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नोटबंदी से बढ़ी पॉस मशीनों की डिमांड, जिला में हुई 550 मशीनों की बढ़ोतरी

Tue, 14 Nov 2017 12:08 AM IST
Updated Tue, 14 Nov 2017 12:08 AM IST
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नोटबंदी से बढ़ी पॉस मशीनों की डिमांड, जिला में हुई 550 मशीनों की बढ़ोतरी

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नोटबंदी से बढ़ी पीओएस मशीनों की डिमांड, जिला में हुई 550 मशीनों की बढ़ोतरी

अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नोटबंदी के बाद सरकार ने जहां कैशलेस को बढ़ावा दिया है। वहीं जिले में पिछले एक साल में पीओएस मशीनों का व्यापार के इस्तेमाल में भारी भरकम इजाफा हुआ है। व्यापारियों के मुताबिक पीओएस मशीनों से पहले से अधिक समय की बचत होने लगी है। जिससे बैंकों के चक्कर कम हुए है। वहीं कुछ व्यापारियों का यह भी कहना है कि इंटरनेट की समस्या होने के कारण थोड़ी परेशानी है। लेकिन उम्मीद है कि समय के बाद समाधान होगा। लीड बैंक मैनेजार आरके कटारिया से मिली जानकारी के अनुसार नोटबंदी से पहले जिला के बाजार में केवल 226 पीओएस मशीनें थी जो केवल एक वर्ष के बाद 731 पीओएस मशीनें है।
मशीनों के प्रयोग से व्यापार में आई पारदर्शिता:-दुकानदार सोहन लाल ने कहा कि सरकार द्वारा किया गया नोटबंदी का फैसला काफी सराहनीय है। उन्होंने बताया कि नोटबंदी के दौरान कैश की किल्लत हुई तो सरकार ने पीओएस मशीनों को तेजी से मार्केट में उतारा जिससे व्यापारी वर्ग की परेशानी कम हुई। उसने बताया पीओएस मशीनों के प्रयोग के बाद से व्यापार में पारदर्शिता आई है।
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व्यापार करना आसान:-दुकानदार रामफल सैनी ने बताया कि नोटबंदी के बाद पीओएस मशीनों के प्रयोग के बाद से व्यापारियों को अब रोजाना बैंक में नहीं जाना पड़ता। यदि कोई अधिक जरूरी काम हो तो ही बैंक के चक्कर नहीं काटने पड़ते। पीओएस मशीनों के बाद से व्यापार करना काफी आसान हुआ है। जिससे लोग अपने क्रेडिट और डेबिट कार्ड से आसानी से खरीदारी भी कर सकता है।
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बाजार में पॉस मशीनों की डिमांड बढ़ी:-दुकानदार रणधीर ने बताया कि नोटबंदी के एक वर्ष के बाद बाजार में पीओएस मशीनों की डिमांड बढ़ी है। पीओएस मशीनों के प्रयोग से ग्राहक व दुकानदार दोनों को फायदा मिला है। नोटबंदी के दौरान बढ़ी नकदी की समस्या का पीओएस मशीनों के प्रयोग से समाधान हुआ था। नोटबंदी के बाद पीओएस मशीनों का प्रयोग काफी सफल रहा है।

इंटरनेट स्पीड न होना समस्या:-दुकानदार गौरव ने कहा कि जिस समय नोटबंदी हुई थी तो सरकार ने तेजी से कैशलेस को बढ़ावा दिया। जिसके बाद पीओएस मशीनों का प्रयोग भी बढ़ा है। लेकिन इंटरनेट स्पीड के कमजोर होने के कारण यह अधिक कामयाब नहीं हो पाया है। नोटबंदी के शुरुआती दौर में अधिकतर दुकानदारों ने बैंक के माध्यम से प्राप्त किया।

एक वर्ष पहले थी केवल 220 मशीनें अब हुई 731 पॉस मशीनें
व्यापारी बोले, मशीनों से होती समय की बचत, बैंको के चक्कर भी हुए कम,
अभी इंटरनेट की है थोड़ी परेशानी, कुछ समय के बाद होगा समाधान
फोटो नंबर 1 से 5
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