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नेशनल हाइवे पुल के पास आई दरार ठीक करने पहुंचे जरनल मैनेजर की ग्रामीणों से हुई नोंक झोक
Updated Thu, 01 Nov 2018 12:56 AM IST
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नेशनल हाईवे पुल के पास आई दरार ठीक करने पहुंचे जनरल मैनेजर की ग्रामीणों से हुई नोक झोंक
फोटो नंबर-46
अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। हिसार-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर गांव खरक पांडवा में पुल के पास आई दरार को जांच कर ठीक करने के लिए आई नेशनल हाईवे अथॉरिटी टीम के साथ आए आईआरबी के जनरल मैनेजर व ग्रामीणों में तीखी नोक झोंक हुई।
बुधवार शाम करीब 4 बजे टीम के साथ पहुंचे राज मिस्त्री पुल के पास आई दरार को सिमेंट से भर रहे थे कि तभी गांव खरक पांडवा के दर्जनों लोग मौके पर पहुंच गए। इस बीच मौके पर मौजूद ग्रामीण और टीम ने एक दूसरे पर आरोप लगाए। गांव खरक पांडवा निवासी गंगा दयाल, इंद्र सिंह, सुनील, अनिल, सुभाष, राजकुमार, अमरीक, रमेश कुमार, रोशन, रामफल आदि ने आरोप लगाया कि नेशनल हाईवे अथारिटी टीम बगैर जांच किए दरारों को सिमेंट से भरकर लीपापोती कर रही है। यह ज्यादा दिन तक नहीं टिक सकती। ग्रामीणों ने यह आरोप भी लगाया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुल व सड़क का करीब एक वर्ष पहले पूरा हो चुका है। निर्माण एजेंसी ने अभी तक सर्विस रोड का निर्माण नहीं किया। हाईवे को जोड़ने वाले रास्तों पर रैंप आदि भी नहीं बनाए गए।
ग्रामीण नहीं कर रहे सहयोग : जीएम
आईआरबी के जनरल मैनेजर कर्नल दल सिंह ने बताया कि दरार माइनर है और स्लोव रेन वाटर सूट न बनने के कारण पानी एकत्रित हो जाता है। जिसका कारण नेशनल हाईवे व पुल बनाने के लिए जो जमीन एक्वायर की गई थी। इसमें से कुछ ग्रामीणों की राशि किसी दूसरे किसान के खाते में चली गई थी, जिसका केस डीआरओ के न्यायालय में चल रहा है। केस का फैसला होते ही पुल के साथ लगती सर्विस रोड के साथ-साथ स्लोव रेन वाटर सूट का निर्माण करवा दिया जाएगा। कुछ ग्रामीणों का निर्माण में सहयोग नहीं मिलने के कारण बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं।
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फोटो नंबर-46
अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। हिसार-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर गांव खरक पांडवा में पुल के पास आई दरार को जांच कर ठीक करने के लिए आई नेशनल हाईवे अथॉरिटी टीम के साथ आए आईआरबी के जनरल मैनेजर व ग्रामीणों में तीखी नोक झोंक हुई।
बुधवार शाम करीब 4 बजे टीम के साथ पहुंचे राज मिस्त्री पुल के पास आई दरार को सिमेंट से भर रहे थे कि तभी गांव खरक पांडवा के दर्जनों लोग मौके पर पहुंच गए। इस बीच मौके पर मौजूद ग्रामीण और टीम ने एक दूसरे पर आरोप लगाए। गांव खरक पांडवा निवासी गंगा दयाल, इंद्र सिंह, सुनील, अनिल, सुभाष, राजकुमार, अमरीक, रमेश कुमार, रोशन, रामफल आदि ने आरोप लगाया कि नेशनल हाईवे अथारिटी टीम बगैर जांच किए दरारों को सिमेंट से भरकर लीपापोती कर रही है। यह ज्यादा दिन तक नहीं टिक सकती। ग्रामीणों ने यह आरोप भी लगाया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुल व सड़क का करीब एक वर्ष पहले पूरा हो चुका है। निर्माण एजेंसी ने अभी तक सर्विस रोड का निर्माण नहीं किया। हाईवे को जोड़ने वाले रास्तों पर रैंप आदि भी नहीं बनाए गए।
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ग्रामीण नहीं कर रहे सहयोग : जीएम
आईआरबी के जनरल मैनेजर कर्नल दल सिंह ने बताया कि दरार माइनर है और स्लोव रेन वाटर सूट न बनने के कारण पानी एकत्रित हो जाता है। जिसका कारण नेशनल हाईवे व पुल बनाने के लिए जो जमीन एक्वायर की गई थी। इसमें से कुछ ग्रामीणों की राशि किसी दूसरे किसान के खाते में चली गई थी, जिसका केस डीआरओ के न्यायालय में चल रहा है। केस का फैसला होते ही पुल के साथ लगती सर्विस रोड के साथ-साथ स्लोव रेन वाटर सूट का निर्माण करवा दिया जाएगा। कुछ ग्रामीणों का निर्माण में सहयोग नहीं मिलने के कारण बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं।
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