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अनुबंध स्टाफ को हटाया तो जताया रोष
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कल्पना चावला मेडिकल कालेज में विरोध करती अनुबंध पर लगी स्टाफ नर्स।
करनाल। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में अनुबंध लगे 130 कर्मियों हटा दिया है। हटाए गए अनुबंध कर्मियों में 103 स्टाफ नर्स भी शामिल हैं। हटाए गए अनुबंध कर्मियों ने मेडिकल कॉलेज के निदेशक कार्यालय के बाहर जमकर रोष प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशासन से उनका अनुबंध बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कालेज प्रशासन के इस फैसले से उनके परिवार के समक्ष गुजर-बसर का संकट पैदा हो गया है।
स्टाफ नर्स ने आरोप लगाया कि उन्हें बिना नोटिस के ही 31 मार्च को यह कह दिया गया कि उन्हेें एक अप्रैल से ड्यूटी पर नहीं आना है, उन्हें हटाया दिया गया है। ऐसी करीब 103 स्टार्फ नर्स हैं, वहीं काउंसलर व लैब टेक्नीशियन भी है। करीब 130 अनुबंध के स्टाफ को हटाया गया है। हटाई गई स्टाफ नर्सोें ने बताया कि कोरोना की पहली लहर आने पर उन्हें उनकी क्वालिफिकेशन के आधार पर लगाया गया था। उन्होंने कोरोना कॉल में पूरी मेहनत से कार्य किया। उस दौरान कोरोना पॉजिटिव होने पर जहां 17 दिन होम आइसोलेट किया जाता था तो उन्हें कोरोना पॉजिटिव होने पर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन द्वारा 6 से 7 दिन में ही बुला लिया जाता था।
इस दौरान उनकी वजह से उनके परिवार के सदस्य भी कोरोना पॉजिटिव हुए लेकिन उसके बावजूद भी वह अपना कार्य मेहनत से करती रहीं। अब मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने उन्हें 31 मार्च को यह कह दिया कि एक अप्रैल से उन्हें ड्यूटी पर नहीं आना है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से उन्हें कोई नोटिस भी नहीं दिया गया। स्टाफ नर्सों का कहना है कि जब तक उन्हें वापस नौकरी पर नहीं रखा जाता, वह रोष प्रदर्शन करती रहेंगी। शनिवार को भी भारी संख्या में कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में रोष प्रदर्शन किया जाएगा।
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वर्जन....
कोरोना काल ने स्पेशल अनुमति पर सरकार ने इन कर्मचारियों को अनुबंध पर लगाया था। इन कर्मचारियों की एक्सटेंशन 31 मार्च तक थी, जिसे सरकार ने आगे नहीं बढ़ाया है। सरकार की ओर से इन्हें कार्यमुक्त करने के आदेश दिए हैं। यह आदेश पूरे प्रदेश में लागू किए गए हैं।
डॉ. हिमांशू मदान, कार्यवाहक निदेशक एवं एमएस कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज करनाल
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स्टाफ नर्स ने आरोप लगाया कि उन्हें बिना नोटिस के ही 31 मार्च को यह कह दिया गया कि उन्हेें एक अप्रैल से ड्यूटी पर नहीं आना है, उन्हें हटाया दिया गया है। ऐसी करीब 103 स्टार्फ नर्स हैं, वहीं काउंसलर व लैब टेक्नीशियन भी है। करीब 130 अनुबंध के स्टाफ को हटाया गया है। हटाई गई स्टाफ नर्सोें ने बताया कि कोरोना की पहली लहर आने पर उन्हें उनकी क्वालिफिकेशन के आधार पर लगाया गया था। उन्होंने कोरोना कॉल में पूरी मेहनत से कार्य किया। उस दौरान कोरोना पॉजिटिव होने पर जहां 17 दिन होम आइसोलेट किया जाता था तो उन्हें कोरोना पॉजिटिव होने पर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन द्वारा 6 से 7 दिन में ही बुला लिया जाता था।
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इस दौरान उनकी वजह से उनके परिवार के सदस्य भी कोरोना पॉजिटिव हुए लेकिन उसके बावजूद भी वह अपना कार्य मेहनत से करती रहीं। अब मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने उन्हें 31 मार्च को यह कह दिया कि एक अप्रैल से उन्हें ड्यूटी पर नहीं आना है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से उन्हें कोई नोटिस भी नहीं दिया गया। स्टाफ नर्सों का कहना है कि जब तक उन्हें वापस नौकरी पर नहीं रखा जाता, वह रोष प्रदर्शन करती रहेंगी। शनिवार को भी भारी संख्या में कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में रोष प्रदर्शन किया जाएगा।
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कोरोना काल ने स्पेशल अनुमति पर सरकार ने इन कर्मचारियों को अनुबंध पर लगाया था। इन कर्मचारियों की एक्सटेंशन 31 मार्च तक थी, जिसे सरकार ने आगे नहीं बढ़ाया है। सरकार की ओर से इन्हें कार्यमुक्त करने के आदेश दिए हैं। यह आदेश पूरे प्रदेश में लागू किए गए हैं।
डॉ. हिमांशू मदान, कार्यवाहक निदेशक एवं एमएस कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज करनाल