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Karnal News: मोबाइल की लत से ड्राई आई की चपेट में बच्चे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 10 Oct 2024 06:14 AM IST
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Children are vulnerable to dry eyes due to mobile addiction.
विश्व दृष्टि दिवस-
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- मोबाइल के अधिक इस्तेमाल से सिकुड़ रहीं आंखें, कम हो रही रोशनी

- रोजाना 250 की ओपीडी में 50 से अधिक पहुंच रहे बच्चे

अनुज शर्मा
करनाल। मोबाइल फोन चलाने की लत से बच्चों में ड्राई आई यानी सूखापन की समस्या बढ़ रही है। जिसके चलते आंखों और पुतलियों का आकार घट-बढ़ रहा है। आंकड़ों की बात करें तो नागरिक अस्पताल की नेत्र ओपीडी में 250 में से 50 से अधिक बच्चे आंखों के उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।

जिला नागरिक अस्पताल से नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आशुतोष मित्तल ने बताया कि आजकल अभिभावक अपने काम करने के लिए छोटे बच्चों के हाथों में मोबाइल थमा देते हैं। जो बच्चों की आंखों पर गहरा असर डाल रहा है। मोबाइल और लैपटॉप की रोशनी रेटिना पर ऐसा असर डाल रही है कि आंखों के अंदर की कोशिकाएं सूखने लगती हैं। इसकी वजह से बच्चे आंखों की बीमारियों के शिकार हो रहे हैं।
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मोबाइल और लैपटॉप के कारण मायोपिया और हाइपर मेट्रोपिया के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इस बीमारी में बच्चों की आंखों से लेकर पुतलियों के आकार सामान्य आंखों और पुतलियों की तुलना में घट-बढ़ रहा है। समय रहते अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंखों की रोशनी धीरे-धीरे कम होती जाएगी और बाद में दिखना बंद हो जाएगा।
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बचाव के उपाय
- बच्चों को मोबाइल फोन कम से कम दें।
- कंप्यूटर, टीवी या मोबाइल में देख रहे हों तो उचित दूरी बना कर रखें।
- दिन में तीन से चार बार आंखों को ठंडे पानी से अच्छी तरह धोएं।
- धूप या किसी धूल-मिट्टी वाली जगह पर जाएं तो चश्मा पहनें।
- खाने में दूध, मक्खन, गाजर, अंडे, देसी घी और हरी सब्जियां खाएं।
- समय-समय पर आंखों की जांच कराते रहें।
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