है। भागने से पहले लुटेरे युवक अपने साथ एक सिक्योरिटी गार्ड की मोटरसाइकिल भी ले गए। बाद में मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
नहीं लगे हैं कंपनी वर्कशॉप व आसपास सीसीटीवी
घटना के समय इस ट्रांसफार्मर की कंपनी में एक भी सीसीटीवी नहीं लगा हुआ है। घटना स्थल के नजदीक ही नीलोखेड़ी का रेलवे स्टेशन भी है, लेकिन यहां भी कोई भी सीसीटीवी नहीं है। बहरहाल इन लुटेरों को पकड़ना पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा। हालांकि पुलिस वर्कशाप कर्मचारियों से पूछताछ करके बदमाशों का सुराग लगाने की कोशिश में है। लुटेरे करीब दस टन तांबे की तार चुरा कर ले गए। इन तारों की कीमत करीब चालीस लाख रुपये है। सूचना मिलने पर सीआईए-1, सीआईए-2, एफएसएल की टीम, थाना प्रभारी हरविंद्र सिंह, चौकी इंचार्ज कंवर पाल सिंह मौके पर पहुंचे थे। पुलिस अधीक्षक पंकज नैन ने भी वर्कशॉप में पहुंच कर इंजीनियर फैज खान से पूछताछ की। पुलिस अधीक्षक पंकज नैन ने बताया कि लुटेरों को गोदाम की पूरी जानकारी थी, जांच की जा रही है।
रूपेश कुमार, वर्कशॉप प्रबंधक।
कोट
पुलिस मामले की जांच में जुटी है। इस मामले में अज्ञात लुटेरों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। घटनाक्रम को देखते हुए प्राथमिक दृष्टि में यही लग रहा है कि लुटेरों को कंपनी की वर्कशॉप के चप्पे-चप्पे की खबर थी। पुलिस जल्द ही मामले का खुलासा करेगी।
पंकज नैन, जिला पुलिस उपायुक्त, करनाल।