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किसान गोष्ठी में दी मिश्रित खेती की जानकारी
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किसान गोष्ठी में दी मिश्रित खेती की जानकारी
फोटो संख्या-39
राजौंद। गांव किठाना के किसान राजबीर के फार्म पर किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें किसानों को मिश्रित खेती से आमदनी का साधन निश्चित करने बारे जानकारी दी गई। किसान गोष्ठी में लगभग 50 किसानों ने भाग लिया। किसान गोष्ठी में चंडीगढ़ से आए अधिकारी डा. आर आर ठाकुर ने किसानों को विस्तार से मिश्रित खेती बारे समझाया व उन किसानों को प्रोत्साहित किया। इसके अलावा गोष्ठी में वेस्ट डी-कमपोजर के प्रयोग से भूमि की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने व गले सड़े कचरे को गलाकर इससे खाद बनाने बारे किसानों को समझाया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह से किसान सस्ते बजट से ज्यादा लाभ कमा सकते है। इस दौरान डा. मनोज ने किसानों को भारत सरकार द्वारा संचालित स्वच्छता पखवाड़े के उपलब्ध में वेस्ट डी-कंपोजर में कूड़े कर्कट को नष्ट करके वातावरण को साफ रखना, खेतों की हरियाली बढ़ाना, मिश्रित खेती में सब्जी व फलदार पौधे लगाकर, थोड़े समय में आमदनी को पक्का करना व किसानों के ओरगैनिक उत्पाद को सही मूल्य दिलवाने बारे प्रोत्साहित किया गया। इस दौरान जैविक खेती को बढ़ावा देने वाले किसान राजबीर ने बताया कि शुरू कि दिनों में उनकी खेती की पैदावार जरूर कम रही लेकिन अभी उनकी सभी फसलों की पैदावार लगभग सामान्य औसत से निकल रही है। जबकि उन्होंने फसलों में कभी भी कीटनाशक का प्रयोग नही किया।
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राजौंद। गांव किठाना के किसान राजबीर के फार्म पर किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें किसानों को मिश्रित खेती से आमदनी का साधन निश्चित करने बारे जानकारी दी गई। किसान गोष्ठी में लगभग 50 किसानों ने भाग लिया। किसान गोष्ठी में चंडीगढ़ से आए अधिकारी डा. आर आर ठाकुर ने किसानों को विस्तार से मिश्रित खेती बारे समझाया व उन किसानों को प्रोत्साहित किया। इसके अलावा गोष्ठी में वेस्ट डी-कमपोजर के प्रयोग से भूमि की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने व गले सड़े कचरे को गलाकर इससे खाद बनाने बारे किसानों को समझाया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह से किसान सस्ते बजट से ज्यादा लाभ कमा सकते है। इस दौरान डा. मनोज ने किसानों को भारत सरकार द्वारा संचालित स्वच्छता पखवाड़े के उपलब्ध में वेस्ट डी-कंपोजर में कूड़े कर्कट को नष्ट करके वातावरण को साफ रखना, खेतों की हरियाली बढ़ाना, मिश्रित खेती में सब्जी व फलदार पौधे लगाकर, थोड़े समय में आमदनी को पक्का करना व किसानों के ओरगैनिक उत्पाद को सही मूल्य दिलवाने बारे प्रोत्साहित किया गया। इस दौरान जैविक खेती को बढ़ावा देने वाले किसान राजबीर ने बताया कि शुरू कि दिनों में उनकी खेती की पैदावार जरूर कम रही लेकिन अभी उनकी सभी फसलों की पैदावार लगभग सामान्य औसत से निकल रही है। जबकि उन्होंने फसलों में कभी भी कीटनाशक का प्रयोग नही किया।