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दस डेयरी संचालकों पर निगम ने लगाया जुर्माना
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहरभर की ढाई सौ से अधिक डेयरियों को नगर निगम पिंगली शिफ्टिंग स्थल पर शिफ्ट करने का प्रयास तो कर रहा, लेकिन कई वर्षों बाद भी इस कार्य में निगम को सफलता नहीं मिली है। डेयरी संचालक शहर में ही डेयरियां चला रहे हैं। करोड़ों रुपये लगाकर निगम ने नालों की सफाई कराई है, लेकिन डेयरी संचालक बेरोकटोक इन्हीं नालों में डेयरियों का गोबर बहा रहे हैं। नगर निगम ने ऐसे 10 डेयरी संचालकों पर 2000 से पांच हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया है।
यूं तो शहर में करीब 250 से अधिक डेयरियां संचालित हैं, लेकिन नगर निगम के पास 180 डेयरियों की सूची है। पिछले एक दशक से भी अधिक समय से नगर निगम लगातार इन डेयरी संचालकों को शहरी आबादी से बाहर ले जाने का प्रयास कर रहा है। पिंगली गांव के समीप डेयरी शिफ्टिंग स्थल भी बनाया गया है, जहां 112 डेयरी संचालकों को प्लॉट भी आवंटित किए जा चुके हैं। कई डेयरी संचालकों को नोटिस दिया गया। कई बार डेयरियों को सील भी किया गया। तब पिछले दो वर्षों में कुछ प्रयास आगे बढ़े तो करीब 70 डेयरी संचालकों ने शिफ्टिंग स्थल पर प्लॉटों को बनवाने का कार्य शुरू कराया है, लेकिन ये कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। आठ-दस डेयरी संचालक ही यहां ठीक से डेयरी का निर्माण करा रहे हैं। इधर, उनकी डेयरी शहरी आबादी में बेरोक टोक संचालित हो रही है।
डीएमसी अरुण कुमार ने बताया कि बारिश के दौरान किए गए निरीक्षण में कुछ डेयरी संचालकों द्वारा गोबर को नालों में बहाए जाने का मामला सामने आया था। जिस पर डेयरी संचालक बिल्लू, सुलतान, बाबूराम, अनिल कुमार आदि पर पांच पांच हजार रुपये व शेष पांच अन्य पर दो दो हजार रुपये का जुर्माना किया है।
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करनाल। शहरभर की ढाई सौ से अधिक डेयरियों को नगर निगम पिंगली शिफ्टिंग स्थल पर शिफ्ट करने का प्रयास तो कर रहा, लेकिन कई वर्षों बाद भी इस कार्य में निगम को सफलता नहीं मिली है। डेयरी संचालक शहर में ही डेयरियां चला रहे हैं। करोड़ों रुपये लगाकर निगम ने नालों की सफाई कराई है, लेकिन डेयरी संचालक बेरोकटोक इन्हीं नालों में डेयरियों का गोबर बहा रहे हैं। नगर निगम ने ऐसे 10 डेयरी संचालकों पर 2000 से पांच हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया है।
यूं तो शहर में करीब 250 से अधिक डेयरियां संचालित हैं, लेकिन नगर निगम के पास 180 डेयरियों की सूची है। पिछले एक दशक से भी अधिक समय से नगर निगम लगातार इन डेयरी संचालकों को शहरी आबादी से बाहर ले जाने का प्रयास कर रहा है। पिंगली गांव के समीप डेयरी शिफ्टिंग स्थल भी बनाया गया है, जहां 112 डेयरी संचालकों को प्लॉट भी आवंटित किए जा चुके हैं। कई डेयरी संचालकों को नोटिस दिया गया। कई बार डेयरियों को सील भी किया गया। तब पिछले दो वर्षों में कुछ प्रयास आगे बढ़े तो करीब 70 डेयरी संचालकों ने शिफ्टिंग स्थल पर प्लॉटों को बनवाने का कार्य शुरू कराया है, लेकिन ये कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। आठ-दस डेयरी संचालक ही यहां ठीक से डेयरी का निर्माण करा रहे हैं। इधर, उनकी डेयरी शहरी आबादी में बेरोक टोक संचालित हो रही है।
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डीएमसी अरुण कुमार ने बताया कि बारिश के दौरान किए गए निरीक्षण में कुछ डेयरी संचालकों द्वारा गोबर को नालों में बहाए जाने का मामला सामने आया था। जिस पर डेयरी संचालक बिल्लू, सुलतान, बाबूराम, अनिल कुमार आदि पर पांच पांच हजार रुपये व शेष पांच अन्य पर दो दो हजार रुपये का जुर्माना किया है।
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