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Kaithal News: ग्रामीणों ने बनाई आंदोलन तेज करने की रणनीति, डीसी से मिलकर रखेंगे समस्या
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06 ढांड 02 जनस्वास्थ्य विभाग के खिलाफ धरना देते चंदलाना के ग्रामीण।(संवाद)
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ढांड। ढांड के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के गंदे पानी की निकासी चंदलाना गांव से होकर खेतों में निकल रही ड्रेन में डालने के विरोध में ग्रामीणों का धरना रविवार को 10वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन को तेज करने के लिए रविवार को धरनास्थल पर ग्रामीणों ने बैठक कर आगामी रणनीति पर विचार-विमर्श किया। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि अगले दो दिनों में वे उपायुक्त कैथल से व्यक्तिगत रूप से मिलकर अपनी समस्या रखेंगे। इसके साथ ही कमेटी के माध्यम से भी प्रशासन के समक्ष अपना पक्ष रखा जाएगा। डीसी की ओर से मिलने वाले आश्वासन के बाद ग्राम सभा की बैठक बुलाकर आगे के आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। ग्रामीणों ने कहा कि धरनास्थल पर पहुंचकर उनकी समस्या सुनने के लिए विधायक सतपाल जांबा और जिला परिषद अध्यक्ष कर्मबीर कौल को बुलाया गया था लेकिन दोनों जनप्रतिनिधि ग्रामीणों के बीच नहीं पहुंचे। ग्राम सभा की आगामी बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जनप्रतिनिधियों का रवैया इसी तरह उदासीन रहा तो उनके बहिष्कार का फैसला भी लिया जा सकता है।
अधिकारी-जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत की आशंका
ग्रामीणों ने एक बार फिर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया के दौरान नियमों और शर्तों को दरकिनार कर चंदलाना गांव से सीवरेज के गंदे पानी की निकासी करवाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का ग्रामीणों की समस्या सुनने के लिए चंदलाना नहीं पहुंचना भी कई सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि कहीं जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत तो नहीं है। ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि खेतों में जाने वाले पानी की ड्रेन को सीवरेज के गंदे पानी की निकासी का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और ग्रामीणों की सहमति के बिना निकासी व्यवस्था लागू नहीं करने की मांग की।
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ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि अगले दो दिनों में वे उपायुक्त कैथल से व्यक्तिगत रूप से मिलकर अपनी समस्या रखेंगे। इसके साथ ही कमेटी के माध्यम से भी प्रशासन के समक्ष अपना पक्ष रखा जाएगा। डीसी की ओर से मिलने वाले आश्वासन के बाद ग्राम सभा की बैठक बुलाकर आगे के आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। ग्रामीणों ने कहा कि धरनास्थल पर पहुंचकर उनकी समस्या सुनने के लिए विधायक सतपाल जांबा और जिला परिषद अध्यक्ष कर्मबीर कौल को बुलाया गया था लेकिन दोनों जनप्रतिनिधि ग्रामीणों के बीच नहीं पहुंचे। ग्राम सभा की आगामी बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जनप्रतिनिधियों का रवैया इसी तरह उदासीन रहा तो उनके बहिष्कार का फैसला भी लिया जा सकता है।
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अधिकारी-जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत की आशंका
ग्रामीणों ने एक बार फिर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया के दौरान नियमों और शर्तों को दरकिनार कर चंदलाना गांव से सीवरेज के गंदे पानी की निकासी करवाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का ग्रामीणों की समस्या सुनने के लिए चंदलाना नहीं पहुंचना भी कई सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि कहीं जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत तो नहीं है। ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि खेतों में जाने वाले पानी की ड्रेन को सीवरेज के गंदे पानी की निकासी का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और ग्रामीणों की सहमति के बिना निकासी व्यवस्था लागू नहीं करने की मांग की।

06 ढांड 02 जनस्वास्थ्य विभाग के खिलाफ धरना देते चंदलाना के ग्रामीण।(संवाद)
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