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पांच साल बाद झारखंड की बेटी को मिला परिवार, छलके आंसू

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 31 Jul 2021 02:54 AM IST
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After five years, Jharkhand's daughter got family, tears spilled
करनाल। पांच साल से एमडीडी बाल भवन में रह रही 15 वर्षीय कलिस्ता को शुक्रवार को उसका परिवार मिल गया। झारखंड के लतिहार जिले के गांव हरमुंडा टोली से कलिस्ता के भाई अनिल और बहन निर्मला उसे लेने जिला बाल कल्याण समिति करनाल के कार्यालय पहुंचे थे। बहन कलिस्ता को देखकर दोनों की आंखों में खुशी के आंसू थे। मौके पर जिला बाल कल्याण समिति करनाल के चेयरमैन उमेश चानना, सदस्या निरूपमा सदर, मीना कांबोज, शोभना चौधरी, चंद्र प्रकाश, एडीईओ किरण बजाज, एएसआई संदीप सहित एएचटीयू की पूरी टीम उपस्थित रही।
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गत 11 मई को कलिस्ता जोकि पिछले करीब 5 वर्षों से अपने परिवार से बिछड़कर करनाल के चाइल्ड केयर संस्थान में रह रही थी, परिवार के बारे में जिला बाल कल्याण समिति के प्रयासों से पता लगाया गया था। चेयरमैन उमेश चानना ने बताया कि 2016 में कलिस्ता अपने चाचा के साथ करनाल आई थी और उसके चाचा इसे चाइल्ड लेबर में लगाकर फरार हो गए थे। इसके उपरांत जिला बाल कल्याण समिति ने 9 वर्षीय कलिस्ता को रेस्क्यू कर बाल भवन में भेज दिया था।
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कई बार कलिस्ता की काउंसलिंग की गई। जिसमें कलिस्ता ने बताया कि वह हरमुंडा टोली की रहने वाली है। इंटरनेट पर गांव का नाम खोजने के बाद पता चला कि यह गांव झारखंड के लतिहार जिले में पड़ता है व नक्सल प्रभावित क्षेत्र है। वहां के एसपी से भी गांव के बारे में पुष्टि होने पर उन्होंने संबंधित थाना इंचार्ज से बच्ची कलिस्ता के परिवार का पता लगाने की बात कही। इत्तेफाक यह रहा कि थाना इंचार्ज भी हरमुंडा टोली के रहने वाले निकले और उन्होंने अविलंब कलिस्ता के परिवार का पता लगा लिया। जिसके बाद वहां की पुलिस को कलिस्ता की 2016 वाली फोटो शेयर की गई और परिवार की पुष्टि होने पर माता जीरामुनि देवी और पिता धनेश मुंडे से कलिस्ता की बात करवाई गई। बात करने पर कलिस्ता की आंखों में खुशी के आंसू आ गए।
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9 वर्षीय सावन को भी परिजनों से मिलवाया
-जिला बाल कल्याण समिति गुमशुदा बच्चों को उनके परिवार से मिलाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार को सावन पुत्र विनोद, जोकि गत 18 जुलाई को जिला बाल कल्याण समिति के सदस्यों को करनाल बस अड्डे पर मिला था। सावन उत्तर प्रदेश के शामली जिले के झिझाना का रहने वाला है। काउंसलिंग के बाद जिला बाल कल्याण समिति के चेयरमैन उमेश चानना ने 9 वर्षीय सावन को करनाल के फूसगढ़ स्थित एमडीडी बाल भवन में भिजवाया और सावन के परिवार के बारे में पता लगाने के प्रयास तेज किए। मधुबन एएचटीयू की टीम ने परिवार का पता लगाया और शुक्रवार को सावन को उसके परिवार से मिलवा दिया गया।
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