फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   जहरीले नाले के स्थाई समाधान को सरकार ने मांगा छह माह का समय-

जहरीले नाले के स्थाई समाधान को सरकार ने मांगा छह माह का समय-

Wed, 28 Mar 2018 12:14 AM IST
Updated Wed, 28 Mar 2018 12:14 AM IST
विज्ञापन
जहरीले नाले के स्थाई समाधान को सरकार ने मांगा छह माह का समय-
गढ़ीबीरबल (करनाल)। यमुना नदी के साथ लगते 35 गांवों के पास से गुजर रहे धनौरा एस्केप (जहरीले नाले) के स्थाई समाधान को लेकर प्रदेश सरकार ने ग्रामीणों ने छह माह का समय मांगा है। सरकार की ओर से ठोस आशवासन दिया गया है कि इतने समय में वे इस समस्या का समाधान करेंगे। इसके तहत यमुनानगर की फैक्ट्रियों का दूषित पानी को वहीं से सीधे करीब 12 किलोमीटर की नई पाइप लाइन बिछाकर सीधे यमुना में डाला जाएगा। साथ ही प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों की जांच की जाएगी और जिनमें वाटर ट्रिटमेंट नहीं होगा, उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।
विज्ञापन

बता दें कि पिछले दो दिन से अमर उजाला इस मामले को प्रमुखता के साथ उठा रहा है। ग्रामीणों के दर्द को सरकार तक पहुंचाने में अमर उजाला ने अहम भूमिका निभाई, इसका असर ये हुआ कि जो सरकार वर्षों से ग्रामीणों की समस्या को सुन तक नहीं रही थी, वही सरकार अब ग्रामीणों के आक्रोश के आगे घुटनों पर आ गई और इस नाले के स्थाई समाधान के लिए छह माह का समय मांगा है।
विज्ञापन

मंगलवार को सीएम के आदेश पर चंडीगढ़ में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के मंत्री कर्णदेव कांबोज की अध्यक्षता में जनस्वास्थ्य विभाग व पर्यावरण विभाग के आला अधिकारियों व ग्रामीणों की बैठक हुई। करीब डेढ़ घंटे तक मंत्री के कार्यालय में चली बैठक में इसके समाधान को लेकर चर्चा की गई। ग्रामीण दिलावर सिंह व संजीव मढान ने बताया कि अधिकारियों ने पूरे मामले को सुना और आखिर में यमुनानगर की फैक्ट्रियों के पानी को वहीं से सीधे 12 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन के माध्यम से यमुना नदी में डालने पर सहमति बनी। साथ ही आदेश दिये कि सभी फै क्ट्रियों की जांच की जाए, जो पर्यावरण नियमों को तोड़ रहा है, उनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी किये। सरकार की ओर से ग्रामीणों को आशवास्त किया गया है कि वे छह माह में इसका ठोस समाधान निकालेंगे। प्रतिनिधिमंडल ने सरकार पर विशवास जताया है। हालांकि, अभी तक सभी गांव इस पर सहमत नहीं हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

गढ़ीबीरबरल (करनाल)। गांव डबकौली कलां समेत यमुना नदी के साथ लगते 35 गांवों के साथ से गुजर रहे धनौरा एक्सकेप (जहरीला नाला) के स्थाई समाधान के लिए प्रदेश सरकार ने छह माह का समय मांगा है। सरकार की ओर से ग्रामीणों को आशवासन दिया गया है कि इस मामले में यमुनानगर की फैक्ट्रियों के पानी को वहीं से सीधे यमुना नदी में डाला जाएगा। इसके लिए करीब 12 किलोमीटर लंबी नई पाइप लाइन बिछाई जाएगी। साथ ही धनौरा एक्सकेप के साथ लगती फैक्ट्रियों की जांच की जाएगी, जो फैक्ट्री वाटर ट्रिटमेंट प्लांट नहीं लगाए मिली उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उसे बंद तक करने का फैसला लिया जाएगा।
बाक्स
स्वास्थ्य विभाग लगाएगा चेकअप कैंप
उधर, प्रदेश सरकार की ओर से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आदेश दिये गए हैं कि वे धनौरा एस्केप के साथ लगते गांवों में स्वास्थ्य चेकअप कैंप लगाएं और एलर्जी से पीड़ित लोगों को दवाएं वितरित करें। सरकार की ओर से हिदायत दी गई है कि वे गांवों में जाकर लोगों के स्वास्थ्य को लेकर सर्वे करें, ताकि बीमारियों का पता चल सके। बता दें कि इन गांवों में एलर्जी, स्कीन व सांस के रोगियों की समस्या बढ़ रही है।

बाक्स
10 अप्रैल को गांव में धरना शुरू करेगा युवा बोलेगा मंच
इस मामले में ग्रामीणों को समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए युवा बोलेगा मंच के अध्यक्ष एडवोकेट जेपी शेखपुरा ने ऐलान किया है कि बेशक सरकार ने छह माह का समय मांगा हो, उनका आंदोलन जारी रहेगा। आगामी 10 अप्रैल से वे मंच के सदस्यों के साथ गांव में धरना शुरू करेंगे। जेपी शेखपुरा ने कहा कि अगर सरकार को समय चाहिए और आशवासन देना है कि वे गांव की पंचायत के बीच में आकर दें। आशवसन पहले भी बहुत मिलते रहे हैं, इसलिए ये आंदोलन जारी रहेगा। -----सोम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed