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Karnal News: सिख सम्मेलन में रखी गईं 16 मांगें, कमेटी गठित करने का एलान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 29 Sep 2025 12:24 AM IST
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16 demands placed at Sikh conference, announcement of formation of committee
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। कालिदास रंगशाला में रविवार को सिख सम्मेलन का आयोजन हरियाणा सरकार के 1984 के दंगा पीड़ित परिवारों को नौकरी के फैसले पर आभार व्यक्त करने के लिए किया गया था। लेकिन संयोजक त्रिलोचन सिंह ने सिख समाज की 16 और मांगों को भी केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के सामने रख दिया। मांगपत्र को पढ़ने के बाद केंद्रीय मंत्री ने एक कमेटी बनाने की बात कही। जो केंद्र व राज्य सरकार के साथ समाज के लोगों से भी बातचीत करेगी और मांगों को पूरा कराएगी।

चुनाव के दौरान सिखों की नाराजगी की खबरें भी आई थीं, लेकिन ऐसे समय में करनाल में लंबे समय से कांग्रेस का झंडा उठाने वाले त्रिलोचन सिंह ने भाजपा का दामन थाम लिया था। पिछले दिनों जब हरियाणा सरकार ने 1984 के दंगों में प्रभावित परिवारों को नौकरी देने का एलान किया तो उसी दिन त्रिलोचन सिंह ने करनाल में सिख सम्मेलन करके सरकार का आभार व्यक्त करने की घोषणा कर दी थी। चुनाव के बाद सम्मेलन तक सिखों को लाना बड़ी चुनौती थी। ऐसे में सम्मेलन से त्रिलोचन सिंह का कद बढ़ गया। इस मौके पर बलजीत सिंह दादूवाल, विधानसभा अध्यक्ष हरिवंद्र कल्याण, विधायक जगमोहन आनंद ने भी विचार रखे। इस मौके पर विधायक रामकुमार कश्यप, भगवानदास कबीरपंथी, विधायक योगेंद्र राणा, मेयर रेनू बाला गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीन लाठर, भाजपा नेता बृज गुप्ता, ओएसडी डॉ. प्रभलीन सिंह, कविंद्र राणा, बाबा शीशा सिंह डाचर, जतिंद्र सिंह गोविंदगढ़, बाबा जोगा सिंह, बाबा गुलाब सिंह, मनिंद्र सिंह संटी, अशोक खुराना, नीतू मान व अन्य मौजूद रहे।
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केंद्रीय मंत्री के सामने ये रखी गई 16 मांगे-



1- श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के नाम पर टेक्निकल यूनिवर्सिटी बनाई जाए।

2 - श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर करनाल के तरावड़ी में जीटी. रोड पर विशाल एवं भव्य द्वार बनाया जाए।



3. बाबा बंदा सिंह बहादुर व शहीदे आजम भगत सिंह के नाम पर पंजाब-अंबाला के बार्डर पर, पंजाब-सिरसा के बार्डर पर यादगार चिह्न बनाए जाएं।

4. करतारपुर साहिब का रास्ता खोने का धन्यवाद पर करतारपुर व ननकाना साहिब में जाने वाले दर्शनार्थियों की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए कोटा बढ़ाया जाए।



5. 2014 में भंग किए गए हरियाणा अल्पसंख्यक आयोग को फिर से बनाया जाना चाहिए।

6.डेरों पर किसान परिवार सहित रहते हैं, उन्हें आग्नेयास्त्र, बंदूक, छोटे हथियार के लाइसेंस दिए जाएं, ताकि वे आपात स्थिति में अपनी सुरक्षा कर सके। लाइसेंस प्रक्रिया में मेडिकल करने के दौरान निर्वस्त्र करने की शर्मनाक स्थिति को बंद कर सरल किया जाए।
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7- सिख समाज को आर्थिक आधार पर नौकरियों में अलग से आरक्षण दिया जाए।

8 गतका सिख धर्म की एक सशस्त्र संचालन विद्या है, हरियाणा में उचित सरंक्षण प्रशिक्षण तथा प्रसार के लिए उचित कदम उठाए जाएं।

9 -सिख समाज को अल्पसंख्यक होने का प्रमाण देने की सरल करके वहां के सरपंच / पार्षद और गुरुद्वारा साहिब से लिखे गए को मान्यता दी जाए।

10 - धर्मस्थलों को अपवित्र करने वालों के खिलाफ सरकार सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करे।

11- हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी व सिख धर्म प्रचार कमेटियों को सरकार और ज्यादा सशक्त करे।



12- हरियाणा की तर्ज पर ही दिल्ली व अन्य स्थलों पर जहां पर 1984 में जानमाल का नुकसान हुआ, उन पीड़ित परिवारों को सरकारी नौकरी दी जाए।



13- भविष्य में आप व मुख्यमंत्री जब यात्रा करें तो एतिहासिक गुरुद्वारा, श्री मंजी साहिब करनाल, गुरुद्वारा श्री तेग बहादुर जी तरावड़ी व गुरुद्वारा श्री छठी पातशाही, कुरुक्षेत्र को भी 30 कोस यात्रा में शामिल करें।



14 सिख समाज मांग करता है कि कानून के तहत जुर्म की सजा भुगत चुके बंदियों की तुरंत रिहाई की जाए।

15 सिख समाज के व्यक्ति को आतंकवादी या उग्रवादी कहने पर एससी समाज की तर्ज पर कानून बनाया जाए, जिसमें सजा का प्रावधान हो।

16 हरियाणा के सिख समाज को पुलिस भर्ती में प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए ताकि सिख मर्यादाओं का थानों के अंदर पालन हो सके।

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