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Karnal News: 18 वर्षीय प्लंबर बना शूटर, पुलिस ने घटनास्थल की कराई निशानदेही
Thu, 16 Apr 2026 12:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Thu, 16 Apr 2026 12:44 AM IST
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पूर्व विधायक की फैक्टरी पर फायरिंग मामले में आरोपी से निशानदेही करवाती पुलिस। संवाद
यमुनानगर। जठलाना क्षेत्र में पूर्व विधायक दिलबाग सिंह की प्लाईवुड फैक्टरी पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग मामले में पुलिस जांच तेज हो गई है और रोज नए खुलासे सामने आ रहे हैं। घटनाक्रम में कुरुक्षेत्र निवासी आरोपी अमन उर्फ काकू को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल की निशानदेही कराई। पैरों में चोट के कारण आरोपी चल नहीं पा रहा था और जमीन पर घिसटते हुए वारदात का घटनास्थल दिखाया।
सीआईए-2 प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि अमन की उम्र करीब 18 साल है और वह पेशे से प्लंबर है। पुलिस ने फायरिंग मामले में सबसे पहले आरोपी अमन को ही गिरफ्तार किया था। पुलिस गिरफ्त से भागने के प्रयास में आरोपी के दोनों पैर में चोट लग गई थी। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद पुलिस आरोपी को मौके पर निशानदेही के लिए लेकर गई। आरोपी से पूछताछ के दौरान मौके से पुलिस ने एक खाली कारतूस बरामद किया, जो उसे फायरिंग के एवज में दिए गए थे। जांच में सामने आया कि उसे और उसके साथियों को विदेश में बैठे गैंगस्टरों ने 40-50 हजार रुपये का लालच देकर इस वारदात के लिए तैयार किया था। कुछ रकम पहले दी गई थी, जबकि बाकी घटना के बाद मिलनी थी। 30 मार्च की रात हथियारबंद युवकों ने फैक्टरी पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं। हालांकि इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन पुलिस को मौके से 8 कारतूस मिले थे। सोशल मीडिया पर गैंगस्टर नोनी राणा और शुभम पंडित ने इसकी जिम्मेदारी भी ली थी। अब तक इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें हथियार सप्लायर भी शामिल है। पुलिस का मानना है कि यह एक संगठित गिरोह का हिस्सा है, जो सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को फंसा कर अपराध में धकेल रहा है। फिलहाल पुलिस रिमांड लेकर पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।
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सीआईए-2 प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि अमन की उम्र करीब 18 साल है और वह पेशे से प्लंबर है। पुलिस ने फायरिंग मामले में सबसे पहले आरोपी अमन को ही गिरफ्तार किया था। पुलिस गिरफ्त से भागने के प्रयास में आरोपी के दोनों पैर में चोट लग गई थी। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद पुलिस आरोपी को मौके पर निशानदेही के लिए लेकर गई। आरोपी से पूछताछ के दौरान मौके से पुलिस ने एक खाली कारतूस बरामद किया, जो उसे फायरिंग के एवज में दिए गए थे। जांच में सामने आया कि उसे और उसके साथियों को विदेश में बैठे गैंगस्टरों ने 40-50 हजार रुपये का लालच देकर इस वारदात के लिए तैयार किया था। कुछ रकम पहले दी गई थी, जबकि बाकी घटना के बाद मिलनी थी। 30 मार्च की रात हथियारबंद युवकों ने फैक्टरी पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं। हालांकि इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन पुलिस को मौके से 8 कारतूस मिले थे। सोशल मीडिया पर गैंगस्टर नोनी राणा और शुभम पंडित ने इसकी जिम्मेदारी भी ली थी। अब तक इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें हथियार सप्लायर भी शामिल है। पुलिस का मानना है कि यह एक संगठित गिरोह का हिस्सा है, जो सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को फंसा कर अपराध में धकेल रहा है। फिलहाल पुलिस रिमांड लेकर पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।

पूर्व विधायक की फैक्टरी पर फायरिंग मामले में आरोपी से निशानदेही करवाती पुलिस। संवाद
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