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बेटे के हत्यारों के खिलाफ कार्रवाई के लिए मां के साथ आए हुए थे ग्रामीण, पुलिस कर्मचारी बोला कर रहे हैं ड्रामा,
Updated Thu, 04 Oct 2018 12:51 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। हेड कांस्टेबल सुखबीर की मौत के मामले की जांच कराने की मांग को लेकर बुधवार को लघु सचिवालय में गांव बुढ़नपुर आबाद के सैकड़ों ग्रामीण पहुंचे। लघु सचिवालय के पार्क में महिलाएं और पुरुष पुलिस प्रशासन पर मामले की जांच को दबाने का आरोप लगा रहे थे, इस दौरान एक पुलिस कर्मचारी ने कह दिया कि ये तो ड्रामे कर रहे हैं, यह बात उन महिलाओं ने सुन ली। इतना सुनते ही महिलाएं हाथ में चप्पल उठाकर उस पुलिस कर्मचारी के पीछे दौड़ पड़ी। महिलाओं को अपनी ओर आता देख वह पुलिस कर्मचारी वहां से रफू चक्कर हो गया। पुलिस को दी गई शिकायत में गांव बुढ़नपुर की महिंद्र कौर ने कहा कि इसका बेटा सुखबीर सिंह पुलिस विभाग में डाग स्काउट में तैनात था। इसकी 30 जून को बेरहमी से हत्या कर दी गई। इसकी पुष्टी मेडिकल रिपोर्ट में 15 चोटों से भी होती है। इसका विसरा मधुबन और रोहतक पीजीआई भेजा गया था। पुलिस के अनुसार मधुबन की रिपोर्ट आ गई है और रोहतक वाली रिपोर्ट अभी तक पेंडिंग हैं। एक अक्तूबर को सीआईए में जांच अधिकारी से मिले तो उसने हमें बताया कि कॉल डिटेल अभी तक नहीं आई है और रोहतक पीजीआई की रिपोर्ट के बारे में अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता कि कब तक आएगी। पुलिस विभाग जानबूझकर इस मामले की जांच नहीं कर रही है। आरोप लगाया कि करनाल एसपी भी इस मामले की जांच नहीं करने दे रहा। इस बारे में में पुलिस के उच्च अधिकारियों से मिल चुके हैं। यह मांग ग्रामीणों ने डीसी से समक्ष की। उन्होंने कहा कि आरोप लगाया कि पुलिस स्टाफ अपराधियों से मिले हुए हैं। मेडिकल रिपोर्ट को बदला जा सकता है। एसपी पर भी धमकाने के आरोप लगाए गए हैं। करनाल पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं है। हमारे केस की जांच सीबीआई से या किसी उच्च अधिकारी से करवाई जाए।
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करनाल। हेड कांस्टेबल सुखबीर की मौत के मामले की जांच कराने की मांग को लेकर बुधवार को लघु सचिवालय में गांव बुढ़नपुर आबाद के सैकड़ों ग्रामीण पहुंचे। लघु सचिवालय के पार्क में महिलाएं और पुरुष पुलिस प्रशासन पर मामले की जांच को दबाने का आरोप लगा रहे थे, इस दौरान एक पुलिस कर्मचारी ने कह दिया कि ये तो ड्रामे कर रहे हैं, यह बात उन महिलाओं ने सुन ली। इतना सुनते ही महिलाएं हाथ में चप्पल उठाकर उस पुलिस कर्मचारी के पीछे दौड़ पड़ी। महिलाओं को अपनी ओर आता देख वह पुलिस कर्मचारी वहां से रफू चक्कर हो गया। पुलिस को दी गई शिकायत में गांव बुढ़नपुर की महिंद्र कौर ने कहा कि इसका बेटा सुखबीर सिंह पुलिस विभाग में डाग स्काउट में तैनात था। इसकी 30 जून को बेरहमी से हत्या कर दी गई। इसकी पुष्टी मेडिकल रिपोर्ट में 15 चोटों से भी होती है। इसका विसरा मधुबन और रोहतक पीजीआई भेजा गया था। पुलिस के अनुसार मधुबन की रिपोर्ट आ गई है और रोहतक वाली रिपोर्ट अभी तक पेंडिंग हैं। एक अक्तूबर को सीआईए में जांच अधिकारी से मिले तो उसने हमें बताया कि कॉल डिटेल अभी तक नहीं आई है और रोहतक पीजीआई की रिपोर्ट के बारे में अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता कि कब तक आएगी। पुलिस विभाग जानबूझकर इस मामले की जांच नहीं कर रही है। आरोप लगाया कि करनाल एसपी भी इस मामले की जांच नहीं करने दे रहा। इस बारे में में पुलिस के उच्च अधिकारियों से मिल चुके हैं। यह मांग ग्रामीणों ने डीसी से समक्ष की। उन्होंने कहा कि आरोप लगाया कि पुलिस स्टाफ अपराधियों से मिले हुए हैं। मेडिकल रिपोर्ट को बदला जा सकता है। एसपी पर भी धमकाने के आरोप लगाए गए हैं। करनाल पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं है। हमारे केस की जांच सीबीआई से या किसी उच्च अधिकारी से करवाई जाए।