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दो माह से तीनों नाकों पर चल रहा था अवैध वसूली का खेल, जांच के घेरे में सभी कर्मचारी

Fri, 13 Apr 2018 12:37 AM IST
Updated Fri, 13 Apr 2018 12:37 AM IST
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दो माह से तीनों नाकों पर चल रहा था अवैध वसूली का खेल, जांच के घेरे में सभी कर्मचारी
दो माह से तीनों नाकों पर चल रहा था अवैध वसूली का खेल, जांच के घेरे में सभी कर्मचारी
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। मंगलौरा चेकपोस्ट पर ओवरलोडेड वाहनों की चेकिंग के नाम पर रिश्वतखोरी का यह धंधा दो माह से धड़ल्ले से चल रहा था। अकेले मंगलौरा चेक पोस्ट पर ही नहीं, तीनों नाकों पर अवैध वसूली हो रही है। रात के अंधेरे में कर्मचारी सरेआम अवैध वसूली करते थे। सभी सुबह अपना-अपना हिस्सा बांट लेते थे। विभागीय अधिकारी बताते हैं कि एक रात में तीनों नाकों से लाखों रुपये के चालान किए जाते थे तो कम से कम 50 हजार रुपये अवैध वसूली भी हर एक नाके से होती थी। रंगेहाथ पकड़े जाने पर पूरे मामले का खुलासा हुआ तो तीनों नाकों पर तैनात कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। अवैध वसूली के इस मामले मेें तीनों नाकों पर तैनात कर्मचारी जांच के दायरे में आ गए हैं। यदि मामले की निष्पक्षता के साथ जांच हुई तो तीनों नाकों के कर्मचारियों का नपना तय है। सवाल ये भी है कि केवल एक ही कर्मचारी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जबकि अवैध वसूली कोई कर्मचारी अकेला नहीं कर सकता। इसमें ड्यटी पर तैनात सभी को शामिल होना जरूरी है, क्योंकि आरोपी के साथ तैनात अन्य के समाने ही वह वसूली करता था। सवाल यह भी है कि यदि अन्य अवैध वसूली में शामिल नहीं थे, उन्होंने इसकी शिकायत अधिकारियों से क्यों नहीं की। इससे आशंका जताई जा रही है कि अवैध वसूली के खेल में अन्य भी शामिल थे।

गड़बड़ी करने के लिए ही नहीं लगाए सीसीटीवी कैमरे
अवैध वसूली प्रशासन की लापरवाही के कारण चल रही थी। सीएम के निर्देश के अनुसार ओवरलोडेड चेकपोस्ट को शुरू करने से पहले उन पर सीसीटीवी कैैमरे लगाए जाने थे। लेकिन, चार महीने बीतने के बाद भी प्रशासन ने इन तीनों में से एक भी चेकपोस्ट पर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए। इसका फायदा उठाकर ही आरोपी बिजली कर्मचारी ओवरलोडेड ट्रक निकालने के लिए उनके चालकों से रिश्वत लेता था। इस घटना के बाद ब्याना और रंबा चेकपोस्ट भी शक के दायरे में आ गई है। इसके लिए एडीसी जांच कर रहे हैं। दूसरी ओर मधुबन थाना पुलिस ने रिश्वत लेते हुए पकड़े गए बिजली निगम के कर्मचारी रामपाल को गुरुवार को कोर्ट में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है, जिससे आरोपी से यह पता किया जा सके कि वह किसके लिए रिश्वत लेता था और इस मामले में उसके साथ और कौन-कौन शामिल हैं।
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शिकायत मिली तो खुद एडीसी पहुंचे
एडीसी निशांत यादव को सूचना मिली थी कि मंगलौरा चेकपोस्ट पर कर्मचारी रिश्वत लेकर ओवरलोडेड वाहनों को निकालता है। सूचना मिलते ही उन्होंने योजनाबनाई और एक ओवरलोडेड ट्रक चालक के साथ एक कर्मचारी को बैठा दिया। उसे निशान लगे 200-200 के दो नोट और एक 100 का नोट दिया। बुधवार अल सुबह साढ़े चार बजे के करीब यसह ओवर लोडेड ट्रक चेकपोस्ट पर पहुंचा तो वहां ड्यूटी पर तैनात बिजली निगम में एलडीसी पद पर कार्यरत कर्मचारी रामपाल ने चालक से ट्रक निकालने के लिए रिश्वत मांगी। इस पर ट्रक चालक ने निशान लगे नोट आरोपी कर्मचारी को दे दिए। इसके बाद एडीसी निशांत यादव ने तुरंत छापा मार दिया और कर्मचारी को मौके पर पकड़ लिया। उस कर्मचारी की तलाशी ली तो उससे निशान लगे नोट बरामद हो गए। साथ ही 39,160 रुपए भी बरामद हुए। दावा है कि यह उसने पूरी रात में ट्रक चालकों से रिश्वत के रूप में लिए थे।
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उस दौरान डयूटी पर तैनात दूसरे कर्मचारियों से भी हो सकती है पूछताछ
इस मामले में उस दौरान ड्यूटी पर तैनात दूसरे कर्मचारी और अधिकारियों पर भी शक जताया जा रहा है। पुलिस इन कर्मचारी और अधिकारियों से भी पूछताछ कर सकती है। इस मामले में यह सवाल उठ रहा है कि यह बिजली कर्मचारी किस के लिए ओवरलोडेड ट्रक चालकों से रिश्वत ले रहा था। दूसरे कर्मचारियों और अधिकारियों को इसका पता क्यों नहीं चला। जब वह ओवरलोडेड ट्रकों को रिश्वत लेकर निकालता था, तो दूसरे कर्मचारियों को यह नजर क्यों नहीं आया।

सैकड़ों की संख्या में निकलते हैं ओवरलोडेड ट्रक
ओवरलोडेड ट्रकों की चेकिंग के लिए जनवरी में मंगलौरा चेकपोस्ट शुरू की गई थी। फरवरी में ब्याना और रंबा दोनों जगहों पर यह चेकपोस्ट शुरू की गई। इन तीनों चेकपोस्टों से रात में सैकड़ों ओवरलोड ट्रक गुजरते हैं। अंदेशा है कि रंबा और ब्याना चेकपोस्ट पर भी रिश्वतखोरी का यह धंधा चल रहा है। इसलिए एडीसी तीनों चेकपोस्ट की जांच करा रहे हैं। बता दें कि बुधवार रात को मंगलौरा चेकपोस्ट पर तैनात टीम ने 2.39 लाख का जुर्माना किया है। ऐसे में अनुमान है कि मेरठ रोड से रोजाना सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। इसी प्रकार के हालात ब्याना और रंबा पोस्ट के हैं। सूत्रों का दावा है कि आधे वाहनों से जुर्माना वसूला जाता है, जबकि शेष गाड़ियों से अवैध वसूली की जाती है।

अमर उजाला के सवाल
अकेला कर्मचारी क्या पैसे एकत्र कर सकता है
किसकी शह पर चल रही थी अवैध वसूली
पोस्ट शुरू करते ही सीसीटीवी कैमरे क्यों नहीं लगाए गए
केवल एक ही कर्मचारी के खिलाफ केस दर्ज क्यों किया गया
क्या एक ही नाके पर अवैध वसूली चल रही थी
वर्जन
ओवरलोडेड ट्रक चालकों से रिश्वत लेने की एक ही शिकायत आई थी। दूसरी चेकपोस्ट से कोई शिकायत नहीं आई है। फिर भी तीनों चेकपोस्टों पर नजर है। रिश्वत के मामले में अन्य कर्मचारी शामिल हैं या नहीं, इसकी जांच पुलिस कर रही है। जल्द ही तीनों चेकपोस्ट पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
-निशांत यादव, एडीसी, करनाल।
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