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134ए के तहत स्कूल व शिक्षा विभाग आमने-सामने
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134ए के तहत स्कूल व शिक्षा विभाग आमने-सामने
कैथल। 134 ए के तहत दाखिले को लेकर अब स्कूल संचालक व शिक्षा विभाग आमने-सामने आ गया है। बुधवार को निजी स्कूल वेल्फेयर एसोसिएशन ने मीडिया के सामने ऐलान कर दिया कि भुगतान ना होने तक वे इस बार बच्चों को किसी भी सूरत में दाखिला नहीं देंगे। यदि विभाग ने दबाव डाला तो स्कूलों को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया जाएगा। वहीं डीईओ ने सभी बीईओ की बैठक लेकर स्पष्ट आदेश जारी कर दिए हैं कि यदि कोई स्कूल बच्चों को दाखिला नहीं देता है और अभिभावक शिकायत दें तो ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करें। उसे तुरंत जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से डायरेक्टरेट में भेज दिया जाएगा। वीरवार को उन सभी 30 स्कूल संचालकों को बुलाकर अंतिम अवसर दिया जाएगा, जिनकी सीएम विंडो में शिकायत गई हुई है। इसके बाद इनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की सिफारिश कर दी जाएगी।
बुधवार सुबह डीईओ कार्यालय में निजी स्कूल संचालक वेल्फेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने जिला शिक्षा अधिकारी जोगेंद्र हुड्डा से मुलाकात की। जिसमें डीईओ ने स्कूल संचालकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को दाखिला दे दें। सरकार उनका नियमानुसार भुगतार करेगी। लेकिन स्कूल संचालक भुगतान होने तक दाखिला ना देने की बात पर अड़े रहे। इसके बाद एसोसिएशन सदस्यों ने एक निजी होटल में मीडिया से बातचीत में ऐलान किया कि जब कि विभाग स्कूल संचालकों को पिछले तीन साल के बकाये का भुगतान नहीं करता, जो अकेले कैथल में करीब 50 करोड़ रुपये बनता है, तब तक वे बच्चों को दाखिला नहीं देंगे। यदि प्रशासन ने दबाव डाला तो स्कूलों को बंद कर दिया जाएगा। जिसकी जिम्मेवारी प्रशासन की होगी। पिछले पांच माह से वे अपनी बकाया राशि के भुगतान के लिए भटक रहे हैं। विभाग ने इस साल के लिए जो निर्देश जारी किए हैं, उन निर्देशों से कोई परेशानी नहीं हैं। उनकी मांग पिछले भुगतान की है। इस अवसर पर स्कूल वेलफेयर के प्रधान राजेश मुंजाल, जगजीत माजरा, बलविंद्र सिंह, लाभ सिंह लैलर, महीपाल सिंह, अतुल शर्मा, वरुण जैन, हरपाल सिंह सहित काफी संख्या में स्कूल संचालक मौजूद थे।
डीईओ ने कहा-जिन स्कूलों की सीएम विंडो में शिकायत है, उन्हें आज दिया जाएगा अंतिम अवसर
कैथल। डीईओ जोगेंद्र हुड्डा ने कहा कि निजी स्कूलों को सरकार के निर्देशानुसार दाखिले देने होंगे। इसके लिए बीईओ की बैठक ली गई। जिसमें उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश डीईओ कार्यालय में भेजें, जो दाखिले से इंकार कर रहे हैं। ताकि उस सिफारिश को अगली कार्रवाई के लिए डायरेक्टरेट में भेजा जा सके। बीईओ कार्यालय द्वारा पहले ही ऐसे स्कूल संचालकों को नोटिस जारी किए हुए हैं। विभागीय स्तर पर फैसला लिया जाना है कि ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई में मान्यता रद्द होती है या फिर अन्य कार्रवाई। डीईओ ने बताया कि कैथल में 30 ऐसे स्कूल हैं, जिनकी अभिभावकों ने सीएम विंडो में शिकायत की हुई है। इन सभी स्कूल संचालकों को वीरवार को अंतिम अवसर दिया जाएगा। यदि वे दाखिले के लिए सहमत नहीं हुए तो इन स्कूलों के खिलाफ वीरवार को ही कार्रवाई के लिए लिख दिया जाएगा।
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कैथल। 134 ए के तहत दाखिले को लेकर अब स्कूल संचालक व शिक्षा विभाग आमने-सामने आ गया है। बुधवार को निजी स्कूल वेल्फेयर एसोसिएशन ने मीडिया के सामने ऐलान कर दिया कि भुगतान ना होने तक वे इस बार बच्चों को किसी भी सूरत में दाखिला नहीं देंगे। यदि विभाग ने दबाव डाला तो स्कूलों को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया जाएगा। वहीं डीईओ ने सभी बीईओ की बैठक लेकर स्पष्ट आदेश जारी कर दिए हैं कि यदि कोई स्कूल बच्चों को दाखिला नहीं देता है और अभिभावक शिकायत दें तो ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करें। उसे तुरंत जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से डायरेक्टरेट में भेज दिया जाएगा। वीरवार को उन सभी 30 स्कूल संचालकों को बुलाकर अंतिम अवसर दिया जाएगा, जिनकी सीएम विंडो में शिकायत गई हुई है। इसके बाद इनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की सिफारिश कर दी जाएगी।
बुधवार सुबह डीईओ कार्यालय में निजी स्कूल संचालक वेल्फेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने जिला शिक्षा अधिकारी जोगेंद्र हुड्डा से मुलाकात की। जिसमें डीईओ ने स्कूल संचालकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को दाखिला दे दें। सरकार उनका नियमानुसार भुगतार करेगी। लेकिन स्कूल संचालक भुगतान होने तक दाखिला ना देने की बात पर अड़े रहे। इसके बाद एसोसिएशन सदस्यों ने एक निजी होटल में मीडिया से बातचीत में ऐलान किया कि जब कि विभाग स्कूल संचालकों को पिछले तीन साल के बकाये का भुगतान नहीं करता, जो अकेले कैथल में करीब 50 करोड़ रुपये बनता है, तब तक वे बच्चों को दाखिला नहीं देंगे। यदि प्रशासन ने दबाव डाला तो स्कूलों को बंद कर दिया जाएगा। जिसकी जिम्मेवारी प्रशासन की होगी। पिछले पांच माह से वे अपनी बकाया राशि के भुगतान के लिए भटक रहे हैं। विभाग ने इस साल के लिए जो निर्देश जारी किए हैं, उन निर्देशों से कोई परेशानी नहीं हैं। उनकी मांग पिछले भुगतान की है। इस अवसर पर स्कूल वेलफेयर के प्रधान राजेश मुंजाल, जगजीत माजरा, बलविंद्र सिंह, लाभ सिंह लैलर, महीपाल सिंह, अतुल शर्मा, वरुण जैन, हरपाल सिंह सहित काफी संख्या में स्कूल संचालक मौजूद थे।
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डीईओ ने कहा-जिन स्कूलों की सीएम विंडो में शिकायत है, उन्हें आज दिया जाएगा अंतिम अवसर
कैथल। डीईओ जोगेंद्र हुड्डा ने कहा कि निजी स्कूलों को सरकार के निर्देशानुसार दाखिले देने होंगे। इसके लिए बीईओ की बैठक ली गई। जिसमें उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश डीईओ कार्यालय में भेजें, जो दाखिले से इंकार कर रहे हैं। ताकि उस सिफारिश को अगली कार्रवाई के लिए डायरेक्टरेट में भेजा जा सके। बीईओ कार्यालय द्वारा पहले ही ऐसे स्कूल संचालकों को नोटिस जारी किए हुए हैं। विभागीय स्तर पर फैसला लिया जाना है कि ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई में मान्यता रद्द होती है या फिर अन्य कार्रवाई। डीईओ ने बताया कि कैथल में 30 ऐसे स्कूल हैं, जिनकी अभिभावकों ने सीएम विंडो में शिकायत की हुई है। इन सभी स्कूल संचालकों को वीरवार को अंतिम अवसर दिया जाएगा। यदि वे दाखिले के लिए सहमत नहीं हुए तो इन स्कूलों के खिलाफ वीरवार को ही कार्रवाई के लिए लिख दिया जाएगा।
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