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पैसे मांग कर परेशान कर रहा था बहनोई, साथियो के साथ मिलकर साले ने ही की थी हत्या
Updated Wed, 20 Jun 2018 12:00 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। असंध के गांव सालवन में आठ माह पहले हुए ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी पुलिस की सीआईए-1 टीम ने सुलझा ली है। इस मामले में साले ने ही अन्य साथियों के साथ मिलकर अपने बहनोई को टेवेरा गाड़ी में बैठाकर सालवन गांव के समीप सच्चा सौदा के पास उसके सिर में गोली मारी थी और शव को गांव कई के समीप नहर में फेंक दिया था।
साले ने पुलिस को बताया कि उसका बहनोई रुपये मांग कर उन्हें परेशान करता था, उसने एक प्लाट बेचा था तो उसका बहनोई उसके भी रुपये मांगने लगा, क्योंकि उसका बहनोई कई मामलों में आरोपी था और उसके खिलाफ असंध थाना में भी कई मामले खिलाफ मामले दर्ज थे। पुलिस ने साले सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह जानकारी एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने प्रेस वार्ता के दौरान दी। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
सीआईए-1 की टीम को हुआ साले पर शक
एसपी के निर्देश पर सीआईए-1 इंचार्ज इंस्पेक्टर विरेंद्र को इस मामले की जांच सौंपी गई। इंस्पेक्टर विरेंद्र ने बताया कि उसने मामले की पूरी जांच की तो शक हुआ कि यह हत्या किसी रिश्तेदार ने ही की है। इस लिए उन्हें उसके साले मूनक निवासी उमन पर शक हुआ और उससे पूछताछ की तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। महेंद्र के साले उमन ने बताया कि उसका जीजा महेंद्र कई बार जेल जा चुका था और वह रुपये के लिए दबाव बना रहा था। इस लिए उसने अपने साथी राकेश उर्फ काला, विनोद उर्फ बुधु के साथ मिलकर महेंद्र को गोली मार दी और शव नहर में फेंक दिया था।
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अक्तूबर 2017 में लापता हो गया था महेंद्र, नवंबर में मिली थी लाश
एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने बताया कि 23 अक्तूबर 2017 को सालवन गांव निवासी महेंद्र संदिग्ध परिस्थितियों में घर से लापता हो गया था। इसकी सूचना उसकी पत्नी सलोचना ने 31 अक्तूबर, 2017 को असंध थाना पुलिस को दी थी। पुलिस शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की। एक नवंबर, 2017 को हांसी ब्रांच नहर में गांव मदीना क्षेत्र से महेंद्र का शव पुलिस ने बरामद कर लिया, जिसकी पहचान उसकी जेब से मिले आधार कार्ड से हुई। इसके बाद असंध थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच की तो पता चला की महेंद्र की हत्या की गई है। पुलिस ने 4 नवंबर, 2017 को हत्या का मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद इस मामले में सीआईए-1 टीम को सौंप दिया गया। सीआईए-1 की टीम ने जब तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया तो पूछताछ के दौरान उनकी निशानदेही पर एक देसी पिस्तौल 32 बौर, दो मैगजीन, चार जिंदा रौंद, एक खाली खोल और वारदात में प्रयोग की गई टवेरा गाड़ी बरामद कर ली है।
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करनाल। असंध के गांव सालवन में आठ माह पहले हुए ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी पुलिस की सीआईए-1 टीम ने सुलझा ली है। इस मामले में साले ने ही अन्य साथियों के साथ मिलकर अपने बहनोई को टेवेरा गाड़ी में बैठाकर सालवन गांव के समीप सच्चा सौदा के पास उसके सिर में गोली मारी थी और शव को गांव कई के समीप नहर में फेंक दिया था।
साले ने पुलिस को बताया कि उसका बहनोई रुपये मांग कर उन्हें परेशान करता था, उसने एक प्लाट बेचा था तो उसका बहनोई उसके भी रुपये मांगने लगा, क्योंकि उसका बहनोई कई मामलों में आरोपी था और उसके खिलाफ असंध थाना में भी कई मामले खिलाफ मामले दर्ज थे। पुलिस ने साले सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह जानकारी एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने प्रेस वार्ता के दौरान दी। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
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सीआईए-1 की टीम को हुआ साले पर शक
एसपी के निर्देश पर सीआईए-1 इंचार्ज इंस्पेक्टर विरेंद्र को इस मामले की जांच सौंपी गई। इंस्पेक्टर विरेंद्र ने बताया कि उसने मामले की पूरी जांच की तो शक हुआ कि यह हत्या किसी रिश्तेदार ने ही की है। इस लिए उन्हें उसके साले मूनक निवासी उमन पर शक हुआ और उससे पूछताछ की तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। महेंद्र के साले उमन ने बताया कि उसका जीजा महेंद्र कई बार जेल जा चुका था और वह रुपये के लिए दबाव बना रहा था। इस लिए उसने अपने साथी राकेश उर्फ काला, विनोद उर्फ बुधु के साथ मिलकर महेंद्र को गोली मार दी और शव नहर में फेंक दिया था।
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अक्तूबर 2017 में लापता हो गया था महेंद्र, नवंबर में मिली थी लाश
एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने बताया कि 23 अक्तूबर 2017 को सालवन गांव निवासी महेंद्र संदिग्ध परिस्थितियों में घर से लापता हो गया था। इसकी सूचना उसकी पत्नी सलोचना ने 31 अक्तूबर, 2017 को असंध थाना पुलिस को दी थी। पुलिस शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की। एक नवंबर, 2017 को हांसी ब्रांच नहर में गांव मदीना क्षेत्र से महेंद्र का शव पुलिस ने बरामद कर लिया, जिसकी पहचान उसकी जेब से मिले आधार कार्ड से हुई। इसके बाद असंध थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच की तो पता चला की महेंद्र की हत्या की गई है। पुलिस ने 4 नवंबर, 2017 को हत्या का मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद इस मामले में सीआईए-1 टीम को सौंप दिया गया। सीआईए-1 की टीम ने जब तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया तो पूछताछ के दौरान उनकी निशानदेही पर एक देसी पिस्तौल 32 बौर, दो मैगजीन, चार जिंदा रौंद, एक खाली खोल और वारदात में प्रयोग की गई टवेरा गाड़ी बरामद कर ली है।