{"_id":"5fa055c88ebc3ec5ee58cb39","slug":"former-kaithal-news-knl496294130","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाकिसं ने गन्ने के रेटों में बढ़ोतरी को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाकिसं ने गन्ने के रेटों में बढ़ोतरी को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा
विज्ञापन
former
- फोटो : Kaithal
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय किसान संघ ने गन्ने के मूल्यों में बढ़ोतरी न होने और पेट्रोल पंपों पर गड़बड़ी को लेकर रोष जताकर एसडीएम को सीएम के नाम ज्ञापन सौंपे। उन्होंने पेट्रोल डालने में गड़बड़ी करने वालों की जांच की मांग रखी।
भारतीय किसान संघ के प्रदेश युवा प्रमुख गुलतान सिंह नैन, जिला अध्यक्ष सतीश कुमार, जिला प्रेस प्रवक्ता शीशपाल दाऊ, कुलदीप करोड़ा, श्रीराम, दीपक वालिया व शेरसिंह ने कहा कि बीते वर्ष भी भारतीय किसान संघ ने गन्ने के मूल्य में बढ़ोतरी की मांग की थी। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में मात्र 30 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। जबकि पूर्व सरकार में 2004-05 में 117 रुपये प्रति क्विंटल से 2013-114 में 310 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने का भाव कर दिया था। 193 रुपये भाव बढ़ाया गया था। ऐसे में किसानों की आमदनी दोगुना कैसे होगी? वर्तमान सरकार ने पिछले छह वर्षों में 340 रुपये प्रति क्विंटल भाव रखा। यह भेदभाव अच्छा नहीं है। भारतीय किसान संघ की मांग है कि किसान को गन्ने का भाव 400 रुपए प्रति क्विंटल दिया जाए।
गुलतान नैन ने कहा कि 27 अक्टूबर को अंबाला की टीम ने पंपों पर लगी 42 मशीनों की जांच की। जिसमें शुगर मिल पंप पर लगी मशीनों में गड़बड़ी मिली। किसानों ने कहा कि शुगर मिल में 2017-18 में चिप घोटाला पकड़ा गया था, उस मामले में भी कानूनी कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
वहीं शुगर मिल एमडी पूजा चावरिया ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट में यदि किसी की खामी पाई गई तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
भारतीय किसान संघ के प्रदेश युवा प्रमुख गुलतान सिंह नैन, जिला अध्यक्ष सतीश कुमार, जिला प्रेस प्रवक्ता शीशपाल दाऊ, कुलदीप करोड़ा, श्रीराम, दीपक वालिया व शेरसिंह ने कहा कि बीते वर्ष भी भारतीय किसान संघ ने गन्ने के मूल्य में बढ़ोतरी की मांग की थी। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में मात्र 30 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। जबकि पूर्व सरकार में 2004-05 में 117 रुपये प्रति क्विंटल से 2013-114 में 310 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने का भाव कर दिया था। 193 रुपये भाव बढ़ाया गया था। ऐसे में किसानों की आमदनी दोगुना कैसे होगी? वर्तमान सरकार ने पिछले छह वर्षों में 340 रुपये प्रति क्विंटल भाव रखा। यह भेदभाव अच्छा नहीं है। भारतीय किसान संघ की मांग है कि किसान को गन्ने का भाव 400 रुपए प्रति क्विंटल दिया जाए।
विज्ञापन
गुलतान नैन ने कहा कि 27 अक्टूबर को अंबाला की टीम ने पंपों पर लगी 42 मशीनों की जांच की। जिसमें शुगर मिल पंप पर लगी मशीनों में गड़बड़ी मिली। किसानों ने कहा कि शुगर मिल में 2017-18 में चिप घोटाला पकड़ा गया था, उस मामले में भी कानूनी कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
वहीं शुगर मिल एमडी पूजा चावरिया ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट में यदि किसी की खामी पाई गई तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।