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लूट की बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए तिहाड़ जेल से निकला बदमाश बना था नौकर
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। सेक्टर-9 में उद्योगपति राहुल राव के घर में हुई करोड़ों रुपये और गहनों की लूट के मामले में पुलिस की सीआईए-1 टीम ने 13 दिन बीतने पर मुख्य आरोपी नौकर के दो साथी चचेरे भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि राहुल राव के घर में लूट की वारदात को अंजाम देने वाला आरोपी नौकर पहले से ही लुटेरा था। वह लूट की बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए नौकर बना था। उसने फर्जी नाम का आधार कार्ड बनवाया हुआ था। लूट के मामले में पहले तिहाड़ जेल में भी गया था।
लूट की घटना का खुलासा करते हुए एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने पत्रकारों को बताया कि मुख्य आरोपी नौकर का नाम पवन नहीं सुरेंद्र मांझी है। पुलिस ने पकड़े गए दोनों चचेरे भाइयों को कोर्ट में पेश कर छह दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस मुख्य आरोपी नौकर सुरेंद्र मांझी और उसके साथी रणजीत के बारे में पूछताछ करेगी और लूट का आधा सामान बरामद करेगी। पकड़ा गया आरोपी सरवन 2018 में तिहाड़ जेल से बाहर आया था। इसके खिलाफ दो पहिया वाहन चोरी के कई दर्जन मामले दर्ज हैं, वहीं मुख्य आरोपी नौकर सुरेंद्र मांझी फरवरी में तिहाड़ जेल से बाहर आया था।
दोबारा लूट की वारदात को अंजाम देने आ रहे थे दो बदमाश
एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर सीआईए-1 टीम के इंचार्ज दीपेंद्र राणा ने एसआई नरेश कुमार की अध्यक्षता में एक टीम को मेरठ रोड भेजा। उन्हें सूचना मिली थी कि बिना नंबर की आई-20 कार में दो बदमाश लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए मंगलौरा के रास्ते करनाल आ रहे हैं। टीम ने मेरठ रोड पर नाकाबंदी कर आरोपी सरवन व प्रेमपाल निवासी पिरोरी थाना कंपिल जिला फर्रूखाबाद यूपी को गिरफ्तार कर लिया जो फिलहाल नोएडा में जीत राम कॉलेेनी में रह रहे थे। ये दोनों बदमाश आपस में चाचा-ताऊ के लड़के हैं।
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21 मई को हुई थी घर में लूट
सेक्टर-9 मकान नंबर 928 राहुल राव और उसकी पत्नी 21 मई को केदारनाथ गई हुई थी। उन्होंने करीब 18 मई को दिल्ली की शंकर एजेंसी द्वारा पवन नाम के एक नौकर को रखा था। 21 मई को दोपहर के समय राहुल राव के बेटे कार्तिक की पत्नी ज्योति राव, नौकरानी और बच्चे थे। आरोपी पवन नौकर ने इस बात का फायदा उठाकर अपने अन्य तीन दोस्तों को बुलाया। उन्होंने पिस्तौल और चाकू के दम पर ज्योति और नौकरानी को बंधक बनाया और एक कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद उन्होंने घर में रखा सारा कैश व गहने बटोर लिए जो करीब एक करोड़ रुपये के थे। वह राहुल राव की आई-20 कार में बैठकर फरार हो गए। बाद में परिजनों को इसके बारे में पता लगा तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी थी।
तिहाड़ जेल में ही बनी थी बड़ी लूट की योजना
एसपी भौरिया के अनुसार नौकर का सही नाम सुरेंद्र मांझी है जो बिहार में बैलही के जिला मधुबनी का रहने वाला है। दिल्ली में एक लूट के मामले में वह तिहाड़ जेल में बंद था। इसी जेल में पुलिस द्वारा पकड़ा गया यूपी के जिला फर्रूखाबाद निवासी पिरोरी निवासी सरवन भी बंद था। इन दोनों आरोपियों की जेल में बातचीत थी। वहीं से उन्होंने किसी बड़ी लूट की वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई थी।
ये सामान हुआ बरामद
पुलिस ने दोनों बदमाशों से मौके पर एक देसी पिस्तौल 315 बौर, तीन रौंद, एक कार आई-20 बरामद की। पुलिस पूछताछ पर आरोपियों ने अपने किराये के कमरे से जो गिजोर सेक्टर-53 नोएडा में है वहां से नौकरानी का एक मोबाइल फोन, 6 लाख रुपये कैश और करीब 50 लाख रुपये की कीमत के सोने, चांदी व हीरों के जेवर व अन्य सामान बरामद करवाया। अभी लूटा हुआ करीब 50 प्रतिशत समान बाकी है।
एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई के लिए दिल्ली भेजा पत्र
एसपी ने बताया कि इस लूट के मामले में शंकर नाम की एजेंसी की लापरवाही सामने आई है, क्योंकि बदमाश नौकर ने फर्जी नाम का आधार कार्ड उसे दिया हुआ था। उन्होंने इस बदमाश का सत्यापन नहीं कराया था। इस लिए कार्रवाई को दिल्ली पुलिस के लिए पत्र भेज दिया है।
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करनाल। सेक्टर-9 में उद्योगपति राहुल राव के घर में हुई करोड़ों रुपये और गहनों की लूट के मामले में पुलिस की सीआईए-1 टीम ने 13 दिन बीतने पर मुख्य आरोपी नौकर के दो साथी चचेरे भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि राहुल राव के घर में लूट की वारदात को अंजाम देने वाला आरोपी नौकर पहले से ही लुटेरा था। वह लूट की बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए नौकर बना था। उसने फर्जी नाम का आधार कार्ड बनवाया हुआ था। लूट के मामले में पहले तिहाड़ जेल में भी गया था।
लूट की घटना का खुलासा करते हुए एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने पत्रकारों को बताया कि मुख्य आरोपी नौकर का नाम पवन नहीं सुरेंद्र मांझी है। पुलिस ने पकड़े गए दोनों चचेरे भाइयों को कोर्ट में पेश कर छह दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस मुख्य आरोपी नौकर सुरेंद्र मांझी और उसके साथी रणजीत के बारे में पूछताछ करेगी और लूट का आधा सामान बरामद करेगी। पकड़ा गया आरोपी सरवन 2018 में तिहाड़ जेल से बाहर आया था। इसके खिलाफ दो पहिया वाहन चोरी के कई दर्जन मामले दर्ज हैं, वहीं मुख्य आरोपी नौकर सुरेंद्र मांझी फरवरी में तिहाड़ जेल से बाहर आया था।
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दोबारा लूट की वारदात को अंजाम देने आ रहे थे दो बदमाश
एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर सीआईए-1 टीम के इंचार्ज दीपेंद्र राणा ने एसआई नरेश कुमार की अध्यक्षता में एक टीम को मेरठ रोड भेजा। उन्हें सूचना मिली थी कि बिना नंबर की आई-20 कार में दो बदमाश लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए मंगलौरा के रास्ते करनाल आ रहे हैं। टीम ने मेरठ रोड पर नाकाबंदी कर आरोपी सरवन व प्रेमपाल निवासी पिरोरी थाना कंपिल जिला फर्रूखाबाद यूपी को गिरफ्तार कर लिया जो फिलहाल नोएडा में जीत राम कॉलेेनी में रह रहे थे। ये दोनों बदमाश आपस में चाचा-ताऊ के लड़के हैं।
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21 मई को हुई थी घर में लूट
सेक्टर-9 मकान नंबर 928 राहुल राव और उसकी पत्नी 21 मई को केदारनाथ गई हुई थी। उन्होंने करीब 18 मई को दिल्ली की शंकर एजेंसी द्वारा पवन नाम के एक नौकर को रखा था। 21 मई को दोपहर के समय राहुल राव के बेटे कार्तिक की पत्नी ज्योति राव, नौकरानी और बच्चे थे। आरोपी पवन नौकर ने इस बात का फायदा उठाकर अपने अन्य तीन दोस्तों को बुलाया। उन्होंने पिस्तौल और चाकू के दम पर ज्योति और नौकरानी को बंधक बनाया और एक कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद उन्होंने घर में रखा सारा कैश व गहने बटोर लिए जो करीब एक करोड़ रुपये के थे। वह राहुल राव की आई-20 कार में बैठकर फरार हो गए। बाद में परिजनों को इसके बारे में पता लगा तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी थी।
तिहाड़ जेल में ही बनी थी बड़ी लूट की योजना
एसपी भौरिया के अनुसार नौकर का सही नाम सुरेंद्र मांझी है जो बिहार में बैलही के जिला मधुबनी का रहने वाला है। दिल्ली में एक लूट के मामले में वह तिहाड़ जेल में बंद था। इसी जेल में पुलिस द्वारा पकड़ा गया यूपी के जिला फर्रूखाबाद निवासी पिरोरी निवासी सरवन भी बंद था। इन दोनों आरोपियों की जेल में बातचीत थी। वहीं से उन्होंने किसी बड़ी लूट की वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई थी।
ये सामान हुआ बरामद
पुलिस ने दोनों बदमाशों से मौके पर एक देसी पिस्तौल 315 बौर, तीन रौंद, एक कार आई-20 बरामद की। पुलिस पूछताछ पर आरोपियों ने अपने किराये के कमरे से जो गिजोर सेक्टर-53 नोएडा में है वहां से नौकरानी का एक मोबाइल फोन, 6 लाख रुपये कैश और करीब 50 लाख रुपये की कीमत के सोने, चांदी व हीरों के जेवर व अन्य सामान बरामद करवाया। अभी लूटा हुआ करीब 50 प्रतिशत समान बाकी है।
एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई के लिए दिल्ली भेजा पत्र
एसपी ने बताया कि इस लूट के मामले में शंकर नाम की एजेंसी की लापरवाही सामने आई है, क्योंकि बदमाश नौकर ने फर्जी नाम का आधार कार्ड उसे दिया हुआ था। उन्होंने इस बदमाश का सत्यापन नहीं कराया था। इस लिए कार्रवाई को दिल्ली पुलिस के लिए पत्र भेज दिया है।